वॉशिंगटन। अमेरिका ने आतंकवादी साजिश में मदद के आरोप में एक अफगान महिला को देश से बाहर भेज दिया है। इस मामले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि महिला को निर्वासित करने के लिए अमेरिका ने पहली बार Alien Terrorist Removal Court (ATRC) का इस्तेमाल किया।
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, 47 वर्षीय नजीरा हाजी जादा को 25 अगस्त को अमेरिका से अफगानिस्तान भेजा गया। जादा 2018 में अमेरिका आई थीं और टेक्सास में रह रही थीं।
30 साल पहले बनी थी यह विशेष अदालत
ATRC को अमेरिकी कांग्रेस ने करीब तीन दशक पहले बनाया था, लेकिन अब तक इसका इस्तेमाल नहीं हुआ था। इस अदालत की खासियत यह है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार ऐसे गोपनीय सबूत पेश कर सकती है, जिन्हें सार्वजनिक करना सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
वॉशिंगटन स्थित इस अदालत ने नजीरा हाजी जादा को अमेरिका से निर्वासित करने का आदेश दिया था।
महिला ने नहीं की आदेश के खिलाफ अपील
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, नजीरा हाजी जादा ने खुद को विदेशी आतंकवादी मानने की बात स्वीकार की और निर्वासन आदेश के खिलाफ अपील करने का अपना अधिकार छोड़ दिया।
अमेरिका के अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून के लिए महत्वपूर्ण सफलता बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार देश की सुरक्षा के लिए उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगी।
बेटे पर चुनाव वाले दिन हमले की साजिश का आरोप
मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नजीरा हाजी जादा के बेटे अब्दुल्ला हाजी जादा पर अमेरिका में बड़े आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप था।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अब्दुल्ला ने अपने साथी नासिर अहमद तवहेदी के साथ मिलकर 2024 के अमेरिकी चुनाव वाले दिन हमला करने की योजना बनाई थी। दोनों पर आतंकी संगठन ISIS से जुड़े होने और उसके नाम पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया गया।
अब्दुल्ला को गिरफ्तार किए जाने के समय उसकी उम्र 17 साल थी। उसे 2025 में 15 साल जेल की सजा सुनाई गई, जबकि तवहेदी को अभी सजा सुनाई जानी बाकी है।
AK-47 और 500 गोलियां खरीदने का आरोप
कोर्ट दस्तावेजों के मुताबिक, दोनों ने एक गुप्त FBI कर्मचारी से दो AK-47 राइफल और 500 गोलियां खरीदी थीं। अमेरिकी अभियोजन पक्ष का आरोप था कि उनका मकसद बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाना था।
11 सितंबर की बरसी पर सामने आया मामला
अमेरिकी न्याय विभाग ने नजीरा हाजी जादा को अफगानिस्तान भेजे जाने की जानकारी 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के दिन सार्वजनिक की।
यह वही हमला था जिसमें न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और वॉशिंगटन क्षेत्र को निशाना बनाया गया था।
पहली बार ATRC का इस्तेमाल क्यों अहम?
इस मामले ने अमेरिका की आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कानूनी कार्रवाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है। करीब 30 साल पहले बनाई गई विशेष अदालत का पहली बार इस्तेमाल होना यह संकेत देता है कि अमेरिकी प्रशासन आतंकवाद से जुड़े मामलों में विशेष कानूनी तंत्र को सक्रिय रूप से इस्तेमाल करने पर जोर दे रहा है।
एक अफगान महिला का निर्वासन अब इसलिए सुर्खियों में है क्योंकि यह सिर्फ एक डिपोर्टेशन नहीं, बल्कि अमेरिका की उस विशेष आतंकवाद-रोधी अदालत का पहला इस्तेमाल भी है, जो दशकों से मौजूद थी लेकिन अब तक निष्क्रिय रही।














