“नियमित बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर कार्रवाई क्यों? NCF ने किया स्थलीय निरीक्षण, जनप्रतिनिधियों से भी मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने की अपील”
नौएडा: सेक्टर-63 स्थित चोटपुर कॉलोनी और छिजारसी गांव में विद्युत व्यवस्था को लेकर सामाजिक संस्था नौएडा सिटीजन फोरम (NCF) ने मोर्चा खोल दिया है। क्षेत्र में बिजली कनेक्शन, मीटर, बिलिंग, विद्युत चोरी, लाइन लॉस और उपभोक्ताओं की शिकायतों को लेकर NCF की कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती शालिनी सिंह ने रविवार को दोनों क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं उनके सामने रखीं।
NCF ने पूरे मामले में केवल शिकायतों के समाधान की मांग ही नहीं की, बल्कि पिछले कुछ वर्षों के विद्युत कनेक्शनों, मीटरों, बिलिंग रिकॉर्ड, बिजली खपत, जमा राजस्व और लाइन लॉस से जुड़े आंकड़ों का विशेष एवं स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग उठाई है। संस्था का कहना है कि यदि कहीं बिजली चोरी या सरकारी राजस्व में नुकसान हो रहा है तो वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन वैध कनेक्शन रखने वाले और नियमित बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को सामूहिक कार्रवाई का खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए।
मौके पर पहुंची NCF, सामने आईं उपभोक्ताओं की शिकायतें
स्थलीय निरीक्षण के दौरान NCF प्रतिनिधियों ने स्थानीय निवासियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। लोगों ने विद्युत कनेक्शन, मीटर, बिलिंग और बिजली चोरी से संबंधित विभिन्न शिकायतें संस्था के समक्ष रखीं।
कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके पास वैध विद्युत कनेक्शन हैं और वे नियमित रूप से बिजली के बिलों का भुगतान भी करते हैं, इसके बावजूद उन्हें कनेक्शन काटे जाने अथवा विद्युत आपूर्ति बाधित होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शालिनी सिंह ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में विद्युत चोरी की शिकायत को हल्के में नहीं लिया जा सकता। सरकारी राजस्व की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन कार्रवाई की प्रक्रिया भी उतनी ही पारदर्शी और नियमानुसार होनी चाहिए।
“चोरी करने वालों पर कार्रवाई हो, ईमानदार उपभोक्ता न भुगतें खामियाजा”
NCF की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने कहा कि बिजली चोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन यदि किसी उपभोक्ता के पास वैध कनेक्शन है और वह नियमानुसार अपने बिजली बिल का भुगतान कर रहा है, तो उसे केवल क्षेत्र में कथित अनियमितताओं के आधार पर कार्रवाई का सामना नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक कनेक्शन और प्रत्येक मीटर की स्थिति की अलग-अलग जांच की जानी चाहिए। किस उपभोक्ता का कनेक्शन वैध है, किस मीटर की स्थिति क्या है, किसके बिल का भुगतान नियमित है और कहां वास्तविक रूप से बिजली चोरी हो रही है—इन सभी बिंदुओं की जांच रिकॉर्ड के आधार पर होनी चाहिए।
NCF का कहना है कि सामूहिक कार्रवाई के बजाय व्यक्तिगत कनेक्शन और मीटर के आधार पर जांच की व्यवस्था अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत होगी।
मीटर, बिलिंग और राजस्व का हो स्वतंत्र ऑडिट
NCF ने चोटपुर कॉलोनी और छिजारसी क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था से जुड़े पिछले कुछ वर्षों के रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच की मांग की है। संस्था के अनुसार इसमें विद्युत मीटरों की स्थिति, जारी किए गए कनेक्शन, बिलिंग रिकॉर्ड, वास्तविक विद्युत खपत, उपभोक्ताओं द्वारा जमा किया गया राजस्व तथा लाइन लॉस और बिजली चोरी से संबंधित आंकड़ों की जांच शामिल होनी चाहिए।
NCF का मानना है कि रिकॉर्ड के वैज्ञानिक और निष्पक्ष विश्लेषण से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि क्षेत्र में विद्युत राजस्व को वास्तविक नुकसान कहां और किस कारण से हुआ। इससे बिजली चोरी के वास्तविक मामलों और वैध उपभोक्ताओं से जुड़ी समस्याओं के बीच स्पष्ट अंतर भी सामने आएगा।
संस्था ने मांग की है कि जांच किसी एक स्तर अथवा स्थानीय व्यवस्था तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे मामले का उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र परीक्षण कराया जाए।
अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आए
NCF ने यह भी मांग की है कि यदि जांच के दौरान किसी अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य प्रभावशाली व्यक्ति की कथित संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शालिनी सिंह ने कहा कि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जांच के बाद जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि वास्तविक स्थिति को सामने लाना और व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करना होना चाहिए।
उनके अनुसार सरकारी राजस्व की रक्षा के साथ-साथ आम उपभोक्ता के अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
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“बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल की जाए”
NCF ने संबंधित विभाग से यह भी मांग की है कि जिन उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति किसी कारण से बाधित है और जिनके कनेक्शन वैध पाए जाते हैं, उनकी बिजली आपूर्ति नियमानुसार तत्काल बहाल की जाए।
साथ ही संस्था ने मानकों के अनुरूप नए विद्युत मीटर उपलब्ध कराने और खराब अथवा विवादित मीटरों की नियमानुसार जांच कराने की मांग की है।
NCF का कहना है कि विद्युत व्यवस्था केवल राजस्व वसूली का विषय नहीं है, बल्कि यह आम नागरिक की मूलभूत आवश्यकता से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए विभाग को कार्रवाई के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण भी अपनाना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों से भी मौके पर आने की अपील
NCF की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से भी अपील की है कि वे केवल अधिकारियों से रिपोर्ट लेने के बजाय स्वयं चोटपुर कॉलोनी और छिजारसी पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लें।
उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर स्थानीय लोगों से बातचीत करने से वास्तविक समस्याओं को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को संयुक्त रूप से क्षेत्र की समस्याओं का समाधान तलाशना चाहिए, ताकि आम लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
NCF शासन स्तर तक उठाएगा मामला
NCF ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले को संबंधित विभागीय अधिकारियों और शासन के समक्ष भी उठाएगा। संस्था की ओर से उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग रखी जाएगी।
शालिनी सिंह ने कहा कि जांच का उद्देश्य केवल बिजली चोरी के मामलों को सामने लाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि सरकारी राजस्व सुरक्षित रहे और निर्दोष तथा ईमानदार उपभोक्ताओं के साथ अन्याय न हो।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है। वहीं, जिन उपभोक्ताओं की शिकायतें सही पाई जाएं, उन्हें नियमानुसार राहत मिलनी चाहिए।
जनहित के मुद्दों पर NCF की सक्रियता जारी रहेगी
NCF ने कहा कि चोटपुर कॉलोनी और छिजारसी में विद्युत व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को संस्था गंभीरता से देख रही है। आगे भी स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को संबंधित विभागों के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा।
शालिनी सिंह ने कहा कि NCF का उद्देश्य किसी विभाग या व्यक्ति के खिलाफ अभियान चलाना नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित आधारित प्रशासन सुनिश्चित कराने के लिए आवाज उठाना है।
उन्होंने कहा कि जहां बिजली चोरी हो रही है, वहां कार्रवाई होनी चाहिए; जहां सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहां जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और जहां वैध उपभोक्ताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, वहां उन्हें तत्काल राहत मिलनी चाहिए।
चोटपुर कॉलोनी और छिजारसी की विद्युत व्यवस्था को लेकर NCF की यह पहल अब विभागीय स्तर पर होने वाली कार्रवाई और प्रस्तावित जांच पर टिक गई है। यदि स्वतंत्र ऑडिट और रिकॉर्ड की विस्तृत जांच होती है तो आने वाले समय में यह स्पष्ट हो सकता है कि क्षेत्र की विद्युत समस्याओं के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं और जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की जानी चाहिए।
NCF ने दोहराया है कि आम नागरिकों की समस्याओं, पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर उसकी आवाज आगे भी मजबूती से उठती रहेगी।














