“सोशल मीडिया पर फर्जी तस्वीर वायरल करने का आरोप, बीजेपी ने इसे राष्ट्रीय ध्वज के अपमान और माहौल बिगाड़ने की साजिश बताया”
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की तिरंगे के साथ तस्वीर से कथित छेड़छाड़ का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। दिल्ली बीजेपी ने आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने नितिन नबीन की वास्तविक तस्वीर में डिजिटल तरीके से बदलाव कर उनके हाथ में उल्टा राष्ट्रीय ध्वज दिखाने वाली फर्जी तस्वीर तैयार की और उसे सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया। पार्टी का कहना है कि इस तरह की तस्वीरों के जरिए देश में भ्रम और विवाद पैदा करने की कोशिश की गई।
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इस मामले को गंभीर बताते हुए दिल्ली पुलिस से शिकायत दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ी संवेदनशील सामग्री फैलाकर लोगों की भावनाओं को भड़काने और राजनीतिक माहौल खराब करने का प्रयास किया गया।
फर्जी तस्वीर वायरल करने का आरोप, दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की मांग
दिल्ली बीजेपी के मुताबिक, नितिन नबीन की तिरंगे के साथ मौजूद तस्वीर को एडिट करके सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। पार्टी का आरोप है कि एडिट की गई तस्वीर में नितिन नबीन के हाथ में राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा दिखाया गया, जबकि मूल तस्वीर में ऐसा नहीं था।
बीजेपी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज से संबंधित किसी भी तस्वीर के साथ इस तरह की छेड़छाड़ न केवल गंभीर आपत्तिजनक कृत्य है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों के बीच गलत धारणा पैदा करना भी हो सकता है। पार्टी ने पुलिस से पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की है कि तस्वीर सबसे पहले किसने तैयार की और उसे सोशल मीडिया पर किस-किस माध्यम से फैलाया गया।
पार्टी नेताओं का कहना है कि डिजिटल दौर में किसी तस्वीर या वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे वास्तविक बताकर वायरल करना बेहद आसान हो गया है। ऐसे मामलों में तथ्य सामने आने से पहले ही सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो सकता है। बीजेपी ने पुलिस से इस मामले में तेजी से कार्रवाई करने की अपील की है।
तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारी को सौंपा शिकायत पत्र
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के निर्देश पर पार्टी का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल विशेष पुलिस आयुक्त देवेश श्रीवास्तव से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें पूरे मामले से संबंधित शिकायत पत्र सौंपते हुए कथित रूप से फर्जी तस्वीर तैयार करने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश भाटिया, मंत्री गौरव खारी और लीगल सेल के कनवीनर एडवोकेट नीरज शामिल रहे। पार्टी नेताओं ने पुलिस अधिकारी के सामने मामले की विस्तृत जांच की मांग रखी और कहा कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
बीजेपी की ओर से यह भी कहा गया कि मामले की जांच केवल तस्वीर तैयार करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसे सोशल मीडिया पर आगे प्रसारित करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
हर्ष मल्होत्रा का विपक्ष पर निशाना
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इस घटना की निंदा करते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हताश विपक्ष लगातार सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर देश का वातावरण बिगाड़ने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता इस तरह के प्रयासों को सफल नहीं होने देंगे।
बीजेपी का कहना है कि राजनीति में मतभेद और आरोप-प्रत्यारोप अपनी जगह हैं, लेकिन राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़ी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें राजनीतिक विवाद का माध्यम बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। पार्टी ने सोशल मीडिया यूजर्स से भी अपील की कि किसी भी संवेदनशील तस्वीर को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेता के खिलाफ FIR से मामला और गरमाया
इसी बीच नितिन नबीन की तस्वीर से कथित छेड़छाड़ को लेकर छत्तीसगढ़ से भी मामला सामने आया है। वहां कांग्रेस नेता अरुण साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। साहू बेमेतरा जिला कांग्रेस आईटी सेल के अध्यक्ष बताए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, नितिन नबीन के अपने आवास पर फहराए गए तिरंगे की तस्वीर के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ किए जाने का आरोप लगाया गया है। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास की शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद इस पूरे विवाद का राजनीतिक असर भी बढ़ गया है। बीजेपी इस मुद्दे को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जोड़कर देख रही है, जबकि पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित तस्वीर में किस स्तर पर बदलाव किया गया और इसके पीछे वास्तविक जिम्मेदार कौन है।
सोशल मीडिया पर फर्जी कंटेंट बना बड़ी चुनौती
नितिन नबीन की तस्वीर से जुड़ा विवाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर फर्जी और एडिटेड कंटेंट के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़ा करता है। आज किसी भी तस्वीर को डिजिटल तकनीक के जरिए बदलकर उसे वास्तविक तस्वीर के तौर पर पेश किया जा सकता है। इसके बाद जब ऐसी सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से शेयर होती है, तो उसके वास्तविक और नकली होने के बीच अंतर करना आम यूजर के लिए मुश्किल हो जाता है।
राजनीतिक नेताओं की तस्वीरों और वीडियो के साथ छेड़छाड़ का असर और भी व्यापक हो सकता है, क्योंकि इससे कुछ ही समय में राजनीतिक विवाद पैदा हो सकता है। यही वजह है कि बीजेपी ने पुलिस से मामले की तकनीकी जांच के साथ-साथ सोशल मीडिया पर तस्वीर को प्रसारित करने वाले अकाउंट्स और लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग की है।
BJP ने कहा- दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
बीजेपी नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, अखंडता और सम्मान का प्रतीक है। इसलिए इससे जुड़ी किसी तस्वीर के साथ कथित छेड़छाड़ को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। पार्टी ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल दिल्ली में दी गई शिकायत और छत्तीसगढ़ में दर्ज एफआईआर के बाद मामला जांच के दायरे में है। पुलिस की जांच से यह सामने आने की उम्मीद है कि कथित रूप से एडिट की गई तस्वीर कहां से तैयार हुई, उसे सोशल मीडिया पर किसने अपलोड किया और उसे वायरल करने में किन लोगों की भूमिका रही।
राजनीतिक तौर पर यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि बीजेपी ने इसे सिर्फ एक एडिटेड तस्वीर का विवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्रतीक और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जुड़ा मामला बताया है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच की प्रगति और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं से यह विवाद और आगे बढ़ सकता है।














