गाजीपुर – महिला सहायता प्रकोष्ठ एवं परिवार परामर्श केंद्र की पहल से दो बिछड़े परिवारों को फिर से एक होने का अवसर मिला। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के निर्देशन में आयोजित परामर्श सत्र में पति-पत्नी के विवाद से जुड़े कुल 13 मामलों की सुनवाई की गई।
सुनवाई के दौरान लंबे समय से विवादित चल रहे दो मामलों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर काउंसलिंग और मध्यस्थता कराई गई। बातचीत के बाद दोनों दंपतियों ने आपसी गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने पर सहमति जताई। इसके बाद दोनों की राजी-खुशी से विदाई कराई गई।
इसके अलावा दो मामलों में समझौता होने के बाद पत्रावली बंद कर दी गई, जबकि तीन मामलों में संबंधित पक्षों को विधिक सलाह देकर प्रकरण का निस्तारण किया गया। शेष मामलों में सहमति नहीं बनने पर अगली तिथि निर्धारित की गई है।
परिवार परामर्श केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र का उद्देश्य पारिवारिक विवादों को आपसी संवाद और सहमति के माध्यम से सुलझाना है, ताकि परिवार टूटने से बच सकें और दंपतियों को नया अवसर मिल सके।
इस दौरान काउंसलर कमरुद्दीन, महिला आरक्षी सविता, रागिनी चौबे, संध्या, अभिलाषा सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने मध्यस्थता की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।














