“कर्तव्य पथ पर जलेंगे सवा लाख आशीर्वाद के दीये, दिल्ली समेत कई राज्यों में सेवा संकल्प अभियान; विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास से मनाया जाएगा प्रधानमंत्री का जन्मदिन”
नई दिल्ली, 17 सितंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर आज देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दिल्ली समेत कई राज्यों में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जनसेवा और विकास से जुड़े कार्यक्रम होंगे। इस दौरान सड़क, सीवरेज, शिक्षा और बिजली समेत विभिन्न क्षेत्रों की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री के जन्मदिन को खास अंदाज में मनाने की तैयारी है। कर्तव्य पथ पर सवा लाख आशीर्वाद के दीये जलाए जाएंगे, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर दो दशक से अधिक समय का हो चुका है। गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक का उनका सफर भारतीय राजनीति के सबसे लंबे सक्रिय राजनीतिक अध्यायों में शामिल है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने करीब 12 साल से अधिक समय तक राज्य का नेतृत्व किया। इसके बाद मई 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने और तब से केंद्र की सत्ता के शीर्ष पर हैं।
आज उनके जन्मदिन के मौके पर जहां देशभर में सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारी है, वहीं उनके लंबे राजनीतिक सफर में दर्ज कई रिकॉर्ड और उपलब्धियां भी चर्चा में हैं।
प्रधानमंत्री पद पर लगातार लंबी पारी का रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम दर्ज प्रमुख रिकॉर्ड्स में सबसे अधिक चर्चा लगातार लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने को लेकर होती है।
10 जून 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार 4,399 दिन प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही मोदी लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने।
यह उपलब्धि उनके राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी गई। 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद उन्होंने 2019 और 2024 के आम चुनावों में भी अपनी पार्टी और गठबंधन का नेतृत्व किया।
25 साल से ज्यादा समय तक सरकार के मुखिया
नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन की एक और खास बात यह है कि उन्होंने करीब ढाई दशक तक लगातार सरकार के प्रमुख की भूमिका निभाई है।
7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद उनका यह सफर शुरू हुआ। मई 2014 तक उन्होंने गुजरात की सरकार का नेतृत्व किया। इसके बाद देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनकी जिम्मेदारी शुरू हुई।
इस तरह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनका राजनीतिक कार्यकाल मिलाकर करीब 25 साल का हो चुका है। भारतीय राजनीति में इतने लंबे समय तक लगातार सरकार के मुखिया की भूमिका निभाना उनके राजनीतिक सफर की महत्वपूर्ण विशेषता है।
गुजरात से दिल्ली तक कायम रहा नेतृत्व
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का कार्यकाल अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक रहा। इस दौरान राज्य की राजनीति में बीजेपी का प्रभाव मजबूत हुआ और मोदी राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल होते गए।
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद 2014 में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति का रुख किया। लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बहुमत मिलने के बाद नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
इसके बाद 2019 में बीजेपी ने एक बार फिर बहुमत हासिल किया और मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री बने। 2024 के आम चुनाव के बाद उन्होंने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।
लगातार तीन लोकसभा चुनावों में नेतृत्व
नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर का एक और प्रमुख रिकॉर्ड लगातार तीन लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी और गठबंधन का नेतृत्व करना है।
2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया था। चुनाव परिणामों में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिला और मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने।
इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने फिर बहुमत हासिल किया और नरेंद्र मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री बने। 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने सरकार बनाने के लिए आवश्यक समर्थन हासिल किया और मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
इस तरह केंद्र में लगातार तीसरी बार सरकार के गठन के साथ नरेंद्र मोदी का नाम भारतीय राजनीति के उन नेताओं में शामिल हुआ, जिन्होंने लगातार तीन आम चुनावों में सरकार बनाने का नेतृत्व किया।
गुजरात में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वालों में प्रमुख नाम
प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लंबा कार्यकाल पूरा किया। अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक मुख्यमंत्री रहने के दौरान उन्होंने राज्य की राजनीति में बीजेपी का नेतृत्व किया।
उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान गुजरात में कई विधानसभा चुनाव हुए और बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल की। यही दौर था जब नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक पहचान तेजी से मजबूत हुई।
गुजरात से दिल्ली पहुंचने के बाद उनका राजनीतिक प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित हुआ और 2014 का लोकसभा चुनाव उनके करियर में निर्णायक मोड़ साबित हुआ।
विदेशी देशों से मिले कई प्रतिष्ठित सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके सार्वजनिक जीवन के दौरान अलग-अलग देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की ओर से कई प्रतिष्ठित सम्मान भी दिए गए हैं।
उन्हें 30 से अधिक विदेशी सम्मान मिलने का दावा किया जाता है। इनमें अलग-अलग देशों के सर्वोच्च या प्रमुख नागरिक सम्मानों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित पुरस्कार भी शामिल हैं।
इनमें सियोल शांति पुरस्कार, फिलिप कोटलर राष्ट्रपति पुरस्कार और चैंपियंस ऑफ द अर्थ पुरस्कार प्रमुख हैं। इसके अलावा अफगानिस्तान, सऊदी अरब और मिस्र समेत कई देशों ने भी उन्हें अपने प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया है।
विदेशी सम्मानों का यह सिलसिला प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका को लेकर चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
जन्मदिन पर सेवा और विकास का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर होने वाले कार्यक्रमों का केंद्र इस बार भी सेवा और जनकल्याण रखा गया है। दिल्ली समेत कई राज्यों में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सड़क, सीवरेज, बिजली और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के जरिए विकास कार्यों को सामने रखा जाएगा। वहीं कर्तव्य पथ पर सवा लाख दीयों का आयोजन जन्मदिन समारोह को विशेष स्वरूप देगा।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन का यह अवसर उनके राजनीतिक सफर पर नजर डालने का भी मौका है। गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक करीब ढाई दशक का सफर, लगातार तीन लोकसभा चुनावों में नेतृत्व, प्रधानमंत्री पद पर लंबा लगातार कार्यकाल और विभिन्न देशों से मिले सम्मान—ये सभी उनके सार्वजनिक जीवन के प्रमुख पड़ाव हैं।
17 सितंबर का दिन इसलिए सिर्फ एक जन्मदिन समारोह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे राजनीतिक सफर, उनके नाम दर्ज रिकॉर्ड्स और देशभर में आयोजित सेवा एवं विकास कार्यक्रमों के कारण भी खास बना हुआ है।














