गाजीपुर। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को नवीन मंडी स्थल जंगीपुर का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मंडी परिसर में सफाई व्यवस्था बेहद खराब और असंतोषजनक मिली। इसके अलावा नालों पर कब्जे और विभिन्न स्थानों पर अतिक्रमण की स्थिति भी सामने आई।
निदेशक ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश की मंडी व्यवस्था को प्रभावी, पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाया जाए। किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि मंडी की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को पूर्व में कई बार निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद मंडी सचिव मुकेश जायसवाल की ओर से अपेक्षित स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, नालों से कब्जे हटाने और अतिक्रमण की समस्या के समाधान में बरती गई शिथिलता को निदेशक ने गंभीरता से लिया।
उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में गंभीर लापरवाही और अपेक्षित कार्रवाई न किए जाने के दृष्टिगत मंडी सचिव मुकेश जायसवाल के निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।
निदेशक ने अधिकारियों को मंडी परिसर में स्वच्छता, सुव्यवस्था और अतिक्रमणमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडी व्यवस्था को किसान हितैषी बनाने के लिए नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण जारी रहेगा। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।















