गाजीपुर – खानपुर विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत संविदा कर्मी धर्मेंद्र यादव की करंट लगने से हुई मौत के मामले में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) शंभू कुमार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। उच्चस्तरीय जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर सहायक अभियंता (उपखंड अधिकारी), अवर अभियंता (जेई) और ड्यूटी पर तैनात दो टीजी-2 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं कुशल लाइनमैन प्रभुनारायण राम को घोर लापरवाही का दोषी मानते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
यह हादसा 4 जुलाई को खानपुर उपकेंद्र के नेवादा फीडर अंतर्गत आह्लादपुर गांव में ट्रांसफार्मर पर कार्य के दौरान हुआ था, जहां करंट लगने से संविदा कर्मी धर्मेंद्र यादव की मौत हो गई थी। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने खानपुर-जौनपुर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस और एसडीएम ने लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया।
परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद कोई वरिष्ठ विद्युत अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा। साथ ही घटना के समय ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के उपकेंद्र से अनुपस्थित रहने का भी आरोप लगाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एमडी ने जांच कराई, जिसमें संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई। इसके अलावा अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना और अधिशाषी अभियंता (सैदपुर) सुधाकर सिंह से दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभागीय जांच अभी जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। इस सख्त कदम से विद्युत विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।














