गाजीपुर। महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र ने गुरुवार को पति-पत्नी के विवाद से जुड़े मामलों में मध्यस्थता कर दो परिवारों को फिर से साथ रहने के लिए राजी कराया। दोनों दंपतियों ने आपसी गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने की सहमति जताई, जिसके बाद उनकी सकुशल विदाई कराई गई।
पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन में 17 सितंबर को परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी विवाद से संबंधित कुल 12 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें काफी समय से विवादित चल रहे दो मामलों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर काउंसलिंग और मध्यस्थता कराई गई। दोनों पक्षों ने बिना किसी दबाव के आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने पर सहमति जताई।
मध्यस्थता के बाद दोनों दंपतियों को साथ भेजते हुए संबंधित पत्रावलियां बंद कर दी गईं। वहीं दो अन्य प्रकरणों में आपसी सहमति बनने के बाद पत्रावली बंद की गई। तीन मामलों में पक्षकारों को विधिक सुझाव देते हुए निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों में अभी मध्यस्थता नहीं होने के कारण अगली तारीख निर्धारित की गई।
परिवार परामर्श केंद्र के इस प्रयास से विवाद के कारण अलग रह रहे दो परिवार दोबारा साथ हुए। प्रकरणों के निस्तारण में काउंसलर कमरुद्दीन, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिरीक्षक नीतू मिश्रा, महिला आरक्षी सोनाली, संध्या, सविता तथा आरक्षी शिव शंकर यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।















