देवरिया – भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव में दशहरा की रात दर्दनाक हादसा हो गया। झोपड़ी में सो रहे ससुर, दामाद और तीन साल के नाती की आग में जलकर मौत हो गई। हादसे में महिला गंभीर रूप से झुलस गई, जिसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक, बालकिशुन (56) की बेटी लीला (30) करीब तीन साल से अपने मायके में रह रही थी। उसका पति जितेंद्र प्रसाद (32) और तीन साल का बेटा शनि भी उसके साथ रहते थे। मंगलवार शाम पूरा परिवार दशहरा घूमने गया था। वापस लौटने के बाद खाना खाकर सभी झोपड़ी में सो गए।
रात करीब दो बजे अचानक झोपड़ी में आग लग गई। आग की लपटें देखकर आसपास के लोगों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। कुछ लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर जलती झोपड़ी के अंदर प्रवेश किया और गंभीर रूप से झुलसी लीला को बाहर निकाला।
सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग बुझाने के बाद झोपड़ी के अंदर तलाशी ली गई, जहां बालकिशुन, जितेंद्र और शनि के जले हुए शव मिले।लीला करीब 60 से 70 प्रतिशत तक झुलसी है। उसे महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।















