गाजीपुर – उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर बाढ़ आपदा से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों को परखने के लिए राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिले की पांच बाढ़ प्रभावित तहसीलों—सदर, सैदपुर, जमानियां, मुहम्मदाबाद और सेवराई में विभिन्न आपदा परिदृश्यों का अभ्यास किया गया।
सदर तहसील के पोस्ता घाट पर बाढ़ से मकान क्षतिग्रस्त होने और लोगों के फंसने की स्थिति में रेस्क्यू अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित निकाला गया। गंगा नदी में डूब रहे तीन बच्चों को रबर बोट की मदद से बचाने का प्रदर्शन भी किया गया। सैदपुर में बाढ़ के बाद डायरिया और फूड प्वाइजनिंग जैसी बीमारियों से बचाव, मरीजों के उपचार तथा क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस वितरण का अभ्यास किया गया।
जमानियां में रेलवे स्टेशन और राष्ट्रीय राजमार्ग के जलमग्न होने की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों का परीक्षण किया गया। वहीं मुहम्मदाबाद में नाव दुर्घटना और कटान प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाने का प्रदर्शन किया गया। सेवराई में बाढ़ शरणालयों के संचालन, पशुओं के बचाव तथा गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में अग्निशमन कार्यवाही का अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ, स्वास्थ्य, राजस्व, पशुपालन, पुलिस एवं अन्य विभागों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने लोगों को बाढ़ के दौरान सुरक्षा उपायों और आपदा प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं।














