Saturday, July 4, 2026
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नोएडा में हाईटेक चोर गिरोह का “पर्दाफाश”: टैक्सी चालक की आड़ में करते थे घरों में सेंधमारी, पुलिस ने दो शातिर बदमाश दबोचे

“20,570 रुपये नकद, चोरी की बाइक, चोरी का सामान, सेंधमारी के विशेष औजार और दो अवैध चाकू बरामद; कई जिलों में दर्ज हैं संगीन मुकदमे”

नोएडा: तेजी से विकसित हो रहे नोएडा शहर में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं के बीच कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए घरों में चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर-20 पुलिस ने स्थानीय खुफिया तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जो टैक्सी चालक की पहचान का इस्तेमाल कर पुलिस और आम लोगों की नजरों से बचते हुए चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई स्टील की टोटियां, विभिन्न चोरी के मामलों से संबंधित 20,570 रुपये नकद, दिल्ली से चोरी की गई मोटरसाइकिल, चोरी की वारदातों में इस्तेमाल होने वाले विशेष औजार तथा दो अवैध चाकू बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने नोएडा के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मोबाइल, लैपटॉप और अन्य सामान चोरी करने की कई वारदातों का भी खुलासा किया है।


तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना से मिली बड़ी सफलता

पुलिस अधिकारियों के अनुसार 4 जुलाई को थाना सेक्टर-20 पुलिस को लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण इनपुट प्राप्त हुए थे। इसके बाद स्थानीय इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की सहायता से एक विशेष अभियान चलाया गया।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने सेक्टर-29 स्थित ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट के पास से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी का सामान और नकदी बरामद हुई, जिसके बाद कई पुराने मामलों का खुलासा होता चला गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं बल्कि पिछले कुछ समय से सक्रिय एक पेशेवर चोरी नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में बड़ी सफलता है।


बरामदगी ने खोले कई मामलों के राज

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बरामद सामान ने कई थानों में दर्ज चोरी के मामलों को जोड़ दिया।

बरामदगी में शामिल हैं—

  • सेक्टर-19 स्थित मकान से चोरी की गई स्टील की टोटियां।
  • थाना सेक्टर-24 और सेक्टर-39 में दर्ज चोरी के मामलों से संबंधित कुल 20,570 रुपये नकद।
  • दिल्ली के सीमापुरी थाना क्षेत्र से चोरी की गई मोटरसाइकिल।
  • प्लास नुमा कटर।
  • लोहे का रिंच।
  • लोहे का कटर।
  • धारदार सब्बल।
  • छैनी।
  • दो अवैध चाकू।

पुलिस का मानना है कि इन विशेष औजारों का उपयोग कर आरोपी मकानों के दरवाजे, ग्रिल, फिटिंग्स और धातु के सामान को कम समय में निकाल लेते थे।


टैक्सी चालक बनकर घूमते थे, रात में बन जाते थे पेशेवर चोर

इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि दोनों आरोपी दिन में टैक्सी चालक के रूप में काम करते थे और रात के समय सुनसान या बंद पड़े मकानों की रेकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।

मुख्य आरोपी फिरोज उर्फ बब्लू ओला-उबर टैक्सी चलाता है जबकि दूसरा आरोपी आशीष भी नोएडा में टैक्सी चालक के रूप में कार्य करता है।

पुलिस का मानना है कि टैक्सी चलाने के दौरान दोनों आरोपियों को शहर के अलग-अलग सेक्टरों की पूरी जानकारी मिल जाती थी। इसी का फायदा उठाकर वे ऐसे मकानों को चिन्हित करते थे जहां लोग बाहर गए हों या घर लंबे समय तक बंद रहता हो।


पूछताछ में कबूली कई वारदातें

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने थाना सेक्टर-39 क्षेत्र में मोबाइल और लैपटॉप चोरी की कई घटनाओं को भी अंजाम दिया था।

इन वारदातों में चोरी की गई अधिकांश रकम खर्च की जा चुकी है। पुलिस अब इन मामलों में चोरी हुए इलेक्ट्रॉनिक सामान की बरामदगी तथा उन्हें खरीदने वाले लोगों की तलाश कर रही है।


एक गिरफ्तारी से कई मुकदमों का खुलासा

पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी केवल एक ही थाना क्षेत्र में सक्रिय नहीं थे बल्कि सेक्टर-20, सेक्टर-24, सेक्टर-39 सहित कई इलाकों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।

बरामद नकदी भी अलग-अलग मुकदमों से जुड़ी हुई है। इससे स्पष्ट होता है कि आरोपी लगातार चोरी की घटनाएं कर रहे थे और पुलिस विभिन्न मामलों की कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई थी।


दिल्ली से चोरी की बाइक भी मिली

आरोपियों के कब्जे से दिल्ली के सीमापुरी थाना क्षेत्र से चोरी की गई मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है।

इससे संकेत मिलता है कि गिरोह की गतिविधियां केवल नोएडा तक सीमित नहीं थीं बल्कि दिल्ली-एनसीआर के अन्य इलाकों तक फैली हुई थीं।

अब दिल्ली पुलिस से भी समन्वय स्थापित कर आगे की जांच की जा रही है।


अपराध का लंबा इतिहास आया सामने

जांच में पता चला कि दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है।

मुख्य आरोपी फिरोज उर्फ बब्लू पर चोरी, लूट, चोरी का माल रखने, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट तक के मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2016 से ही उसका अपराध जगत से संबंध सामने आता रहा है।

दूसरे आरोपी आशीष के खिलाफ भी वर्ष 2022, 2023, 2025 और 2026 में चोरी तथा आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं।

यह तथ्य दर्शाता है कि दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी कई बार कानून के शिकंजे में आ चुके हैं।


विशेष औजार बताते हैं सुनियोजित अपराध की कहानी

बरामद औजार इस पूरे मामले को सामान्य चोरी से कहीं अधिक गंभीर बनाते हैं।

लोहे का रिंच, प्लास, सब्बल, कटर और छैनी जैसे उपकरण यह संकेत देते हैं कि आरोपी किसी भी मकान में प्रवेश करने और धातु के सामान को तेजी से निकालने के लिए पूरी तैयारी के साथ निकलते थे।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन उपकरणों के कारण आरोपी कुछ ही मिनटों में वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।


अब गिरोह के पूरे नेटवर्क की तलाश

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या दोनों आरोपी अकेले काम करते थे या इनके साथ कोई बड़ा गिरोह भी सक्रिय है।

जांच का फोकस निम्न बिंदुओं पर है—

  • चोरी के सामान को खरीदने वाले रिसीवर कौन हैं।
  • अब तक कितनी चोरी की घटनाओं में इनकी संलिप्तता रही है।
  • क्या दिल्ली, गाजियाबाद और अन्य जिलों में भी इन्होंने वारदातें की हैं।
  • चोरी का शेष सामान कहां छिपाया गया है।
  • गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं।

शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई

नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में चोरी की घटनाएं पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी हुई हैं।

ऐसे में तकनीकी निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय खुफिया तंत्र के समन्वय से हुई यह कार्रवाई पुलिस की जांच क्षमता को भी दर्शाती है।

हालांकि इस मामले ने यह सवाल भी खड़े किए हैं कि बार-बार जेल जाने के बावजूद आदतन अपराधी दोबारा अपराध की दुनिया में कैसे लौट आते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे अपराधियों के पूरे नेटवर्क, चोरी के माल की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह तथा आर्थिक तंत्र पर भी प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।


पुलिस की नजर अब बड़े खुलासे पर

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और संभावना है कि आने वाले दिनों में चोरी की कई अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।

यदि पूछताछ में प्राप्त जानकारी सही साबित होती है, तो यह गिरफ्तारी केवल दो शातिर चोरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक बड़े चोरी नेटवर्क के पर्दाफाश का आधार भी बन सकती है।

फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है, जबकि पुलिस विभिन्न थानों में दर्ज मामलों से उनके संबंधों की गहन जांच में जुटी हुई है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय चोरी के संगठित गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना और मजबूत होगी।

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
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