भुवनेश्वर/नई दिल्ली: भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने Semiconductor India Mission (ISM 1.0) के तहत ₹1.60 लाख करोड़ से अधिक के निवेश वाली 10 प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं देश के 6 राज्यों में स्थापित की जा रही हैं और भारत को वैश्विक चिप निर्माण हब बनाने की रणनीति का अहम हिस्सा हैं।
6 राज्यों में फैला मेगा सेमीकंडक्टर नेटवर्क
इन स्वीकृत परियोजनाओं में गुजरात, असम, ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में बड़े निवेश शामिल हैं। इस पहल में Micron Technology, Tata Electronics, CG Power and Industrial Solutions और Kaynes Technology जैसी अग्रणी कंपनियां असेंबली, टेस्टिंग और फैब्रिकेशन यूनिट्स स्थापित कर रही हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इनमें से दो इकाइयों ने 2025-26 की अंतिम तिमाही में व्यावसायिक उत्पादन भी शुरू कर दिया है, जो इस मिशन की तेज़ प्रगति को दर्शाता है।
भुवनेश्वर में ऐतिहासिक शिलान्यास
आज, 19 अप्रैल 2026 को भुवनेश्वर में देश की पहली एडवांस्ड 3D ग्लास सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट (3DGS) का शिलान्यास किया जाएगा। इस परियोजना में ₹1,900 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित कई गणमान्य हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।
क्या है 3D ग्लास सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी?
यह यूनिट भारत की पहली ग्लास सबस्ट्रेट आधारित एडवांस्ड पैकेजिंग सुविधा होगी, जिसे अगली पीढ़ी की चिप तकनीक माना जा रहा है। यह टेक्नोलॉजी खासतौर पर:
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
डिफेंस सिस्टम
हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC)
जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों को शक्ति प्रदान करेगी।
यह सिर्फ एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट नहीं, बल्कि भारत की टेक्नोलॉजिकल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
ओडिशा को ग्लोबल हब बनाने की तैयारी
सरकार का लक्ष्य ओडिशा को एक उभरते हुए ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करना है। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री सपोर्ट पर लगातार काम किया जा रहा है।
रोजगार के नए अवसर
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विस्तार से देश में रोजगार के बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं। इंडस्ट्री अनुमानों के मुताबिक:
कुल 25 लाख से अधिक नौकरियां पैदा हो सकती हैं
इनमें डायरेक्ट और इनडायरेक्ट दोनों रोजगार शामिल हैं
केवल मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग से ही करीब 12 लाख नौकरियां उत्पन्न होंगी
इनमें मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन और सपोर्ट सर्विसेज जैसे कई सेक्टर शामिल होंगे।
निवेश और नीतिगत समर्थन
सरकार निवेश को आकर्षित करने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनमें प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी स्कीमें शामिल हैं। इन नीतियों का उद्देश्य भारत को “चिप मेकिंग नेशन” के रूप में स्थापित करना है।
सेमीकंडक्टर इंडिया मिशन के तहत हो रहे ये बड़े निवेश और परियोजनाएं भारत को टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हैं।
भुवनेश्वर में 3D ग्लास पैकेजिंग यूनिट का शिलान्यास इस मिशन को नई गति देगा और भारत को भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।














