“लखनऊ से कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश—जनता के बीच जाएं, सरकार की उपलब्धियां पहुंचाएं और 2027 की जीत का आधार अभी से तैयार करें”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 भले ही अभी कुछ समय दूर हो, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी तैयारियों का शंखनाद कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शनिवार को लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों की पहली बैठक को संबोधित करते हुए संगठन को स्पष्ट संदेश दिया कि अब शक्ति प्रदर्शन का दौर नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतने का समय है। उन्होंने कहा कि चुनाव बड़े-बड़े रोड शो, जुलूस और भीड़ जुटाने से नहीं, बल्कि घर-घर पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान कराने से जीते जाते हैं।
बैठक में नितिन नबीन ने संगठनात्मक मजबूती, बूथ स्तर तक सक्रियता, विपक्ष के आरोपों का तथ्यात्मक जवाब और केंद्र व प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उनके संबोधन को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी का शुरुआती रोडमैप माना जा रहा है।
‘जनता का भरोसा ही सबसे बड़ी ताकत’
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कार्यकर्ताओं को अब हर गांव, हर वार्ड और हर मोहल्ले तक पहुंचना होगा। उन्होंने कहा कि जनता केवल भाषण नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और समाधान चाहती है। यदि कार्यकर्ता लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनेंगे, उनकी समस्याओं को समझेंगे और समाधान के लिए प्रयास करेंगे, तो वही विश्वास 2027 में भाजपा की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।
उन्होंने कहा कि संगठन का प्रत्येक पदाधिकारी जनता से नियमित संवाद बनाए रखे और यह सुनिश्चित करे कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
विपक्ष के नैरेटिव का ‘तथ्यों से जवाब’ देने का आह्वान
अपने संबोधन में नितिन नबीन ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष लगातार एक नकारात्मक नैरेटिव खड़ा करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे भावनात्मक बहस में उलझने के बजाय तथ्यों और उपलब्धियों के आधार पर जनता के बीच जाएं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin ने लखनऊ में आयोजित सांसदों व विधायकों की बैठक को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) श्री @blsanthosh, मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath, प्रदेश अध्यक्ष श्री @mppchaudhary, उपमुख्यमंत्री द्वय श्री @kpmaurya1 व श्री… pic.twitter.com/Tom4DElXer
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) July 4, 2026
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ने विकास, सुशासन और पारदर्शिता के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक कार्य किए हैं। इन उपलब्धियों को हर परिवार तक पहुंचाना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
‘आपसी मतभेद छोड़िए, विपक्ष से लड़िए’
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन के भीतर अनुशासन और टीम भावना पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को व्यक्तिगत मतभेदों तथा गुटबाजी से ऊपर उठकर काम करना होगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि संगठन की ऊर्जा आपसी खींचतान में खर्च होने के बजाय विपक्ष के राजनीतिक मुकाबले में लगनी चाहिए। चुनाव नजदीक हैं और हर कार्यकर्ता का पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने पर होना चाहिए।
हर महीने जिलों का दौरा, नियमित कार्यसमिति बैठकें होंगी
बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। नितिन नबीन ने सभी प्रदेश पदाधिकारियों को हर महीने अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करने और स्थानीय कार्यकर्ताओं से नियमित संवाद बनाए रखने को कहा।
उन्होंने घोषणा की कि अगस्त के पहले सप्ताह में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद प्रत्येक जिले में हर महीने जिला कार्यसमिति की बैठक अनिवार्य होगी ताकि संगठन लगातार सक्रिय और जवाबदेह बना रहे।
‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ तक का सफर
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की पहचान अब अपराध और माफियाओं से नहीं, बल्कि विकास और उद्योग से हो रही है।
उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश की चर्चा माफिया और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के लिए होती थी, लेकिन आज राज्य ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसी योजनाओं के माध्यम से रोजगार, निर्यात और स्थानीय उद्योगों के लिए जाना जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में बिना किसी सिफारिश और भ्रष्टाचार के लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। कार्यकर्ताओं को इन उपलब्धियों की जानकारी गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचानी चाहिए।
सरकार की योजनाओं को जन-आंदोलन बनाने की अपील
नितिन नबीन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने संगठन से अपेक्षा की कि वह सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को केवल सरकारी अभियान न रहने देकर जन-आंदोलन का स्वरूप दे।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता सरकार और जनता के बीच मजबूत सेतु बनें और लोगों को योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें लाभ दिलाने में सहयोग करें।
भव्य रोड शो से हुआ राजधानी में स्वागत
बैठक से पहले नितिन नबीन का लखनऊ आगमन भी पूरी तरह चुनावी माहौल में दिखाई दिया। एयरपोर्ट से बीजेपी प्रदेश मुख्यालय तक लगभग 18 किलोमीटर लंबा रोड शो निकाला गया, जिसमें हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए।
पूरे मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारी वर्ग, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और अन्य प्रकोष्ठों ने उनका स्वागत किया। ओबीसी मोर्चा ने क्रेन के माध्यम से लगभग 25 फीट लंबी माला पहनाकर अभिनंदन किया। रोड शो के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों तथा ईसाई समाज के प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी देखने को मिली, जिसे पार्टी ने सामाजिक समरसता का संदेश बताया।
जोश से भरा जनसैलाब, कार्यकर्ताओं का अपार उत्साह और संगठन के प्रति अटूट समर्पण
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin के लखनऊ आगमन की भव्य स्वागत यात्रा की झलकियां। #NitinNabinInUP pic.twitter.com/MOBBa4i6c6
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2027 की रणनीति का पहला संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नबीन का यह पहला बड़ा संगठनात्मक संबोधन केवल औपचारिक बैठक नहीं था, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की रणनीतिक दिशा का संकेत भी था।
इस बैठक के माध्यम से पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले महीनों में संगठन बूथ स्तर तक सक्रिय होगा, कार्यकर्ताओं का सीधा संपर्क जनता से बढ़ाया जाएगा और सरकार की उपलब्धियों को चुनावी अभियान का प्रमुख आधार बनाया जाएगा।
जनसंपर्क, संगठन और सुशासन पर रहेगा फोकस
बीजेपी नेतृत्व का संदेश साफ है कि 2027 की चुनावी लड़ाई केवल राजनीतिक नारों से नहीं, बल्कि जनसंपर्क, संगठनात्मक मजबूती और सरकार के कामकाज के आधार पर लड़ी जाएगी। कार्यकर्ताओं को जनता के बीच रहकर विश्वास अर्जित करने, विपक्ष के आरोपों का तथ्यों से जवाब देने और केंद्र व प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को हर घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लखनऊ से दिया गया यह संदेश आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि भाजपा अपने संगठनात्मक अभियान को किस तरह बूथ स्तर तक उतारती है और 2027 के चुनावी रण में इसे कितनी प्रभावी रणनीति में बदल पाती है।














