“शासन ने जारी की पदोन्नति सूची, नोएडा के 6 और ग्रेटर नोएडा के 4 अधिकारी शामिल; यमुना प्राधिकरण व यूपीसीडा के अधिकारियों को भी मिली पदोन्नति”
लखनऊ/नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में कार्यरत प्रबंधक स्तर के अधिकारियों को पदोन्नति का बड़ा तोहफा दिया है। शासन ने विभिन्न औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में प्रबंधक (सामान्य प्रशासन) के पद पर कार्यरत 19 अधिकारियों को सहायक महाप्रबंधक (Assistant General Manager) के पद पर पदोन्नत किया है। पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के साथ-साथ यमुना प्राधिकरण, यूपीसीडा तथा प्रदेश के अन्य औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में तैनात अधिकारी शामिल हैं।
औद्योगिक अनुभाग-4 के उप सचिव संतोष कुमार के हस्ताक्षर से पदोन्नति संबंधी सूची जारी की गई है। शासन के आदेश के मुताबिक पदोन्नत अधिकारियों की नियुक्ति नए पद पर उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों के लिए शासन का यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नोएडा प्राधिकरण के छह अधिकारियों को मिला प्रमोशन
पदोन्नति सूची में नोएडा प्राधिकरण का प्रदर्शन सबसे प्रमुख रहा है। यहां प्रबंधक (सामान्य प्रशासन) स्तर पर कार्यरत छह अधिकारियों को सहायक महाप्रबंधक के पद पर पदोन्नत किया गया है।
नोएडा प्राधिकरण से पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में विवेक गोयल, ब्रजेश कुमार कश्यप, प्रबुद्ध गौतम, आलोक अग्रवाल, मयंक मंगल और सुमन भंडारी शामिल हैं।
नोएडा प्राधिकरण प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक एवं शहरी विकास प्राधिकरणों में शामिल है। ऐसे में यहां कार्यरत अधिकारियों की पदोन्नति को प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पदोन्नति के बाद इन अधिकारियों की जिम्मेदारियों और प्रशासनिक दायित्वों में भी विस्तार होने की संभावना है।
ग्रेटर नोएडा के चार अधिकारियों की पदोन्नति
वहीं, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चार प्रबंधकों को भी सहायक महाप्रबंधक के पद पर पदोन्नति दी गई है। शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार आराधना, जे.बी. राम, प्रमोद कुमार और राजेश सिंह को प्रबंधक पद से सहायक महाप्रबंधक के पद पर पदोन्नत किया गया है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में औद्योगिक निवेश, आधारभूत ढांचे, शहरी विकास और प्रशासनिक कार्यों से जुड़े विभिन्न विभागों में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में चार अधिकारियों की पदोन्नति से प्राधिकरण के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
यमुना प्राधिकरण के सुधीर कुमार भाटी भी पदोन्नत
शासन की सूची में यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) से जुड़े अधिकारी सुधीर कुमार भाटी का नाम भी शामिल है। उन्हें भी प्रबंधक पद से सहायक महाप्रबंधक पद पर पदोन्नति दी गई है।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बीते वर्षों में औद्योगिक और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का विस्तार हुआ है। क्षेत्र में तेजी से बढ़ती विकास गतिविधियों के बीच प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में यहां कार्यरत अधिकारी की पदोन्नति को महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय के तौर पर देखा जा रहा है।
यूपीसीडा के तीन अधिकारियों को भी पदोन्नति
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) से भी तीन अधिकारियों को पदोन्नति मिली है। शासन की सूची के अनुसार सचिन तित्तल, रामेंद्र कुशवाहा और खान बसी को प्रबंधक से सहायक महाप्रबंधक पद पर पदोन्नत किया गया है।
यूपीसीडा प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, निवेश को बढ़ावा देने और औद्योगिक आधारभूत ढांचे से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य करता है। ऐसे में वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर अधिकारियों की पदोन्नति को विभागीय कार्यों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
अन्य औद्योगिक प्राधिकरणों के अधिकारियों को भी लाभ
पदोन्नति सूची केवल नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण तक सीमित नहीं है। प्रदेश के अन्य औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में तैनात अधिकारियों को भी इस पदोन्नति का लाभ दिया गया है।
सूची के अनुसार राकेश झा, श्वेताभ विष्णु रंजन दास, छाया सिंह, सीमा सिंह और कुमारी गेसू को भी प्रबंधक पद से सहायक महाप्रबंधक के पद पर पदोन्नत किया गया है।
इस तरह प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में कार्यरत कुल 19 अधिकारियों को पदोन्नति प्रदान की गई है।
पदभार ग्रहण करने की तारीख से लागू होगा प्रमोशन
शासन के आदेश में पदोन्नति की प्रभावशीलता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। आदेश के अनुसार पदोन्नत अधिकारियों की नए पद पर नियुक्ति पदभार ग्रहण करने के दिन से प्रभावी होगी।
इसका मतलब यह है कि संबंधित अधिकारी जब सहायक महाप्रबंधक के पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे, उसी तिथि से उनकी पदोन्नति प्रभावी मानी जाएगी। इसके बाद वे अपने नए पद से जुड़े दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
प्राधिकरणों के प्रशासनिक ढांचे को मिलेगा मजबूती का आधार
प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के साथ प्राधिकरणों की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण जैसे क्षेत्रों में तेजी से हो रहे शहरीकरण और औद्योगिक विस्तार के कारण प्रशासनिक स्तर पर भी अनुभवी अधिकारियों की आवश्यकता बढ़ी है।
ऐसे में प्रबंधक स्तर के अधिकारियों को सहायक महाप्रबंधक पद पर पदोन्नति मिलने से वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियों का वितरण नए सिरे से किया जा सकेगा। पदोन्नत अधिकारियों को उनके विभाग और प्राधिकरण की जरूरत के अनुसार महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
19 अधिकारियों की पदोन्नति से क्या बदलेगा?
शासन के इस फैसले को औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। पदोन्नति से अधिकारियों को न केवल उच्च पद की जिम्मेदारी मिलेगी, बल्कि उनके कार्यक्षेत्र और निर्णय लेने की भूमिका में भी विस्तार हो सकता है।
विशेष रूप से नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे महत्वपूर्ण प्राधिकरणों में अधिकारियों की पदोन्नति का असर प्रशासनिक कामकाज पर पड़ने की संभावना है। इन प्राधिकरणों में औद्योगिक विकास के साथ-साथ बड़े पैमाने पर आवासीय, वाणिज्यिक और आधारभूत ढांचा परियोजनाएं भी संचालित होती हैं।
शासन द्वारा जारी आदेश के बाद अब संबंधित अधिकारियों के पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके साथ ही आने वाले समय में प्राधिकरण स्तर पर विभागीय जिम्मेदारियों में संभावित फेरबदल भी देखने को मिल सकता है।
एक नजर में पदोन्नति
कुल पदोन्नत अधिकारी — 19
नोएडा प्राधिकरण — 6 अधिकारी
विवेक गोयल, ब्रजेश कुमार कश्यप, प्रबुद्ध गौतम, आलोक अग्रवाल, मयंक मंगल और सुमन भंडारी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण — 4 अधिकारी
आराधना, जे.बी. राम, प्रमोद कुमार और राजेश सिंह।
यमुना प्राधिकरण — 1 अधिकारी
सुधीर कुमार भाटी।
यूपीसीडा — 3 अधिकारी
सचिन तित्तल, रामेंद्र कुशवाहा और खान बसी।
अन्य औद्योगिक प्राधिकरण — 5 अधिकारी
राकेश झा, श्वेताभ विष्णु रंजन दास, छाया सिंह, सीमा सिंह और कुमारी गेसू।
इस प्रकार उत्तर प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में कार्यरत कुल 19 प्रबंधकों को सहायक महाप्रबंधक पद पर पदोन्नति दी गई है।














