“12 विकास परियोजनाओं की आधारशिला, स्वच्छता से लेकर पानी, शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और ट्रैफिक व्यवस्था को मिलेगा नया स्वरूप”
लखनऊ: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि लखनऊ का विकास उत्तर प्रदेश की समग्र प्रगति से गहराई से जुड़ा हुआ है। राजधानी के विकास में केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार राजधानी में चल रहे विकास कार्यों में केंद्र को पूरा सहयोग दे रही है।
लखनऊ कैंटोनमेंट को आधुनिक और आदर्श कैंटोनमेंट के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने 12 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण या बुनियादी ढांचे के विस्तार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए एक बेहतर, सुविधाजनक और आधुनिक कैंटोनमेंट की नींव हैं।
कैंटोनमेंट में बदलेगी जीवन की तस्वीर
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रस्तावित परियोजनाओं में स्वच्छ और बेहतर कैंटोनमेंट, पानी की सुचारु आपूर्ति, बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर, युवाओं के लिए आधुनिक खेल सुविधाएं, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल तथा ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था में सुधार जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी शहर या क्षेत्र के विकास का वास्तविक मूल्यांकन केवल ऊंची इमारतों और बड़ी सड़कों से नहीं किया जा सकता। विकास तब सार्थक होता है, जब उसका सीधा लाभ आम नागरिक के जीवन में दिखाई दे। कैंटोनमेंट क्षेत्र में प्रस्तावित योजनाओं का उद्देश्य भी यही है कि यहां रहने वाले सैन्यकर्मियों, पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
रक्षा मंत्री ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच समन्वय को विकास की रफ्तार बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कारक बताया। उन्होंने कहा कि जब केंद्र और राज्य मिलकर काम करते हैं तो योजनाओं को जमीन पर उतारने में आने वाली बाधाएं कम होती हैं और जनता को उसका लाभ तेजी से मिलता है।
‘विकसित भारत’ का मतलब सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट नहीं
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का लक्ष्य भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है, लेकिन विकसित भारत का अर्थ केवल बड़े-बड़े प्रोजेक्ट, चौड़ी सड़कें और आधुनिक इमारतें बनाना नहीं है। उन्होंने विकास की परिभाषा को आम परिवार, बच्चे, युवा और दिव्यांगजन के जीवन से जोड़ते हुए कहा कि असली विकास वही है, जिसमें हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा, परिवारों को घर तक स्वच्छ पानी, युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए खेल के मैदान और सुविधाएं तथा दिव्यांग बच्चों को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है, तभी उसे वास्तविक विकास कहा जा सकता है।
रक्षा मंत्री ने जोर दिया कि विकसित भारत की यात्रा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसका विस्तार हर मोहल्ले, हर बस्ती और हर परिवार तक होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें नागरिकों को बेहतर जीवन जीने के लिए आवश्यक सुविधाएं अपने आसपास ही उपलब्ध हों।
इतिहास और विरासत से जुड़ेगा आधुनिक लखनऊ
राजनाथ सिंह ने लखनऊ कैंटोनमेंट के कुछ बाजारों और सार्वजनिक स्थलों के नाम बदले जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों को देश के इतिहास और राष्ट्रीय नायकों से जोड़ने का उद्देश्य लोगों को अपनी विरासत से परिचित कराना और नई पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास के साथ अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखना भी जरूरी है। लखनऊ की पहचान उसकी तहजीब, संस्कृति, कला और ऐतिहासिक विरासत से रही है और आधुनिक सुविधाओं के साथ इस विरासत को आगे बढ़ाना शहर के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।
योगी बोले—लखनऊ ने बदली अपनी पहचान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लखनऊ के बदलते स्वरूप का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सुरक्षा और सुशासन के क्षेत्र में नई दिशा हासिल की है।
मुख्यमंत्री ने पुराने लखनऊ की स्थिति को याद करते हुए कहा कि करीब दो दशक पहले रेलवे स्टेशन पर ‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’ का संदेश दिखाई देता था, लेकिन शहर में ट्रैफिक जाम, संकरी गलियों और गंदगी जैसी समस्याओं के कारण लोगों के लिए मुस्कुराना मुश्किल हो जाता था। उन्होंने कहा कि अब लखनऊ ने अपनी ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान बनाई है।
विरासत के साथ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का नया अध्याय
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ की पहचान केवल उसकी ऐतिहासिक विरासत और संस्कृति तक सीमित नहीं है। शहर अब आधुनिक रक्षा निर्माण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उदा देवी और महाराजा बिजली पासी जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि लखनऊ ने अपनी ऐतिहासिक पहचान को आधुनिक रक्षा उत्पादन के साथ जोड़ने का काम किया है।
उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल से जुड़े उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में रक्षा निर्माण की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। केंद्र सरकार की पहल के तहत प्रदेश में रक्षा निर्माण से जुड़े छह कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश में निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
चिकनकारी से गैस्ट्रोनॉमी तक लखनऊ की पहचान
मुख्यमंत्री ने लखनऊ की पारंपरिक चिकनकारी को भी शहर की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि लखनऊ ने अपनी कला, संस्कृति, खान-पान और विरासत को आधुनिक विकास के साथ जोड़ने का प्रयास किया है।
उन्होंने शहर को यूनेस्को की गैस्ट्रोनॉमी से जुड़ी मान्यता मिलने का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि लखनऊ की विशेषता यही है कि यहां आधुनिकता और परंपरा साथ-साथ आगे बढ़ रही हैं। एक ओर शहर अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर अपनी सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक विरासत को भी संरक्षित कर रहा है।
सैन्यकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी लाभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ कैंटोनमेंट को आधुनिक सुविधाओं से विकसित किए जाने का लाभ केवल सैन्य क्षेत्र में रहने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सड़क, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य, पानी और अन्य नागरिक सुविधाओं का प्रभाव आसपास के आम लोगों पर भी पड़ेगा।
भारत की आजादी के आंदोलन का श्रेय, कोई एक व्यक्ति या एक पार्टी नहीं ले सकती… pic.twitter.com/FPc8ucsvL4
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 30, 2026
उन्होंने कहा कि कैंटोनमेंट के विकास की परियोजनाएं लखनऊ को एक अधिक व्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे शहर में रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी और राजधानी की बुनियादी सुविधाओं पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
‘कमी और अव्यवस्था’ से विकास के इंजन तक पहुंचा यूपी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में अपनी छवि और कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। उनके अनुसार प्रदेश अब अव्यवस्था और अशांति के दौर से आगे निकलकर देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, निवेश, औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना के विस्तार ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। उन्होंने प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण ‘ग्रोथ इंजन’ बताते हुए कहा कि आने वाले समय में विकास की यह रफ्तार और तेज होगी।
कैंटोनमेंट से निकलेगा विकास का नया मॉडल
लखनऊ कैंटोनमेंट में 12 परियोजनाओं की शुरुआत को राजधानी के विकास की व्यापक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। स्वच्छता, पेयजल, शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य, तकनीक, यातायात और पार्किंग जैसी सुविधाओं को एक साथ विकसित करने की योजना कैंटोनमेंट को एक समग्र मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में कदम है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। केंद्र और राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में शुरू की गई इन परियोजनाओं से यह संदेश भी सामने आया कि लखनऊ का विकास अब केवल सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं, बल्कि नागरिक सुविधाओं, सैन्य क्षेत्रों के आधुनिकीकरण और शहर की ऐतिहासिक पहचान को साथ लेकर आगे बढ़ने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधनों में एक बात स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आई—विकास का अगला चरण तभी सफल माना जाएगा, जब आधुनिक सुविधाओं के साथ आम नागरिक का जीवन भी आसान हो और शहर अपनी पहचान को कायम रखते हुए भविष्य के लिए तैयार हो। लखनऊ कैंटोनमेंट में शुरू की गई 12 परियोजनाएं इसी सोच को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।














