नोएडा,: उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक और निर्यात आधारित इकोसिस्टम के बीच फैशन एवं अपैरल सेक्टर एक बड़े रोजगार इंजन के रूप में उभर रहा है। आगामी वर्षों में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र और जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास विकसित होने वाले अपैरल एवं टेक्सटाइल क्लस्टर लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे। इसी आवश्यकता को देखते हुए अपैरल ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर (ATDC), सेक्टर-24, नोएडा ने कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
“ग्रेट करियर्स बिगिन हियर” थीम के तहत आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्योग, शिक्षा और प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया तथा युवाओं के लिए रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता पर गंभीर चर्चा की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गौतमबुद्ध नगर के डिप्टी कमिश्नर इंडस्ट्री पंकज निर्वान ने कहा कि बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्किल आधारित शिक्षा ही युवाओं को स्थायी रोजगार दिला सकती है। उन्होंने ATDC के प्रयासों को प्रदेश के कौशल विकास अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
रोजगार और उद्योग के बीच मजबूत सेतु बनेगा ATDC
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए AEPC के नॉर्दर्न रीजनल हेड एवं ATDC-नोएडा के कन्वेनर श्री ललित ठुकराल ने कहा कि भारत का अपैरल एवं फैशन उद्योग वैश्विक बाजार में तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित, तकनीकी रूप से दक्ष और उद्योग की जरूरतों को समझने वाले मानव संसाधन की मांग लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि ATDC का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को “स्किल टू एम्प्लॉयमेंट” मॉडल के माध्यम से सीधे रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है।
जेवर क्षेत्र में 2 लाख प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता
ललित ठुकराल ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे विशाल अपैरल क्लस्टर के लिए आगामी वर्षों में लगभग 2 लाख प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता होगी।
यह केवल रोजगार का आंकड़ा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और निर्यात क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली संभावनाओं का संकेत है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ATDC द्वारा जेवर और आसपास के क्षेत्रों में नए स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए जाने की योजना बनाई गई है, ताकि स्थानीय युवाओं को उनके क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकें।
उद्योग की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक कोर्स
ATDC में वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए कई इंडस्ट्री-ओरिएंटेड और रोजगारपरक कोर्सों में प्रवेश प्रारंभ हो चुका है। इनमें प्रमुख रूप से—
BVoc Apparel Manufacturing & Entrepreneurship
BVoc Fashion Design & Retail
Apparel Manufacturing Technology
Fashion Design Technology
शामिल हैं।
इन कोर्सों की विशेषता यह है कि इनमें छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, आधुनिक मशीनों पर प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, उद्यमिता मार्गदर्शन और प्लेसमेंट सहायता भी प्रदान की जाती है।
स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी मजबूती
ATDC के डीजी एवं सीईओ डॉ. रूपक वशिष्ठ ने कहा कि देश में कौशल आधारित शिक्षा की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए ATDC आने वाले समय में कई नए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेगा। इससे अधिक से अधिक युवाओं को उद्योग की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित कर रोजगार के लिए तैयार किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल केवल रोजगार सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी मजबूती प्रदान करेगी।
उत्तर प्रदेश में कौशल विकास के प्रभावशाली परिणाम
कार्यक्रम के दौरान डिप्टी कमिश्नर इंडस्ट्री श्री पंकज निर्वान ने बताया कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हजारों युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
ODOP टूलकिट वितरण योजना के अंतर्गत गौतमबुद्ध नगर सहित प्रदेश में 6125 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया गया।
VSSY कार्यक्रम के अंतर्गत गौतमबुद्ध नगर सहित उत्तर प्रदेश में 14,000 से अधिक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया गया।
उन्होंने कहा कि उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाकर युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
नोएडा बन रहा है स्किल और एक्सपोर्ट कैपिटल
विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास, निर्यात आधारित विनिर्माण इकाइयों और बढ़ते वैश्विक निवेश के कारण नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के सबसे बड़े रोजगार केंद्रों में शामिल हो सकता है।
ऐसे समय में ATDC जैसे संस्थान केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने वाले रणनीतिक साझेदार की भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम में ATDC की आधुनिक प्रशिक्षण सुविधियों, उद्योग से जुड़ी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। साथ ही युवाओं और अभिभावकों से अपील की गई कि वे पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल आधारित प्रशिक्षण को भी अपनाएं, क्योंकि भविष्य की अर्थव्यवस्था में रोजगार और सफलता का सबसे बड़ा आधार कौशल ही होगा।
ATDC, Apparel Export Promotion Council (AEPC) का प्रशिक्षण अंग है, जो वर्ष 1991 से देशभर में फैशन शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।














