“विश्व फोटोग्राफी दिवस पर सजी तस्वीरों की दुनिया, दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर के करीब 40 फोटो जर्नलिस्टों ने लिया हिस्सा”
नोएडा। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर नोएडा मीडिया क्लब की ओर से पांचवीं वार्षिक फोटो प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। नोएडा मीडिया क्लब की फोटो गैलरी में सजी इस प्रदर्शनी में कैमरे से निकली ऐसी तस्वीरों का संसार दिखाई दिया, जिनमें समाज, संस्कृति, प्रकृति, जनजीवन और बदलते शहर की कहानी शब्दों से कहीं अधिक प्रभावशाली अंदाज में नजर आई। दिल्ली-एनसीआर के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 40 फोटो जर्नलिस्टों ने अपनी चुनिंदा तस्वीरों के जरिए जिंदगी के उन पहलुओं को सामने रखा, जिन्हें अक्सर सामान्य नजरें अनदेखा कर देती हैं।
एक तस्वीर, हजार शब्दों से ज्यादा असर
प्रदर्शनी में फोटो पत्रकारिता, डॉक्यूमेंट्री और स्ट्रीट फोटोग्राफी से जुड़ी तस्वीरों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कहीं प्रकृति का अद्भुत सौंदर्य दिखाई दिया तो कहीं आम आदमी के संघर्ष और रोजमर्रा की जिंदगी के रंग कैमरे में कैद नजर आए। सामाजिक सरोकारों से जुड़ी तस्वीरों ने सोचने पर मजबूर किया, वहीं संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी तस्वीरों ने देश की विविधता की झलक दिखाई।
फोटोग्राफी की सबसे बड़ी ताकत यही है कि कैमरा जिस पल को कैद करता है, वह पल समय बीतने के बाद भी जीवित रहता है। यही वजह है कि फोटो पत्रकारिता केवल खबर का हिस्सा नहीं, बल्कि अपने समय का दस्तावेज भी बन जाती है। प्रदर्शनी में शामिल तस्वीरों ने इस बात को बेहद प्रभावशाली ढंग से साबित किया।
तस्वीरों में दिखी बदलते समाज की कहानी
प्रदर्शनी में प्राकृतिक सौंदर्य से लेकर सामाजिक जीवन, शहरों के बदलते स्वरूप, जनसरोकार, संस्कृति और विभिन्न घटनाओं से जुड़े दृश्य देखने को मिले। प्रत्येक तस्वीर के पीछे एक कहानी थी और हर कहानी के पीछे एक फोटो जर्नलिस्ट की मेहनत, धैर्य और संवेदनशील नजर थी।
कई तस्वीरें ऐसी थीं, जो बिना किसी शब्द के भी दर्शकों से संवाद करती नजर आईं। चेहरे के भाव, घटनास्थल का माहौल, आम लोगों की गतिविधियां और बदलते सामाजिक परिवेश को कैमरे में जिस संवेदनशीलता के साथ कैद किया गया, उसने प्रदर्शनी को केवल तस्वीरों का संग्रह न बनाकर समाज के जीवंत दस्तावेज में बदल दिया।
वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्टों की मौजूदगी ने बढ़ाई प्रदर्शनी की गरिमा
नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी, महासचिव जयप्रकाश सिंह एवं कोषाध्यक्ष मनोज वत्स के नेतृत्व में आयोजित इस फोटो प्रदर्शनी को मीडिया जगत, सामाजिक क्षेत्र और शहर के गणमान्य लोगों का उत्साहपूर्ण समर्थन मिला।
इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा के प्रतिनिधि संजय बाली, नोएडा एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन (NEA) के अध्यक्ष विपिन मल्हन, फोनरवा के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, सपा प्रवक्ता राघवेन्द्र दुबे, युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष विकास जैन, आर्या फैशन्स की संस्थापक एवं सीईओ डॉ. खुशबू सिंह, किसान नेता अशोक चौहान सहित दिल्ली-एनसीआर के अनेक फोटो जर्नलिस्ट, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, उद्यमी और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
प्रदर्शनी में वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट कमल किशोर, अमित मेहरा, अम्लान पालीवाल, प्रदीप गौर, नीरज कुमार, इंदरनील सेन, संजय रावत, विजय पांडे, चंद्र प्रकाश मिश्रा, प्रेम सिंह, मो. जाकिर, ध्रुव कुमार, के. आसिफ, बनी स्मिथ और राजेश कुमार सहित अनेक फोटो पत्रकारों की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
अनुभव और नई पीढ़ी का हुआ संवाद
वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्टों ने प्रदर्शनी में शामिल तस्वीरों को देखा और युवा तथा साथी फोटो पत्रकारों के काम की सराहना की। इस दौरान फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता में तेजी से आ रहे बदलावों पर भी चर्चा हुई। तकनीक के विस्तार ने जहां तस्वीर खींचने और उसे लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान बनाया है, वहीं फोटो पत्रकारिता में संवेदनशीलता, तथ्यपरकता और सही क्षण को पहचानने की चुनौती आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
वरिष्ठ फोटो पत्रकारों और नई पीढ़ी के बीच हुए संवाद ने इस आयोजन को केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे अनुभवों और विचारों के आदान-प्रदान का मंच भी बना दिया।
अतिथियों ने सराहा फोटो जर्नलिस्टों का हुनर
प्रदर्शनी में पहुंचे अतिथियों ने फोटो जर्नलिस्टों द्वारा खींची गई तस्वीरों को बारीकी से देखा और उनकी रचनात्मकता, मेहनत तथा सामाजिक दृष्टिकोण की सराहना की। अतिथियों ने कहा कि फोटो पत्रकारिता समाज की वास्तविक तस्वीर को सामने लाने का सशक्त माध्यम है।
एक फोटो जर्नलिस्ट जिस घटनास्थल पर मौजूद रहकर किसी महत्वपूर्ण क्षण को कैमरे में कैद करता है, वही तस्वीर आने वाली पीढ़ियों के लिए उस दौर का दस्तावेज बन जाती है। कई बार किसी घटना को समझने के लिए लंबे विवरण की जरूरत नहीं होती, एक प्रभावशाली तस्वीर ही पूरी कहानी कह देती है।
आलोक द्विवेदी बोले—फोटो जर्नलिस्ट इतिहास को सुरक्षित रखने का काम करते हैं
नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी ने कहा कि फोटो जर्नलिस्ट दिन-रात मेहनत कर समाज, देश और दुनिया में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को अपने कैमरे में कैद करते हैं। उनकी तस्वीरें खबरों को प्रभावशाली बनाने के साथ-साथ इतिहास के महत्वपूर्ण पलों को सुरक्षित रखने का भी काम करती हैं।
उन्होंने कहा कि विश्व फोटोग्राफी दिवस पर आयोजित यह प्रदर्शनी फोटो जर्नलिस्टों के समर्पण, साहस, रचनात्मकता और कला को सम्मान देने का प्रयास है। नोएडा मीडिया क्लब का उद्देश्य केवल पत्रकारों को एक मंच उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा और उनके कैमरे की नजर से समाज को रूबरू कराना भी है।
फोटो पत्रकारिता को मिलेगा और बेहतर मंच
आलोक द्विवेदी ने कहा कि नोएडा मीडिया क्लब भविष्य में भी फोटो पत्रकारों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए इस तरह के आयोजन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि तस्वीरों में समाज को देखने, समझने और सवाल पूछने की ताकत होती है। इसलिए फोटो पत्रकारिता को प्रोत्साहित करना जरूरी है।
पांचवीं वार्षिक फोटो प्रदर्शनी ने यह संदेश भी दिया कि डिजिटल दौर में तस्वीरों की भूमिका कम नहीं हुई, बल्कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ उनकी पहुंच और प्रभाव और बढ़ा है। ऐसे समय में जिम्मेदार और संवेदनशील फोटो पत्रकारिता समाज के सामने वास्तविकता रखने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है।
नोएडा मीडिया क्लब की यह फोटो प्रदर्शनी विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर कैमरे के पीछे खड़े उन चेहरों को सम्मान देने का प्रयास रही, जो अपनी नजर और कैमरे के जरिए समाज के अनदेखे पहलुओं को दुनिया के सामने लाते हैं। प्रदर्शनी में सजी तस्वीरों ने एक बार फिर साबित किया कि एक अच्छी तस्वीर केवल दृश्य नहीं होती, वह अपने समय की कहानी, समाज का आईना और इतिहास का दस्तावेज होती है।














