नोएडा:मानसून की पहली बड़ी बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और लोगों की परेशानी के बीच बुधवार को नोएडा प्राधिकरण में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नोएडा विधानसभा के विधायक पंकज सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और जहां-जहां जलभराव एवं नालों की सफाई को लेकर शिकायतें मिल रही हैं, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।
हालांकि बैठक के दौरान लिए गए फैसलों के बीच यह सवाल भी चर्चा में रहा कि जिन तैयारियों की घोषणा अब की जा रही है, क्या वे मानसून शुरू होने से पहले पूरी नहीं होनी चाहिए थीं।
बैठक में नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, महाप्रबंधक (सिविल) ए.के. अरोड़ा, महाप्रबंधक (सिविल) एस.पी. सिंह, महाप्रबंधक (विद्युत एवं यांत्रिक) आर.पी. सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। भाजपा जिला अध्यक्ष महेश चौहान, फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा तथा विभिन्न आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
सफाई व्यवस्था पर प्राधिकरण ने दी विस्तृत प्रस्तुति
बैठक के दौरान नोएडा प्राधिकरण ने शहर की सफाई व्यवस्था और मानसून की तैयारियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण में नोएडा ने उल्लेखनीय रैंक हासिल की थी और वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश के सुपर स्वच्छ लीग में शामिल होने वाला प्रदेश का एकमात्र शहर रहा।
प्राधिकरण के अनुसार प्रतिदिन लगभग 900 टन घरेलू कचरा डोर-टू-डोर संग्रहित कर उसका वैज्ञानिक निस्तारण किया जा रहा है। इसके अलावा प्रतिदिन लगभग 400 टन निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) अपशिष्ट का भी व्यवस्थित निस्तारण किया जा रहा है।
15 जुलाई तक सभी नालों की सफाई पूरी करने का लक्ष्य
अधिकारियों ने बताया कि पूरे नोएडा को विभिन्न जोनों में बांटकर नालों की सफाई का अभियान चलाया जा रहा है और सभी प्रमुख एवं आंतरिक नालों की सफाई 15 जुलाई तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
विधायक पंकज सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा का हर हाल में पालन किया जाए तथा जिन क्षेत्रों में जल निकासी की समस्या अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सफाई कार्य कराया जाए।
हालांकि यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब मानसून की शुरुआती बारिश में ही शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति सामने आई। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि यदि नालों की सफाई पहले पूरी हो जाती तो क्या जलभराव की स्थिति कुछ हद तक टाली जा सकती थी।
28 जलभराव वाले स्थानों पर विशेष इंतजाम
प्राधिकरण ने बताया कि शहर में 28 लो-लाइंग (निचले) स्थानों की पहचान की गई है, जहां हर वर्ष जलभराव की संभावना रहती है। इन स्थानों पर पंपिंग सेट लगाए गए हैं तथा अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है ताकि बारिश के दौरान तत्काल पानी निकाला जा सके।
इसके अलावा जलभराव की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष नियंत्रण व्यवस्था भी बनाई गई है। हालांकि नागरिकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जिन स्थानों को पहले से संवेदनशील माना जाता है, वहां स्थायी और समयपूर्व उपाय कितने प्रभावी रहे।
जलभराव की शिकायत के लिए हेल्पलाइन जारी
नागरिकों की सुविधा के लिए नोएडा प्राधिकरण ने जलभराव संबंधी शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु 0120-2423795 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि जलभराव की स्थिति बनने पर तुरंत सूचना दें, ताकि संबंधित टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर सके।
आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने उठाए स्थानीय मुद्दे
बैठक में विभिन्न आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने कई इलाकों में नालों की नियमित सफाई नहीं होने की शिकायत रखी। उनका कहना था कि कई स्थानों पर समय पर सफाई न होने के कारण मामूली बारिश में भी जलभराव की स्थिति बन जाती है।
इन शिकायतों पर विधायक ने अधिकारियों को संबंधित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर सफाई कराने और भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए।
ट्रैफिक जाम रोकने के लिए भी दिए निर्देश
बारिश के दौरान जलभराव के कारण लगने वाले ट्रैफिक जाम पर चिंता व्यक्त करते हुए विधायक ने अधिकारियों को पुलिस और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर ऐसी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे बारिश के दौरान यातायात बाधित न हो।
24×7 क्विक रिस्पांस टीम होगी सक्रिय
मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विधायक ने सभी आवश्यक उपकरणों से लैस 24×7 क्विक रिस्पांस टीम (QRT) गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और निर्धारित समय के भीतर टीम मौके पर पहुंचे।
लापरवाही पर अधिकारियों और ठेकेदारों की होगी जवाबदेही
बैठक में विधायक ने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में नालों की सफाई नहीं होगी अथवा जलभराव की समस्या बार-बार सामने आएगी, वहां संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
सफाई से पहले स्थानीय प्रतिनिधियों से समन्वय के निर्देश
विधायक ने निर्देश दिया कि नालों की सफाई शुरू करने से पहले संबंधित आरडब्ल्यूए, ग्राम प्रतिनिधियों और औद्योगिक संगठनों से समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि स्थानीय समस्याओं का समय रहते समाधान हो सके और सफाई कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।
प्राधिकरण ने समयबद्ध कार्रवाई का दिया भरोसा
बैठक के अंत में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी ने विधायक द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि मानसून के पूरे सीजन में लगातार निगरानी रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जाएंगे।
फिलहाल बैठक में लिए गए फैसलों से यह स्पष्ट है कि प्रशासन जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सक्रियता दिखा रहा है। वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी बना हुआ है कि यदि नालों की सफाई, पंपिंग व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र मानसून से पहले पूरी तरह तैयार होते, तो क्या शहर के कई हिस्सों में लोगों को जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं का कम सामना करना पड़ता। आने वाले दिनों में इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाई देता है, इस पर शहरवासियों की नजर रहेगी।














