नोएडा: जहाँ एक ओर भीषण गर्मी और नवतपा के प्रचंड तापमान ने आम जनजीवन को प्रभावित कर रखा है, वहीं दूसरी ओर फर्स्ट रिहैब फाउंडेशन के दिव्यांग बच्चों ने मानवता, सेवा और सामाजिक संवेदनशीलता की अद्भुत मिसाल पेश की। फाउंडेशन के बच्चों ने सड़क पर काम कर रहे मजदूरों, रिक्शा चालकों, राहगीरों और जरूरतमंद लोगों को ठंडा जूस, टैंग और रूह अफ़ज़ा का मीठा शरबत वितरित कर उन्हें भीषण गर्मी से राहत पहुंचाई।
फर्स्ट रिहैब फाउंडेशन का उद्देश्य केवल दिव्यांग बच्चों का पुनर्वास करना नहीं, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर आत्मनिर्भर, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए बच्चों ने स्वयं अपने हाथों से शरबत तैयार किया और पूरे उत्साह एवं सेवा भावना के साथ लोगों को वितरित किया।
नवतपा और हीट वेव के बीच राहत की पहल
वर्तमान समय में नवतपा के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है और हीट वेव जैसी स्थिति आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। ऐसे समय में फाउंडेशन की यह पहल केवल सेवा कार्य नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण संदेश भी है कि भीषण गर्मी में जरूरतमंद लोगों की सहायता करना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है।
निर्जला एकादशी जैसे पुण्य अवसर पर आयोजित इस सेवा कार्यक्रम ने धार्मिक, सामाजिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी विशेष महत्व प्राप्त किया। सेंटर मैनेजर सुरभि जैन ने बताया कि निर्जला एकादशी पर जल वितरण का विशेष महत्व माना जाता है। वैज्ञानिक रूप से भी तेज गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखना अत्यंत आवश्यक होता है। ऐसे सेवा कार्य बच्चों में सामाजिक संस्कार, सहानुभूति और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान विकसित करते हैं।
#Noida भीषण गर्मी व नवतपा के बीच @Firstonerehab के दिव्यांग बच्चों ने मानवता की मिसाल पेश की!
बच्चों ने मजदूरों, रिक्शा चालकों व राहगीरों को जूस, टंग और मीठा शरबत वितरित कर गर्मी से राहत दिलाई!
सेवा के साथ बच्चों ने समाज को संवेदनशीलता और संस्कार का संदेश भी दिया!#HeatWave pic.twitter.com/26ml66Bwq3
— PARDAPHAAS NEWS (@pardaphaas) May 26, 2026
बच्चों की सेवा भावना ने जीता सबका दिल
श्रमिकों और राहगीरों ने जब इस भीषण गर्मी में ठंडा शरबत प्राप्त किया तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। लोगों ने दिव्यांग बच्चों की इस सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जहाँ लोग अपने स्वार्थ में व्यस्त रहते हैं, वहीं ये बच्चे समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
इस अवसर पर फर्स्ट रिहैब फाउंडेशन के निदेशक एवं फिजियोथेरेपिस्ट एवं एर्गोनोमिस्ट डॉ. महिपाल सिंह, प्रबंध निदेशक डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव, विंसम स्टेप्स की प्रबंध निदेशक श्रीमती पूनम मिश्रा, फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुष्मिता भाटी, एडमिन हेड कृष्णा यादव, स्पेशल एजुकेटर एलिका रावत तथा फिजियोथेरेपिस्ट अभिनव प्रताप सिंह उपस्थित रहे।
समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश
फर्स्ट रिहैब फाउंडेशन के दिव्यांग बच्चों द्वारा किया गया यह सेवा कार्य यह संदेश देता है कि संवेदनशीलता और मानवता किसी शारीरिक सीमा की मोहताज नहीं होती। यदि समाज का हर व्यक्ति अपने आसपास जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आए, तो भीषण गर्मी जैसी परिस्थितियों में अनेक लोगों को राहत मिल सकती है।
यह पहल न केवल सेवा का उदाहरण है, बल्कि समाज को मानवता, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ाती है।














