नोएडा: देश के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक अभियानों में शामिल जनगणना कार्य के बीच अचानक उत्पन्न हुए मानव संसाधन संकट को नोएडा प्राधिकरण ने चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए मोर्चा संभाल लिया है। प्रदेशभर में चल रहे जनगणना अभियान के दौरान निजी स्कूलों के शिक्षकों के कार्य से अलग होने के कारण लगभग 800 प्रगणकों और सुपरवाइजरों की कमी पैदा हो गई, जिससे पूरे अभियान की गति प्रभावित होने की आशंका थी। लेकिन नोएडा प्राधिकरण ने त्वरित निर्णय लेते हुए अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सीधे मैदान में उतार दिया।
जनगणना केवल आबादी की गिनती भर नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों की सरकारी नीतियों, विकास योजनाओं, बजट आवंटन, आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों की नींव है। ऐसे में इस कार्य में किसी भी प्रकार की देरी या बाधा का सीधा असर भविष्य की विकास योजनाओं पर पड़ सकता है।
प्राधिकरण ने पहले ही दूरदर्शिता दिखाते हुए 2300 प्रगणकों और 335 सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित कर लिया था, लेकिन निजी विद्यालयों द्वारा न्यायालय में याचिका दायर किए जाने के बाद उत्पन्न स्थिति ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। इसके बावजूद नोएडा प्राधिकरण ने कार्य को रुकने नहीं दिया।
वरिष्ठ अधिकारी स्वयं उतरे मैदान में
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी स्वयं सेक्टर-120 स्थित अम्रपाली जोडक सोसाइटी सहित सेक्टर-117 और 119 की विभिन्न आवासीय सोसायटियों में पहुंचीं। उन्होंने जनगणना कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया, निवासियों से संवाद स्थापित किया तथा सोसायटी प्रबंधन से अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।
जनगणना-2027 का कार्य प्रदेशभर में शुरू हो चुका है। इसी क्रम में नौएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीमती वंदना त्रिपाठी द्वारा स्वयं सेक्टर-120, 117 और 119 की सोसायटी में जाकर निरीक्षण किया और सहयोग का अनुरोध किया।#NoidaAuthority#CommunitySupport#Census2027… pic.twitter.com/QCvDCnIVeY
— NOIDA Authority (@noida_authority) May 27, 2026
यह कदम केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसके तहत अधिकारी स्वयं जमीनी स्तर पर जाकर चुनौतियों का समाधान तलाश रहे हैं।
नागरिकों और सोसायटियों ने भी निभाई जिम्मेदारी
जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के अभियान में स्थानीय नागरिकों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों ने भी उल्लेखनीय सहयोग दिया। कई सोसायटियों ने अपने स्तर पर कर्मचारियों की व्यवस्था कर प्रगणकों की कमी को पूरा करने में मदद की। इससे यह संदेश गया कि जनगणना केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि नागरिक सहभागिता से सफल होने वाला राष्ट्रीय दायित्व है।
वहीं विशेष कार्याधिकारी एवं चार्ज अधिकारी इंदु प्रकाश सिंह को सेक्टर-75 की विभिन्न सोसायटियों में भेजकर कार्य की निगरानी और संचालन सुनिश्चित किया गया, जिससे अभियान की गति बनी रही।
विकास की भविष्य की रूपरेखा तय करेगी यह जनगणना
विशेषज्ञों के अनुसार जनगणना के आंकड़े अगले एक दशक तक सरकारों के लिए नीति निर्धारण का आधार बनते हैं। शहरों में बढ़ती आबादी, आवास, यातायात, जलापूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा संस्थानों की जरूरतों का आकलन भी इन्हीं आंकड़ों के आधार पर किया जाता है। ऐसे में नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में जनगणना का सफल और समयबद्ध होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि जिस प्रकार से नागरिकों, आवासीय सोसायटियों और प्रशासनिक अधिकारियों का सामूहिक सहयोग मिल रहा है, उससे जल्द ही कर्मचारियों की कमी पूरी कर ली जाएगी और जनगणना कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाएगा।














