नई दिल्ली/मेलबर्न: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले सोशल मीडिया पर मिली कथित जान से मारने की धमकी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह धमकी मेलबर्न में आयोजित होने वाले “मेलबर्न मीट्स मोदी” कार्यक्रम से संबंधित एक फेसबुक पोस्ट के कमेंट सेक्शन में दी गई।
मामले की जानकारी सामने आते ही ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस (AFP) समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे तथा मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फेसबुक कमेंट के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमकी मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में 9 जुलाई को आयोजित होने वाले “मेलबर्न मीट्स मोदी” कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ी फेसबुक पोस्ट पर दी गई। कथित तौर पर “अबू मुस्तफा” नामक फेसबुक अकाउंट से टिप्पणी की गई कि यदि स्टेडियम की छत बंद नहीं रही तो “मोदी ऑस्ट्रेलिया अपनी मौत के लिए आएंगे।”
इस टिप्पणी के सामने आने के बाद कार्यक्रम आयोजकों ने तत्काल इसकी सूचना संबंधित एजेंसियों को दी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।
जांच में जुटीं ऑस्ट्रेलियाई एजेंसियां
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जांच एजेंसियों ने संबंधित फेसबुक अकाउंट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान कर ली है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि पोस्ट करने वाला व्यक्ति ऑस्ट्रेलिया में मौजूद है या किसी अन्य देश से सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहा था।
ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस ने जांच की पुष्टि की है, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि हर संभावित खतरे का गंभीरता से आकलन किया जा रहा है।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें शामिल हैं:
- रक्षा सहयोग
- समुद्री सुरक्षा
- व्यापार और निवेश
- महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals)
- शिक्षा और तकनीकी सहयोग
- हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध लगातार अधिक महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।
“मेलबर्न मीट्स मोदी” कार्यक्रम पर विशेष नजर
मेलबर्न में आयोजित होने वाला “मेलबर्न मीट्स मोदी” कार्यक्रम भारतीय समुदाय के बड़े आयोजनों में गिना जा रहा है। कार्यक्रम में हजारों प्रवासी भारतीयों के शामिल होने की संभावना है।
आयोजकों के अनुसार, टिकट वितरण, प्रवेश व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। हालांकि धमकी के बाद सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था होगी और सख्त
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के मद्देनजर भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगी। सुरक्षा के तहत:
- कार्यक्रम स्थलों की बहुस्तरीय जांच होगी
- प्रवेश से पहले कड़ी स्क्रीनिंग की जाएगी
- सोशल मीडिया निगरानी बढ़ाई जाएगी
- संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई होगी
- स्थानीय पुलिस, संघीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां समन्वय में काम करेंगी
सोशल मीडिया पर बढ़ते खतरे
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए विश्व नेताओं को धमकियां मिलने की घटनाएं बढ़ी हैं। हालांकि हर धमकी वास्तविक नहीं होती, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को हल्के में नहीं लेतीं।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध लगातार मजबूत
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, व्यापार, शिक्षा, ऊर्जा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज कई अवसरों पर भारत को महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक साझेदार बता चुके हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के आगामी दौरे को दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया है।
आगे क्या?
जांच पूरी होने के बाद यदि धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान हो जाती है और आरोप सही पाए जाते हैं, तो ऑस्ट्रेलियाई कानून के तहत उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि मामला किसी संगठित नेटवर्क से जुड़ा है या यह केवल सोशल मीडिया पर की गई गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी थी।
हालांकि इस घटना के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी का निर्धारित ऑस्ट्रेलिया दौरा जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि सभी कार्यक्रमों के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ताकि दौरा सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।














