“मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, शिक्षा को राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने का सार्थक प्रयास”
ग्रेटर नोएडा, 28 जून 2026: आज जब शिक्षा व्यवस्था को केवल परीक्षा परिणाम, अंकों की प्रतिस्पर्धा और रोजगार तक सीमित मानने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, ऐसे समय में GNIOT Group of Institutions एवं Dhruv Classes द्वारा आयोजित “Young Achievers Excellence Award – शिक्षा से सेवा तक 2026” केवल एक पुरस्कार वितरण समारोह नहीं रहा, बल्कि शिक्षा के व्यापक उद्देश्य—चरित्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व, नवाचार, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण—को केंद्र में रखने वाला एक प्रेरणादायी आयोजन बनकर सामने आया।
इस अवसर पर कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं, IIT-JEE, NDA तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को मेडल एवं Certificate of Excellence प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, शिक्षाविदों एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने इसे शिक्षा और समाज के बीच मजबूत संवाद का मंच बना दिया।
“शिक्षा केवल डिग्री नहीं, राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति”
मुख्य वक्ता जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) चंद्रशेखर ने कहा कि स्वतंत्र भारत में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, लेकिन आने वाला समय केवल ज्ञान अर्जित करने का नहीं, बल्कि उस ज्ञान का समाज और राष्ट्र के हित में उपयोग करने का है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, निरंतर अध्ययन और सकारात्मक सोच को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
संस्कारों के बिना सफलता अधूरी
पूर्व प्रवक्ता भाजपा किसान मोर्चा रजनीश राय ने विद्यार्थियों को माता-पिता के प्रति सम्मान, समर्पण और कृतज्ञता का संदेश देते हुए कहा कि वास्तविक सफलता वही है, जो परिवार, संस्कार और नैतिक मूल्यों के साथ प्राप्त की जाए।
अंक नहीं, व्यक्तित्व निर्माण है शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य
शिक्षाविद एवं बाल अधिकारों के संरक्षक अजीत सिंह ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अंकों की प्रतिस्पर्धा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि संवेदनशील, रचनात्मक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों की प्रतिभा, नवाचार और मानवीय मूल्यों को विकसित करने पर बल दिया।
योग: सफलता का वैज्ञानिक आधार
योग गुरु संतोष ने विद्यार्थियों को नियमित योग अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और एकाग्र मन ही किसी भी बड़ी सफलता की वास्तविक नींव हैं। उन्होंने मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के लिए योग को आवश्यक बताया।
पुस्तकें बनें जीवन की सबसे बड़ी मार्गदर्शक
पर्दाफाश न्यूज़ के संपादक विकास त्रिपाठी ने विद्यार्थियों से पुस्तकों को अपना सबसे अच्छा मित्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पढ़ने की आदत व्यक्ति के ज्ञान, दृष्टिकोण, व्यक्तित्व और निर्णय क्षमता का विस्तार करती है तथा जीवन की दिशा स्पष्ट करती है।
रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा
प्रो. प्रवीण पचौरी ने युवाओं को उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति की ओर प्रेरित करते हुए कहा कि भारत के भविष्य का निर्माण नवाचार, तकनीक और आत्मनिर्भर सोच से होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से रोजगार खोजने के बजाय रोजगार सृजित करने की मानसिकता विकसित करने का आह्वान किया।
युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति
कौशल्या वर्ल्ड स्कूल की अध्यक्षा कुशल सिंह ने विद्यार्थियों को शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के भारत के नीति-निर्माता, वैज्ञानिक, शिक्षक, उद्यमी और सामाजिक नेतृत्वकर्ता होंगे।
चरित्र और मानसिक दृढ़ता ही सफलता की वास्तविक पहचान
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मनोज त्यागी ने कहा कि ज्ञान तभी सार्थक है जब उसके साथ मजबूत चरित्र, नैतिकता और मानसिक दृढ़ता भी जुड़ी हो। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा का संतुलन आवश्यक
पूर्व श्रमायुक्त एवं लेबर जज बृजेश राय ने भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा को भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थियों को केवल सफल पेशेवर ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और नैतिक नागरिक भी बनाए।
“शिक्षा से सेवा” को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प
Dhruv Classes के संस्थापक पवन राय ने कहा कि संस्था भविष्य में भी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने, आर्थिक एवं शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने तथा शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने “शिक्षा से सेवा” की अवधारणा को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया।
विविध क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में पूर्व श्रमायुक्त एवं लेबर जज बृजेश राय, समाजसेविका सूर्यकला लक्ष्मी, Helmet Man of India राघवेंद्र, GNIOT के स्वदेश सिंह, पंकज सिंह सहित अनेक शिक्षाविद, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने विद्यार्थियों को ज्ञान, अनुशासन, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र सेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
सम्मान से आगे—एक सामाजिक संदेश
यह आयोजन केवल मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि यदि शिक्षा को संस्कार, सामाजिक उत्तरदायित्व, नवाचार, उद्यमिता, स्वास्थ्य, पुस्तक संस्कृति और भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ा जाए, तो वही शिक्षा विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव बन सकती है।
ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ समाज को यह भी याद दिलाते हैं कि प्रतिभा का सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र की बौद्धिक और नैतिक पूंजी में निवेश है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी अधिक से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने तथा “शिक्षा से सेवा” के अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया।














