नई दिल्ली :भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम के गठन के साथ संगठन और डिजिटल रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। लंबे समय से पार्टी के सोशल मीडिया और आईटी सेल की कमान संभाल रहे अमित मालवीय अब इस जिम्मेदारी से मुक्त हो गए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सोशल मीडिया विभाग की अहम जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ से जुड़े युवा नेता दीपक म्हस्के को सौंपी गई है। वहीं, प्रीति गांधी को आईटी सेल का सह-संयोजक बनाया गया है।
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय राजनीति का बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया, डिजिटल नैरेटिव, ऑनलाइन कैंपेन और युवाओं के बीच संवाद के इर्द-गिर्द घूम रहा है। ऐसे में भाजपा द्वारा सोशल मीडिया की कमान एक नए चेहरे को सौंपना महज संगठनात्मक फेरबदल नहीं, बल्कि आने वाले राजनीतिक मुकाबलों के लिए पार्टी की डिजिटल रणनीति में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
11 साल बाद बदली डिजिटल कमान, अमित मालवीय की जगह दीपक म्हस्के
अमित मालवीय करीब एक दशक से भाजपा के आईटी और सोशल मीडिया तंत्र का प्रमुख चेहरा रहे हैं। वर्ष 2014-15 के आसपास जब भाजपा ने डिजिटल राजनीति को संगठन की मुख्य रणनीति का हिस्सा बनाना शुरू किया, उसी दौर में मालवीय को पार्टी के आईटी सेल की राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिली थी। इसके बाद पार्टी के कई राष्ट्रीय अध्यक्ष बदले, संगठन में कई बड़े फेरबदल हुए, लेकिन डिजिटल मोर्चे पर अमित मालवीय अपनी जगह कायम रहे।
लगभग 11 वर्षों तक उन्होंने भाजपा के डिजिटल कम्युनिकेशन, सोशल मीडिया अभियानों और ऑनलाइन समर्थक नेटवर्क को संभाला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के विशाल डिजिटल नेटवर्क को विस्तार देने में मालवीय की भूमिका लगातार चर्चा में रही।
अब नितिन नबीन की नई टीम में उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। हालांकि, मालवीय ने नई जिम्मेदारी पाने वाले नेताओं को सार्वजनिक रूप से बधाई देकर अपने कार्यकाल के समापन को सकारात्मक संदेश के साथ पेश किया है।
कौन हैं दीपक म्हस्के? डिजिटल राजनीति के नए चेहरे पर BJP का भरोसा
दीपक म्हस्के छत्तीसगढ़ से जुड़े भाजपा नेता हैं और संगठन के साथ-साथ मीडिया तथा डिजिटल गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। पार्टी के भीतर उन्हें तकनीक की समझ रखने वाले, ऊर्जावान और रणनीतिक सोच वाले नेता के तौर पर देखा जाता है।
म्हस्के पहले भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा संगठनात्मक गतिविधियों और मीडिया से जुड़े कामों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। हाल के वर्षों में उन्हें छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन यानी CGMSC का चेयरमैन भी नियुक्त किया गया था। वर्तमान में उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है।
राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक के तौर पर उनकी नियुक्ति से यह संकेत साफ है कि भाजपा डिजिटल प्लेटफॉर्म को केवल प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि संगठन, संवाद और राजनीतिक रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में आगे बढ़ाना चाहती है।
नितिन नबीन से करीबी भी बनी बड़ी वजह?
दीपक म्हस्के की नियुक्ति को भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की संगठनात्मक टीम के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। नितिन नबीन पहले छत्तीसगढ़ के प्रभारी रह चुके हैं। उस दौरान राज्य में संगठन से जुड़े कामों में दीपक म्हस्के की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में साथ काम करने के दौरान दोनों नेताओं के बीच बेहतर समन्वय बना। यही संगठनात्मक तालमेल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। नबीन ने अपनी नई टीम में जिन चेहरों पर भरोसा जताया है, उनमें म्हस्के का नाम सबसे महत्वपूर्ण नियुक्तियों में शामिल है।
हालांकि राजनीतिक हलकों में किसी भी नियुक्ति के पीछे केवल व्यक्तिगत समीकरणों को कारण मानना जल्दबाजी होगी। म्हस्के के संगठनात्मक अनुभव, मीडिया की समझ और डिजिटल गतिविधियों से लंबे जुड़ाव को भी उनकी नियुक्ति की अहम वजह माना जा रहा है।
सोशल मीडिया अब सिर्फ प्रचार नहीं, चुनावी रणनीति का सबसे बड़ा हथियार
भारतीय राजनीति में सोशल मीडिया की भूमिका पिछले एक दशक में तेजी से बदली है। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म अब राजनीतिक दलों के लिए जनता तक संदेश पहुंचाने के साथ-साथ जनमत को प्रभावित करने, विपक्ष के नैरेटिव का जवाब देने और युवाओं तक पहुंच बनाने के महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं।
भाजपा इस डिजिटल राजनीति में लंबे समय से आक्रामक रणनीति के लिए जानी जाती है। पार्टी का सोशल मीडिया नेटवर्क देशभर में लाखों समर्थकों और कार्यकर्ताओं को जोड़ने वाला बड़ा तंत्र बन चुका है।
ऐसे समय में सोशल मीडिया विभाग की कमान बदलना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आने वाले वर्षों में कई राज्यों में चुनावी मुकाबले होने हैं। युवा मतदाता, पहली बार वोट करने वाले नागरिक और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय वर्ग राजनीतिक दलों की रणनीति के केंद्र में हैं।
दीपक म्हस्के के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस विशाल डिजिटल नेटवर्क को नई तकनीक, नए प्लेटफॉर्म और बदलते ऑनलाइन व्यवहार के अनुरूप आगे बढ़ाने की होगी।
अमित मालवीय ने नई टीम को दी बधाई, म्हस्के के लिए कही बड़ी बात
जिम्मेदारी से मुक्त किए जाने के बाद अमित मालवीय ने सोशल मीडिया के जरिए भाजपा की नई टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नए पदाधिकारियों की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पार्टी नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने और अपने संदेश तथा संगठन को देश के हर कोने तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
मालवीय ने विशेष तौर पर दीपक म्हस्के को बधाई देते हुए कहा कि वह भाजपा के सोशल मीडिया विभाग के प्रमुख के तौर पर उनकी जगह लेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया विभाग के नए सह-संयोजकों प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव को भी शुभकामनाएं दीं।
मालवीय का यह संदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने अपनी विदाई को किसी विवाद या असहमति के बजाय संगठन की स्वाभाविक प्रक्रिया के रूप में पेश किया।
उन्होंने भरोसा जताया कि नए नेतृत्व के तहत भाजपा का डिजिटल कम्युनिकेशन नई ऊंचाइयों को छुएगा और स्पष्टता, रचनात्मकता तथा विश्वास के साथ देश की जन-चर्चा को प्रभावित करता रहेगा।
मालवीय का डिजिटल सफर: 2014 से BJP की ऑनलाइन राजनीति का चेहरा
अमित मालवीय का भाजपा आईटी सेल से जुड़ाव उस दौर में हुआ जब देश की राजनीति में सोशल मीडिया तेजी से निर्णायक भूमिका हासिल कर रहा था। 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने डिजिटल प्लेटफॉर्म को संगठनात्मक रणनीति में और मजबूती से शामिल किया।
मालवीय के नेतृत्व में पार्टी ने सोशल मीडिया को केवल नेताओं के बयान प्रसारित करने वाले माध्यम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे अभियान, संदेश प्रबंधन, समर्थक नेटवर्क और राजनीतिक प्रतिक्रिया के लिए व्यापक प्लेटफॉर्म के तौर पर विकसित किया।
करीब 11 वर्षों के कार्यकाल में भाजपा का डिजिटल इकोसिस्टम काफी बड़ा हुआ। सोशल मीडिया पर पार्टी समर्थकों का एक विशाल नेटवर्क तैयार हुआ, जिसने चुनावों से लेकर राजनीतिक मुद्दों तक पार्टी के संदेश को तेजी से फैलाने में भूमिका निभाई।
अब इस व्यवस्था को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दीपक म्हस्के के कंधों पर होगी।
नितिन नबीन की टीम में स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में केवल सोशल मीडिया विभाग में बदलाव नहीं हुआ है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम में कई अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और भाजपा के रणनीतिकार राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की टीम में छह महिलाओं को शामिल किया गया है। इस तरह पार्टी की नई टीम में महिला प्रतिनिधित्व को भी महत्वपूर्ण स्थान मिला है।
इस टीम को देखकर साफ है कि भाजपा ने अनुभव और नई पीढ़ी के नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। एक तरफ स्मृति ईरानी और राम माधव जैसे अनुभवी चेहरे हैं, तो दूसरी तरफ डिजिटल और संगठनात्मक क्षेत्र में सक्रिय युवा नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
नई टीम के सामने बड़ी चुनौती: संगठन से लेकर डिजिटल नैरेटिव तक
नितिन नबीन की नई टीम ऐसे दौर में काम शुरू कर रही है जब राजनीतिक मुकाबला केवल जमीन पर नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी तेजी से बढ़ रहा है।
विपक्षी दलों के सोशल मीडिया नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहे हैं। क्षेत्रीय मुद्दे कुछ ही घंटों में राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन जाते हैं। वीडियो, मीम, शॉर्ट्स, लाइव स्ट्रीम और एआई आधारित कंटेंट ने राजनीतिक संचार का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया है।
ऐसे में भाजपा के नए सोशल मीडिया संयोजक दीपक म्हस्के के सामने केवल पार्टी के संदेश को आगे बढ़ाने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि बदलते डिजिटल वातावरण में पार्टी की विश्वसनीयता, त्वरित प्रतिक्रिया और कार्यकर्ताओं की ऑनलाइन भागीदारी को मजबूत करना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी।
मालवीय ने समर्थकों को कहा—यह परिवार हमेशा ताकत बना रहेगा
अपने संदेश में अमित मालवीय ने भाजपा के सोशल मीडिया समर्थकों का भी विशेष तौर पर धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का विशाल डिजिटल समर्थक आधार प्रतिबद्धता, ऊर्जा और नए विचारों से भरा समुदाय है, जिसने हर उतार-चढ़ाव में पार्टी का साथ दिया है।
उन्होंने अपने करीब 11 वर्षों के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि इस दौरान उन्हें अनेक लोगों से मिलने और बातचीत करने का अवसर मिला और ये अनुभव उनके लिए हमेशा विशेष रहेंगे।
मालवीय ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी सोशल मीडिया समर्थक भाजपा और उनके बाद जिम्मेदारी संभालने वाले नेताओं को अपना पूरा समर्थन देते रहेंगे।
अब म्हस्के के सामने मालवीय की विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती
भाजपा के सोशल मीडिया विभाग की कमान बदलना पार्टी की डिजिटल राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है। अमित मालवीय ने करीब 11 वर्षों में जिस डिजिटल नेटवर्क को खड़ा किया, उसे आगे बढ़ाना दीपक म्हस्के के लिए आसान जिम्मेदारी नहीं होगी।
उनके सामने एक तरफ मालवीय की स्थापित डिजिटल विरासत है, तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया की तेजी से बदलती दुनिया। युवा मतदाताओं की नई पसंद, नए डिजिटल प्लेटफॉर्म, एआई तकनीक और तेजी से बदलते राजनीतिक नैरेटिव के बीच भाजपा को अपनी डिजिटल रणनीति को लगातार अपडेट करना होगा।
दीपक म्हस्के की नियुक्ति से इतना जरूर स्पष्ट है कि भाजपा आने वाले राजनीतिक मुकाबलों में डिजिटल मोर्चे को बेहद गंभीरता से ले रही है।
अमित मालवीय की 11 साल लंबी पारी के बाद अब भाजपा के डिजिटल मंच की कमान दीपक म्हस्के के हाथ में है। नितिन नबीन की नई टीम के सामने चुनौती सिर्फ संगठन को मजबूत करने की नहीं, बल्कि बदलते डिजिटल भारत में भाजपा के राजनीतिक संदेश को नई भाषा, नई तकनीक और नई रणनीति के साथ आगे ले जाने की भी है।














