मॉस्को/कानपुर: रूस की राजधानी मॉस्को में काम करने गए कानपुर के एक भारतीय इंजीनियर की कथित हिरासत ने उनके परिवार की चिंता बढ़ा दी है। इंजीनियर की पत्नी स्नेहा चंदन गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि उनके पति चंदन गुप्ता को रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे मॉस्को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। स्नेहा का आरोप है कि हिरासत के बाद उनके पति पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव डाला जा रहा है।
पत्नी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए चंदन की सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित कराने की मांग की है। स्नेहा ने कहा कि वह अपने 10 साल के बेटे के साथ मॉस्को में हैं और रूसी भाषा की जानकारी नहीं होने के कारण उन्हें यह समझने में बेहद कठिनाई हो रही है कि उनके पति को किस वजह से हिरासत में लिया गया है और उनके साथ क्या हो रहा है।
‘रविवार दोपहर पुलिस ने पति को हिरासत में लिया’
स्नेहा के मुताबिक, उनके पति चंदन गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं और पेशे से इंजीनियर हैं। वह नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक कंपनी से जुड़े हुए हैं। कंपनी के एक असाइनमेंट के सिलसिले में चंदन वर्क वीजा पर रूस गए थे। परिवार के मुताबिक, वह अपने पेशेवर काम के लिए रूस में रह रहे थे।
स्नेहा ने अपने वीडियो में दावा किया कि रविवार को दोपहर करीब 12:30 बजे मॉस्को पुलिस ने उनके पति को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें जेल भेजे जाने की बात भी सामने आई। पत्नी का कहना है कि चंदन ने कोई गलत काम नहीं किया है, इसलिए उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर उन्हें किस आधार पर हिरासत में लिया गया।
उनका सबसे बड़ा डर कथित तौर पर चंदन को रूसी सेना में शामिल किए जाने को लेकर है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पत्नी का दावा- ‘रूसी सेना में शामिल होने का दबाव’
स्नेहा ने आरोप लगाया कि उनके पति को हिरासत में लेने के बाद उन पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि रूस में सैनिकों की कमी के चलते भारतीयों समेत दूसरे देशों के नागरिकों को रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती करने की कोशिशें की जा रही हैं।
पत्नी का यह भी कहना है कि चंदन ने रूस में किसी तरह का गलत काम नहीं किया और वह केवल अपने रोजगार से जुड़े असाइनमेंट के लिए वहां गए थे। ऐसे में उनकी हिरासत और कथित तौर पर सेना में शामिल होने के दबाव को लेकर परिवार बेहद चिंतित है।
हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि चंदन गुप्ता की हिरासत के कारण, उन पर लगे किसी संभावित आरोप या रूसी सेना में भर्ती करने की कथित प्रक्रिया को लेकर अभी कोई स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। न तो रूसी अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई सार्वजनिक बयान सामने आया है और न ही भारतीय अधिकारियों की ओर से मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट की गई है।
10 साल के बेटे के साथ मॉस्को में फंसी पत्नी
पति की हिरासत के बाद स्नेहा खुद अपने 10 साल के बेटे के साथ मॉस्को में हैं। वीडियो में वह बेहद भावुक नजर आईं। उन्होंने बताया कि उन्हें रूसी भाषा समझ नहीं आती, जिसके कारण वह अधिकारियों से बातचीत करने और अपने पति की स्थिति के बारे में सही जानकारी हासिल करने में कठिनाई महसूस कर रही हैं।
स्नेहा के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि एक तरफ पति हिरासत में हैं और दूसरी तरफ वह अपने छोटे बेटे के साथ विदेशी जमीन पर हैं। ऐसे में परिवार को यह चिंता सता रही है कि चंदन के साथ आगे क्या होगा और उन्हें कब तक हिरासत में रखा जाएगा।
उन्होंने सरकार से इस मामले में तत्काल मदद करने की अपील की है। स्नेहा ने लोगों से भी उनके वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करने और मामले को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आग्रह किया है।
पीएम मोदी और सीएम योगी से लगाई मदद की गुहार
स्नेहा ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि अधिकारियों के स्तर पर मामले की जानकारी ली जाए और उनके पति की सुरक्षित भारत वापसी में मदद की जाए।
परिवार की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि मामला विदेश की धरती पर हुआ है और स्थानीय भाषा की जानकारी नहीं होने के कारण परिवार खुद स्थिति को समझने में असमर्थ है। ऐसे में भारतीय दूतावास और संबंधित सरकारी एजेंसियों की भूमिका अहम मानी जा रही है।
नोएडा की कंपनी के जरिए रूस गए थे चंदन
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चंदन गुप्ता नोएडा स्थित एक भारतीय कंपनी के जरिए रूस में काम कर रहे थे। बताया गया है कि कंपनी का रूस में भी कारोबार है और चंदन को एक असाइनमेंट के तहत वहां भेजा गया था।
यानी चंदन का रूस जाना रोजगार से जुड़ा हुआ था। परिवार का कहना है कि वह वर्क वीजा पर वहां गए थे। अब उनकी कथित हिरासत के बाद पत्नी लगातार सरकारी स्तर पर मदद की गुहार लगा रही हैं।
कंपनी, दूतावास और रूसी अधिकारियों की चुप्पी से बढ़े सवाल
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि चंदन गुप्ता को आखिर किस आधार पर हिरासत में लिया गया और वर्तमान में उनकी स्थिति क्या है। पत्नी ने जहां रूसी सेना में शामिल करने के दबाव का गंभीर आरोप लगाया है, वहीं अभी तक इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चंदन की कंपनी, भारतीय दूतावास या रूसी अधिकारियों की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में परिवार के आरोपों और वास्तविक स्थिति के बीच की तस्वीर अभी साफ नहीं हो सकी है।
फिलहाल चंदन की पत्नी सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की उम्मीद कर रही हैं। एक ओर मॉस्को में पति की कथित हिरासत और दूसरी ओर 10 साल के बेटे के साथ अकेले होने की स्थिति ने परिवार को गहरी चिंता में डाल दिया है। अब निगाह इस बात पर है कि भारतीय अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और चंदन गुप्ता की स्थिति को लेकर आधिकारिक तौर पर क्या जानकारी सामने आती है।
फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है—क्या चंदन गुप्ता वास्तव में हिरासत में हैं, उन्हें किस आरोप में रखा गया है और क्या उन पर रूसी सेना में शामिल होने का कोई दबाव बनाया जा रहा है? इन सवालों का जवाब आधिकारिक जांच और संबंधित अधिकारियों के बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।














