गाजीपुर – जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य शीर्ष प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने इस कार्य में लगे कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं और कहा है कि यदि कोई कर्मचारी अनुपस्थित पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी उपजिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिदिन कम से कम पांच गांवों का भ्रमण कर मौके पर कार्य की समीक्षा करें और लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक जिले में 76 प्रतिशत से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जिनकी संख्या 4.36 लाख से ज्यादा है, जबकि लगभग 1.35 लाख किसानों का पंजीकरण अभी शेष है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि 30 अप्रैल तक हर हाल में सभी किसानों की फार्मर आईडी बनाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने किसानों से अपील की कि खरीफ सीजन शुरू होने वाला है और खाद खरीदने के लिए किसान पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में किसान अपने मोबाइल, आधार कार्ड और खतौनी के साथ जन सुविधा केंद्र या गांवों में लगाए जा रहे कैंप में जाकर जल्द से जल्द अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराएं। बिना फार्मर आईडी के किसान खाद, बीज, कृषि यंत्र और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं।














