गाजीपुर – छात्र नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से मुलाकात कर छात्र नेताओं पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमे वापस लेने तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त होटलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्ष 2023 में दिल्ली की एक नाबालिग युवती के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद छात्र नेताओं ने होटल देव इंटरनेशनल और द सिटी रूम्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी। उस समय पुलिस द्वारा जांच में दोनों होटलों में अवैध गतिविधियों के आरोपों की जांच की गई थी और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि उक्त होटलों के संचालकों ने रंजिशवश छात्र नेता शशांक उपाध्याय, दीपक उपाध्याय, अभिषेक राय और संदीप राय को फर्जी मुकदमों में फंसाने का प्रयास किया। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पूर्व में भी इन छात्र नेताओं के खिलाफ रंगदारी और धमकी की शिकायतें की गई थीं, जिन्हें जांच में निराधार पाया गया था। इसके बावजूद 10 जून 2026 को इनके खिलाफ कोतवाली में रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि जिन छात्र नेताओं पर मुकदमा दर्ज हुआ है उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, जबकि शिकायतकर्ता होटल संचालकों पर गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही होटल संचालन और लाइसेंस प्रक्रिया में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए।
जिलाधिकारी से मांग की गई कि छात्र नेताओं पर दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें वापस लिया जाए तथा अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि न्यायोचित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। जिलाधिकारी ने मामले में निष्पक्ष और न्यायपूर्ण कार्रवाई का भरोसा दिलाया।














