Sunday, July 5, 2026
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### ‘सुन रहे हो ना विनोद… काम बोले छे!’— सेमीकंडक्टर प्लांट के मंच से PM मोदी का ‘पंचायत’ वाला पंच, ठहाकों के बीच भारत ने चिप क्रांति की ओर बढ़ाया बड़ा कदम

“गुजरात के साणंद से आत्मनिर्भर भारत को नई उड़ान, तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट का शुभारंभ; जापान रवाना हुई ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स की पहली खेप”

साणंद (गुजरात)। गुजरात के साणंद से शनिवार को भारत की तकनीकी और औद्योगिक महत्वाकांक्षा को नई दिशा मिली, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया। यह अवसर केवल एक औद्योगिक परियोजना के शुभारंभ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान एक ऐसा पल भी आया जिसने पूरे सभागार को ठहाकों से गूंजा दिया। लोकप्रिय वेब सीरीज ‘पंचायत’ के चर्चित मीम डायलॉग “सुन रहे हो ना विनोद” का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने जब कहा, “सुन रहे हो ना विनोद… काम बोले छे!”, तो मंच पर मौजूद उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से लेकर दर्शकों तक सभी मुस्कुरा उठे।

प्रधानमंत्री का यह सहज और हास्यपूर्ण अंदाज देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया और कुछ ही देर में यह वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया।


सेमीकंडक्टर क्रांति की ओर भारत का निर्णायक कदम

साणंद में स्थापित यह अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर संयंत्र भारत के लिए एक रणनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। दुनिया भर में सेमीकंडक्टर को आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, रक्षा उपकरण, चिकित्सा मशीनें, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष तकनीक तक—हर क्षेत्र में चिप्स की अहम भूमिका है।

अब तक भारत इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर रहा है, लेकिन इस नए संयंत्र के साथ देश आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ‘न्यू इंडिया’ की तकनीकी पहचान बताते हुए कहा कि भारत केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण निर्माता बनने की ओर अग्रसर है।


‘मैं कभी छोटे लक्ष्य नहीं रखता’— प्रधानमंत्री का बड़ा संदेश

कार्यक्रम में CG Power and Industrial Solutions के चेयरमैन वेल्लायन सुब्बैया ने अपने संबोधन में गुजराती कहावत “निशान चूक माफ, पण नहीं माफ नीचू निशान” का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़े लक्ष्य रखना ही सफलता की पहली शर्त है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात को आगे बढ़ाते हुए कहा—

“मैं कभी छोटे लक्ष्य नहीं रखता। अगर मूर्ति बनानी है तो दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति बनाऊंगा।”

यह टिप्पणी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ओर इशारा थी, जिसे दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा माना जाता है।

इसके बाद उन्होंने सुब्बैया की दूसरी बात “काम बोले छे” को दोहराते हुए मुस्कुराकर कहा—

“सुन रहे हो ना विनोद… काम बोले छे!”

बस फिर क्या था, पूरा सभागार ठहाकों और तालियों से गूंज उठा।


‘पंचायत’ के मीम ने भाषण में भर दी सहजता

वेब सीरीज ‘पंचायत’ का डायलॉग “सुन रहे हो ना विनोद” पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया का बेहद लोकप्रिय मीम बन चुका है। प्रधानमंत्री द्वारा इस संवाद का मंच से प्रयोग यह दिखाता है कि वे युवाओं और सोशल मीडिया की लोकप्रिय संस्कृति से भी परिचित हैं।

यही कारण रहा कि भाषण का यह हिस्सा सबसे ज्यादा चर्चा में आ गया। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कैप्शन लिखा—“सुन रहे हो ना विनोद.”

कुछ ही घंटों में हजारों लोगों ने वीडियो साझा किया और प्रधानमंत्री के इस अंदाज की सराहना की।

20 करोड़ चिप्स प्रतिवर्ष का उत्पादन, लक्ष्य 50 करोड़ का

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि साणंद स्थित इस संयंत्र में हर वर्ष 20 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि कंपनी बहुत जल्द इस लक्ष्य को प्राप्त करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में 50 करोड़ चिप्स प्रतिवर्ष उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा—

“Step by Step… Brick by Brick… और अब Chip by Chip… भारत वैश्विक तकनीकी शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।”


जापान पहुंची ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स की पहली खेप

कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि इस संयंत्र में तैयार सेमीकंडक्टर चिप्स की पहली खेप जापान भेजी जा चुकी है।

यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पहली बार भारत में बनी चिप्स वैश्विक सप्लाई चेन का हिस्सा बनी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की तकनीकी विश्वसनीयता बढ़ेगी और विदेशी निवेश को भी गति मिलेगी।


इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 2014 के बाद भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

उन्होंने बताया कि—

  • भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है।
  • मोबाइल निर्यात में भी देश दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग 7 गुना बढ़ा है।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में लगभग 11 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन केवल सरकारी नीतियों का परिणाम नहीं, बल्कि उद्योग और युवाओं की भागीदारी का भी प्रमाण है।


गुजरात बनेगा देश का सेमीकंडक्टर हब

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुजरात तेजी से भारत का सेमीकंडक्टर हब बनता जा रहा है। राज्य में विकसित हो रहा औद्योगिक इकोसिस्टम, आधुनिक आधारभूत संरचना और निवेश-अनुकूल वातावरण इसे वैश्विक कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा है।

साणंद का यह संयंत्र हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगा। इसके साथ ही सहायक उद्योगों के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।


आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव

प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकी संप्रभुता का आधार है। यदि भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रक्षा, इलेक्ट्रिक वाहन, 5G-6G संचार और अंतरिक्ष तकनीक में अग्रणी बनना है तो चिप निर्माण में आत्मनिर्भर होना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि एक संपूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करना है, जिसमें अनुसंधान, डिजाइन, निर्माण और निर्यात सभी शामिल हों।


‘काम बोले छे’ बना कार्यक्रम का सबसे चर्चित संदेश

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि परिणाम देना है।

उन्होंने मुस्कुराते हुए फिर दोहराया—

“काम बोले छे.”

इसके साथ ही पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठा। यह संदेश केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि भारत के तेजी से बदलते औद्योगिक परिदृश्य का प्रतीक बन गया।


पहले पन्ने की बात

साणंद का यह समारोह केवल एक प्लांट के उद्घाटन का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता, वैश्विक औद्योगिक महत्वाकांक्षा और प्रधानमंत्री मोदी की सहज संवाद शैली का ऐसा संगम था जिसने विकास, उद्योग और जनसंपर्क—तीनों को एक मंच पर ला खड़ा किया। “सुन रहे हो ना विनोद… काम बोले छे!” अब केवल एक वायरल संवाद नहीं, बल्कि भारत की नई औद्योगिक यात्रा का चर्चित प्रतीक बन गया है।

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
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