गाजीपुर। पंचायती राज विभाग के अंतर्गत जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला एवं मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की उपस्थिति में आयोजित हुई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, आधारभूत ढांचे के विकास तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान सदर एडीओ पंचायत के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया।
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापना में तेजी
बैठक में बताया गया कि जनपद को निदेशालय स्तर से पांच प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (PWMU) स्थापित करने का लक्ष्य मिला है। विकास खंड सदर की ग्राम पंचायत रसूलपुर टी शेखपुर में निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं नगसर नेवाजू राय (रेवतीपुर) एवं कठउत (मुहम्मदाबाद) में निर्माण एवं टेंडर प्रक्रिया को गति देने के लिए 16-16 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट स्वीकृत की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्य के तहत ग्राम पंचायत हरहरि (मरदह) से प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।
फीकल स्लज मैनेजमेंट और बायोगैस प्लांट पर चर्चा
फीकल स्लज मैनेजमेंट योजना के अंतर्गत जनपद में दो इकाइयों की स्थापना के लिए एक-एक एकड़ भूमि चिन्हित करने हेतु सभी उप जिलाधिकारियों को पत्र भेजने की तैयारी की गई है। विकास खंड बाराचवर की ग्राम पंचायत करीमुद्दीनपुर में जल निगम (ग्रामीण) द्वारा निर्मित बायोगैस प्लांट के संचालन और हैंडओवर में हो रही देरी पर समिति ने नाराजगी जताई। कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह के भीतर प्लांट चालू करने की अंतिम चेतावनी दी गई।
15,100 व्यक्तिगत शौचालयों का मिला लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद को 15,100 व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। समिति ने इसका विकास खंडवार आवंटन स्वीकृत करते हुए सभी सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों के चयन में फैमिली आईडी, बैंक खाते और मोबाइल नंबर की गहन जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
वित्तीय प्रगति की भी हुई समीक्षा
15वें वित्त आयोग के बजट व्यय में भदौरा विकास खंड 80.58 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा, जबकि करंडा 53.36 प्रतिशत व्यय के साथ सबसे पीछे पाया गया। दूसरी ओर, 5वें राज्य वित्त आयोग के बजट व्यय में करंडा 93.20 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि मुहम्मदाबाद 63.76 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे रहा।
निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश
वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत स्वीकृत अधिकांश अंत्येष्टि स्थलों और बहुद्देशीय पंचायत भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्ष 2025-26 के कुछ प्रोजेक्ट जैसे सुरहुरपुर और खतीरपुर पूर्ण हो चुके हैं, जबकि बखरा, महमूदपुर और चौराबोझ गांवों में भूमि विवाद के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को विधिक प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए।
बैठक में परियोजना निदेशक महेंद्र प्रताप यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त एडीओ पंचायत, समस्त खंड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।














