Saturday, August 22, 2026
Your Dream Technologies
HomePARDAPHAAS BREAKINGफ्री कार पर सियासी संग्राम: CM विजय के ऑफर को DMK ने...

फ्री कार पर सियासी संग्राम: CM विजय के ऑफर को DMK ने ठुकराया, उदयनिधि बोले—पहले विधायकों के हलफनामे जांचिए

“तमिलनाडु विधानसभा में विधायकों को मुफ्त कार और ₹1 लाख की आर्थिक सहायता देने के फैसले पर घमासान, DMK ने अपने 59 विधायकों को योजना से दूर रखने का ऐलान किया”

तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों एक नया मुद्दा सियासी टकराव की वजह बन गया है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की ओर से राज्य के सभी 234 विधायकों को मुफ्त कार उपलब्ध कराने और ईंधन व ड्राइवर जैसी सुविधाओं के लिए मासिक आर्थिक सहायता देने की घोषणा के बाद विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विपक्षी दल DMK ने मुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि जब सरकार खुद राज्य पर बढ़ते कर्ज और आर्थिक दबाव की बात करती रही है, तब विधायकों पर इस तरह का खर्च उचित नहीं है।

DMK ने साफ कर दिया है कि उसके सभी 59 विधायक सरकार की इस सुविधा का लाभ नहीं उठाएंगे। विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालना चाहती। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि मुफ्त कार देने से पहले सभी विधायकों के चुनावी हलफनामों की जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि किस विधायक के पास पहले से वाहन है तथा किसकी आर्थिक स्थिति वास्तव में ऐसी है कि उसे सरकारी वाहन की जरूरत है।

कर्ज में डूबी सरकार, फिर विधायकों को मुफ्त कार क्यों?

विधानसभा में बहस के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय की सरकार को उसी के पुराने बयानों की याद दिलाई। उनका कहना था कि TVK सरकार सत्ता में आने के बाद से लगातार राज्य की आर्थिक स्थिति और कर्ज का हवाला देती रही है। ऐसे में विधायकों को मुफ्त कार और अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने का फैसला समझ से परे है।

उदयनिधि ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विजय खुद मुफ्त की योजनाओं यानी ‘फ्रीबीज’ की राजनीति के खिलाफ होने की बात करते रहे हैं। ऐसे में सरकार का विधायकों के लिए मुफ्त कार और आर्थिक पैकेज घोषित करना विरोधाभासी है।

उन्होंने कहा कि DMK के विधायक इस सुविधा को स्वीकार नहीं करेंगे, ताकि सरकार पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ को कम किया जा सके।

सरकार का ऐलान: कार के साथ ₹1 लाख की मदद

मुख्यमंत्री विजय ने इसी सप्ताह विधानसभा में विधायकों के लिए मुफ्त कार उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके साथ ही ईंधन और सहायक यानी ड्राइवर के भुगतान के लिए प्रत्येक विधायक को एक लाख रुपये की विशेष आर्थिक सहायता देने की बात भी कही गई।

सत्ता पक्ष के विधायकों ने मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत किया। TVK के कुछ विधायकों ने सदन में गीत गाकर भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। TVK विधायक सबरी इयंगरन ने कहा कि वह रोजाना ऑटो से सचिवालय आते हैं और विधानसभा के प्रवेश द्वार पर पुलिस द्वारा रोके जाने के कारण उन्हें परेशानी होती है।

लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा के तुरंत बाद ही यह मुद्दा राजनीतिक बहस में बदल गया।

हलफनामों ने बढ़ाई सरकार की मुश्किल

मुफ्त कार योजना पर सवाल उस समय और गहरा गया, जब कुछ विधायकों के चुनावी हलफनामे सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गए। दावा किया गया कि इनमें कुछ विधायकों के नाम पर पहले से एक से अधिक कारें दर्ज हैं।

इसी मुद्दे को विपक्ष ने सरकार के सामने प्रमुखता से उठाया। उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि सभी विधायकों के चुनावी हलफनामों की जांच कराई जानी चाहिए। सरकार को यह देखना चाहिए कि किस विधायक के पास पहले से निजी वाहन है और कौन वास्तव में सरकारी वाहन का पात्र है।

उन्होंने मांग की कि सुविधा का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ या सभी को समान रूप से फायदा पहुंचाने के बजाय जरूरत के आधार पर किया जाना चाहिए।

‘पहले जरूरत देखिए, फिर दीजिए सरकारी गाड़ी’

उदयनिधि स्टालिन ने सरकार के सामने एक वैकल्पिक सुझाव भी रखा। उन्होंने कहा कि सरकारी वाहनों की सुविधा सिर्फ उन विधायकों को दी जानी चाहिए जिन्हें इसकी वास्तविक जरूरत है और जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।

DMK नेता ने कहा कि अगर किसी विधायक के पास पहले से वाहन मौजूद है तो उसे सरकारी खर्च पर नई कार देने का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए पहले विधायकों की संपत्ति और चुनावी हलफनामों की जांच होनी चाहिए और उसके बाद ही सुविधा देने पर फैसला किया जाना चाहिए।

इस मांग ने विधानसभा में सरकार की योजना को लेकर बहस को और तीखा कर दिया।

भ्रष्टाचार की फाइलों पर भी विजय को घेरा

विधानसभा में मुफ्त कार का मुद्दा ही नहीं, बल्कि पूर्ववर्ती सरकार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री विजय और उदयनिधि स्टालिन के बीच तीखी राजनीतिक नोकझोंक देखने को मिली।

उदयनिधि ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जिन भ्रष्टाचार संबंधी फाइलों का जिक्र विजय पहले कर चुके हैं, उन्हें सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत हैं तो उन्हें सामने लाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में देरी नहीं होनी चाहिए।

उदयनिधि ने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि आखिर फाइलें सार्वजनिक करने में देरी क्यों की जा रही है। उन्होंने तंज किया कि क्या मुख्यमंत्री अपने ज्योतिषी से तारीख तय होने का इंतजार कर रहे हैं।

‘विधानसभा भाषण देने की जगह नहीं’

बहस के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सिर्फ भाषण देने के बजाय सरकार को विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए।

उनका जोर इस बात पर रहा कि अगर मुख्यमंत्री के पास पिछली सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के दस्तावेज हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए और कार्रवाई की जाए। हालांकि मुख्यमंत्री विजय ने इस चुनौती का तत्काल कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

फ्री कार बना नई सियासी लड़ाई का मुद्दा

तमिलनाडु विधानसभा में मुफ्त कार की घोषणा ने अब महज सरकारी सुविधा के सवाल को राजनीतिक टकराव में बदल दिया है। एक ओर TVK सरकार इसे विधायकों की सुविधा और कामकाज को बेहतर बनाने की पहल के रूप में पेश कर रही है, तो दूसरी ओर DMK इसे राज्य की आर्थिक स्थिति और सरकारी खर्च के सवाल से जोड़ रही है।

DMK ने अपने 59 विधायकों को योजना से बाहर रखने का ऐलान कर सरकार के सामने राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। अब बहस सिर्फ इस बात पर नहीं है कि विधायकों को कार मिलनी चाहिए या नहीं, बल्कि यह सवाल भी उठ रहा है कि सरकारी खजाने पर इसका कितना बोझ पड़ेगा और क्या सुविधा जरूरत के आधार पर दी जाएगी।

तमिलनाडु की विधानसभा में उठा यह विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। खासकर तब, जब विपक्ष सरकार से एक तरफ आर्थिक अनुशासन का हिसाब मांग रहा है और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के पुराने भ्रष्टाचार संबंधी दावों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है। ऐसे में मुफ्त कार की घोषणा ने TVK सरकार और DMK के बीच सियासी दूरी को और बढ़ा दिया है।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button