नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की दवा कंपनी Hindustan Antibiotics Limited (HAL) एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है। कंपनी की प्रबंध निदेशक नीरजा सराफ के खिलाफ लोकपाल में गंभीर भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं, भाई-भतीजावाद और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग से जुड़ी विस्तृत शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2016 में पदभार संभालने के बाद से कंपनी में नियमों और सरकारी प्रक्रियाओं को दरकिनार कर अपने करीबी लोगों और चुनिंदा निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। मामले में करोड़ों रुपये के संदिग्ध टेंडर, फर्जी भुगतान और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
संदिग्ध कंपनियों को टेंडर देने का आरोप
लोकपाल में दाखिल शिकायत के अनुसार, सरकारी खरीद नियमों और केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए कई बड़े ठेके संदिग्ध कंपनियों को दिए गए।
आरोप है कि पुणे स्थित कंपनी “ऑल-स्टार इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड” को गुणवत्ता संबंधी आपत्तियों के बावजूद एक लाख बोतलों की आपूर्ति का बड़ा टेंडर दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि HAL के कई अधिकारियों ने इस खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे, लेकिन उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर दिया गया।
“भय का माहौल बनाकर दबाई गई आवाज”
व्हिसलब्लोअर ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी के भीतर ऐसा माहौल बनाया गया, जहां कथित अनियमितताओं का विरोध करने वाले कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जाता था।
शिकायत के मुताबिक, कई कर्मचारियों को निलंबन, नौकरी से हटाने या दूरदराज स्थानों पर तबादले की धमकी दी गई। इससे कर्मचारियों के बीच डर का माहौल बन गया और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत कम हो गई।
सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के आरोप
शिकायत में कहा गया है कि HAL के गेस्ट हाउस और सरकारी वाहनों का निजी उपयोग किया गया। इसके अलावा रिश्तेदारों और करीबी लोगों को महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक पदों पर नियुक्त करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
इतना ही नहीं, HAL की सरकारी जमीन पर बिना अनुमति मदरसा संचालित किए जाने का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है, जिसकी जांच की मांग की गई है।
“100 करोड़ के हेल्थ ATM घोटाले” का आरोप
मामले का सबसे बड़ा और गंभीर आरोप महाराष्ट्र में कथित 100 करोड़ रुपये के “हेल्थ ATM” खरीद घोटाले से जुड़ा हुआ है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 1,500 से अधिक हेल्थ मशीनें बिना पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया के खरीदी गईं और उनकी कीमतें वास्तविक बाजार मूल्य से कहीं अधिक थीं।
आरोप यह भी है कि कई मशीनें और सिस्टम खरीद के बाद आज तक इस्तेमाल में नहीं लाए गए, लेकिन संबंधित कंपनियों को पूरा भुगतान कर दिया गया। इससे सरकारी धन के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की आशंका जताई गई है।
कई निजी कंपनियों के नाम शामिल
शिकायत में Medigenic Health Solutions, Kabir Infotech समेत कई निजी कंपनियों के नाम शामिल किए गए हैं। इन कंपनियों पर फर्जी भुगतान, अनियमित अनुबंध और अधूरे प्रोजेक्ट्स के जरिए सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा फार्मा शिप कंपनी सहित अन्य फर्मों की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई गई है।
पुराने विवाद भी आए सामने
शिकायत में HAL से जुड़े पुराने विवादों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें वर्ष 2017 में एमडी के महंगे आवास खर्चों को लेकर उठे सवाल और वर्ष 2021 में HAL की एक सहायक इकाई से मशीनरी गायब होने का मामला भी शामिल है।
लोकपाल से फॉरेंसिक ऑडिट की मांग
शिकायतकर्ता ने लोकपाल से मांग की है कि वर्ष 2016 से अब तक HAL की सभी वित्तीय गतिविधियों, टेंडरों और नियुक्तियों का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए।
इसके साथ ही जांच पूरी होने तक आरोपित अधिकारियों को निलंबित करने, संबंधित दस्तावेजों को सुरक्षित रखने और मामले में सहयोग करने वाले कर्मचारियों एवं व्हिसलब्लोअर्स को सुरक्षा देने की मांग भी की गई है।
हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक Hindustan Antibiotics Limited या नीरजा सराफ की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।














