प्रयागराज: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे से पहले नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। शहर के प्रतिष्ठित कायस्थ पाठशाला (KP) ट्रस्ट ने दावा किया है कि उसने राहुल गांधी के छात्रों के साथ प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम के लिए पहले दी गई अनुमति वापस ले ली है। ट्रस्ट का कहना है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश, छात्रों की पढ़ाई पर संभावित असर और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
दूसरी ओर कांग्रेस ने ट्रस्ट के इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि राहुल गांधी का कार्यक्रम तय समय और तय स्थान पर ही आयोजित होगा। पार्टी का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अनुमति रद्द होने जैसी कोई स्थिति नहीं है। ऐसे में 8 अगस्त को प्रस्तावित राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा अब केवल एक छात्र संवाद कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति का बड़ा केंद्र बनता दिखाई दे रहा है।
KP ट्रस्ट ने क्यों वापस ली अनुमति?
कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट के कार्यवाहक अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह के मुताबिक, 14 अगस्त 2025 को इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश में स्पष्ट कहा गया था कि स्कूल और कॉलेज परिसरों का उपयोग व्यावसायिक या ऐसी राजनीतिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता, जिनसे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो।
ट्रस्ट का कहना है कि जिस मैदान में कार्यक्रम प्रस्तावित था, वहां दो शिक्षण संस्थान संचालित होते हैं। यदि बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचते हैं तो छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा संबंधी गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। इसी आधार पर ट्रस्ट ने अनुमति वापस लेने का निर्णय लिया।
ट्रस्ट ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना है।
बारिश भी बनी बड़ी वजह
ट्रस्ट ने अनुमति रद्द करने के पीछे मौसम को भी महत्वपूर्ण कारण बताया है।
प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश के कारण कार्यक्रम स्थल का मैदान पूरी तरह गीला है। ट्रस्ट का कहना है कि यदि हजारों लोगों की भीड़ मैदान में पहुंचेगी तो उसकी स्थिति खराब हो जाएगी और उसे दोबारा उपयोग योग्य बनाने में काफी समय और धन खर्च करना पड़ेगा।
इसी कारण ट्रस्ट ने कांग्रेस को सुझाव दिया है कि यदि कार्यक्रम करना ही है तो बारिश समाप्त होने और स्कूलों की छुट्टियों के दौरान आयोजित किया जाए।
कांग्रेस ने कहा- कार्यक्रम तय स्थान पर ही होगा
KP ट्रस्ट के बयान के बाद कांग्रेस ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता मोहम्मद फरहान ने कहा कि अनुमति रद्द होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। उनके अनुसार कार्यक्रम की तैयारियां पहले से चल रही हैं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी हो चुकी है।
कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी 8 अगस्त को तय कार्यक्रम के अनुसार छात्रों के बीच पहुंचेंगे और “गूंज” कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रयागराज का राहुल गांधी से भावनात्मक और राजनीतिक दोनों तरह का संबंध रहा है तथा छात्रों से संवाद करने के उनके अधिकार को कोई नहीं रोक सकता।
क्या है ‘गूंज’ कार्यक्रम?
राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे का मुख्य उद्देश्य “गूंज” कार्यक्रम में शामिल होना है।
इस कार्यक्रम के तहत राहुल गांधी युवाओं और छात्रों से सीधे संवाद करेंगे। चर्चा के प्रमुख विषयों में—
- पेपर लीक की घटनाएं,
- बढ़ती बेरोजगारी,
- प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता,
- शिक्षा व्यवस्था,
- युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे
शामिल बताए जा रहे हैं।
कांग्रेस इस कार्यक्रम को युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच मजबूत करने की रणनीति के रूप में भी देख रही है।
हाई कोर्ट के आदेश पर टिकी बहस
पूरे विवाद का सबसे अहम पहलू इलाहाबाद हाई कोर्ट का वह आदेश है, जिसका हवाला KP ट्रस्ट दे रहा है।
ट्रस्ट का कहना है कि न्यायालय ने शिक्षण संस्थानों के मैदानों के उपयोग को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। ऐसे में यदि ट्रस्ट अनुमति देता है तो वह स्वयं न्यायालय के आदेशों के उल्लंघन का आरोपी बन सकता है।
हालांकि कांग्रेस का कहना है कि कार्यक्रम पूरी तरह नियमों के दायरे में है और किसी भी आदेश का उल्लंघन नहीं किया जाएगा।
यही कारण है कि दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों पर अड़े हुए हैं।
प्रशासन की भूमिका सबसे अहम
अब पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यदि वास्तव में अनुमति रद्द हुई है तो प्रशासन को कार्यक्रम के आयोजन पर अंतिम निर्णय लेना होगा। वहीं यदि कांग्रेस का दावा सही साबित होता है तो यह स्पष्ट करना होगा कि कार्यक्रम किस आधार पर आयोजित किया जाएगा।
जिला प्रशासन अभी तक इस विवाद पर कोई अंतिम आधिकारिक बयान जारी नहीं कर पाया है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
सियासी मायने भी कम नहीं
राहुल गांधी का यह दौरा केवल छात्र संवाद तक सीमित नहीं माना जा रहा।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस लगातार युवाओं, प्रतियोगी छात्रों और बेरोजगारों के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रही है। ऐसे में प्रयागराज जैसा शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं का बड़ा केंद्र राहुल गांधी के लिए राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दूसरी ओर कार्यक्रम पर विवाद ने इसे और अधिक चर्चित बना दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कार्यक्रम सफलतापूर्वक होता है तो कांग्रेस इसे अपनी बड़ी राजनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश करेगी, जबकि कार्यक्रम रद्द होने की स्थिति में विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के सवाल से जोड़कर सरकार पर हमला बोल सकता है।
अब 8 अगस्त पर टिकी सबकी नजरें
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि राहुल गांधी का कार्यक्रम आखिर तय स्थान पर होगा या नहीं।
एक ओर KP ट्रस्ट अनुमति रद्द करने का दावा कर रहा है, तो दूसरी ओर कांग्रेस पूरे विश्वास के साथ कार्यक्रम आयोजित होने की बात कह रही है। प्रशासन की ओर से अंतिम स्थिति स्पष्ट होने तक सस्पेंस बरकरार है।
अब 8 अगस्त को ही यह तय होगा कि राहुल गांधी प्रयागराज में छात्रों के बीच “गूंज” कार्यक्रम को संबोधित करेंगे या यह विवाद किसी नए राजनीतिक मोड़ की ओर बढ़ेगा। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और सभी की निगाहें प्रशासन, KP ट्रस्ट तथा कांग्रेस के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।














