“सूरज फार्म हाउस से शुरू हुई पदयात्रा दादरी तहसील पहुंची, बड़ी संख्या में अधिवक्ता, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता हुए शामिल; पानी की टंकी पर चढ़कर युवाओं ने लहराए झंडे और लगाए नारे”
दादरी। आरक्षण व्यवस्था और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़े मुद्दों को लेकर बुधवार, 16 सितंबर 2026 को दादरी में बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। पहले से घोषित पदयात्रा के तहत दादरी क्षेत्र के विभिन्न गांवों से सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, युवा और आम नागरिक बड़ी संख्या में सूरज फार्म हाउस पर एकत्र हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट, सूरजपुर की ओर पैदल मार्च शुरू किया। आंदोलन की अगुवाई दादरी के सामाजिक कार्यकर्ता पंडित पीतांबर शर्मा ने की।
प्रदर्शन को लेकर पिछले कई दिनों से दादरी क्षेत्र के गांवों में जनसंपर्क अभियान और बैठकें चल रही थीं। आयोजकों की ओर से लोगों से 16 सितंबर को दादरी पहुंचने की अपील की गई थी। बुधवार को इसका असर सड़कों पर दिखाई दिया और पदयात्रा में लोगों की संख्या लगातार बढ़ती नजर आई।
सूरज फार्म हाउस से निकली पदयात्रा, सड़कों पर बढ़ता गया कारवां
बुधवार को सूरज फार्म हाउस पर प्रदर्शनकारी जुटे। यहां से आरक्षण व्यवस्था के विरोध में पैदल मार्च शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों के हाथों में झंडे और मांगों से जुड़े बैनर दिखाई दिए। पदयात्रा जैसे-जैसे दादरी की सड़कों से आगे बढ़ी, इसमें शामिल लोगों की संख्या भी बढ़ती गई।
आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में अधिवक्ता और युवा शामिल हुए। आयोजकों के मुताबिक, आंदोलन का उद्देश्य आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और आर्थिक आधार को अधिक महत्व देने की मांग को प्रमुखता से उठाना है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि उनका आंदोलन किसी जाति या धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी मांग सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं।
इससे पहले गौतमबुद्धनगर के अधिवक्ताओं की ओर से भी आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की गई थी। जिला कचहरी से जुड़े अधिवक्ताओं ने आरक्षण और UGC से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया था और 16 सितंबर की पदयात्रा में भाग लेने की बात कही थी।
कलेक्ट्रेट जाने से रोका गया काफिला, दादरी तहसील पर सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारी जब कलेक्ट्रेट की ओर आगे बढ़ने लगे तो प्रशासन ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को दादरी तहसील के पास रोककर वहीं एकत्र किया गया। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम दादरी अभिनेंद्र सिंह को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और आर्थिक आधार को महत्व देने सहित आंदोलन से जुड़े मुद्दों को प्रशासन के सामने रखा गया।
प्रशासन के लिए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के एकत्र होने के कारण कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से संवाद कायम रखते हुए स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया।
दादरी की सडक़ों पर उमड़ा जनसैलाब, आरक्षण के विरोध में जोरदार पैदल मार्च नीचे दिए गए वीडियो में आप भी देखिए पूरा नजारा pic.twitter.com/UzqBsR7Tcj
— आर०पी०रघुवन्शी (@rpraghuvanshi) September 16, 2026
पानी की टंकी पर चढ़े युवा, झंडे लहराकर लगाए नारे
प्रदर्शन के दौरान दादरी तहसील के पास उस समय स्थिति खास तौर पर चर्चा में आ गई, जब कुछ युवा कार्यकर्ता पानी की टंकी पर चढ़ गए। युवाओं ने टंकी के ऊपर से झंडे लहराए और आरक्षण के विरोध में नारे लगाए।
इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने वीडियो और तस्वीरें बनाईं, जो बाद में सोशल मीडिया पर भी सामने आईं। इन तस्वीरों और वीडियो में प्रदर्शन में शामिल युवाओं का उत्साह और बड़ी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारी दिखाई दे रहे हैं।
युवाओं की मौजूदगी इस आंदोलन की खास तस्वीर रही। आंदोलन की तैयारी के दौरान भी दादरी क्षेत्र के गांवों में युवाओं के साथ बैठकें की गई थीं। आयोजकों की ओर से युवाओं से बड़ी संख्या में दादरी पहुंचने की अपील की गई थी।
अधिवक्ताओं की भागीदारी ने आंदोलन को दिया अलग स्वर
दादरी में हुए इस प्रदर्शन में अधिवक्ताओं की बड़ी भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। आरक्षण और UGC से जुड़े मुद्दों पर पहले से विरोध दर्ज करा रहे अधिवक्ताओं ने पदयात्रा में हिस्सा लेकर अपनी मांगों को समर्थन दिया।
आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि आरक्षण व्यवस्था को लेकर लंबे समय से समाज के एक वर्ग में असंतोष है। उनका तर्क है कि आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक स्थिति को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने इसी मांग को लेकर प्रशासन के माध्यम से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।
हालांकि आरक्षण व्यवस्था में बदलाव का मुद्दा देश में लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय रहा है। ऐसे में दादरी का यह प्रदर्शन भी इसी व्यापक बहस की स्थानीय अभिव्यक्ति के रूप में सामने आया।
गांव-गांव संपर्क के बाद सड़क पर दिखा आंदोलन का असर
पदयात्रा अचानक आयोजित नहीं की गई थी। आंदोलन की घोषणा के बाद आयोजकों और उनके सहयोगियों ने दादरी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में संपर्क अभियान चलाया था। बैठकों के जरिए लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई।
पंडित पीतांबर शर्मा और उनके सहयोगियों की ओर से युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के बीच लगातार संपर्क किया गया। इसके चलते बुधवार को बड़ी संख्या में लोग दादरी पहुंचे।
आंदोलन में Gen Z के युवाओं की मौजूदगी भी खास तौर पर नजर आई। युवा हाथों में झंडे लेकर नारे लगाते हुए पदयात्रा में शामिल हुए। पानी की टंकी पर चढ़े युवाओं के दृश्य ने प्रदर्शन को सोशल मीडिया पर भी चर्चा में ला दिया।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा, तहसील के पास सीमित रहा प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों के कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने के दौरान प्रशासन ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद आंदोलन दादरी तहसील के आसपास ही केंद्रित रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और ज्ञापन लेने के बाद उन्हें उनकी मांगों को उचित माध्यम से आगे रखने का भरोसा दिया।
बड़ी भीड़ के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए अहम चुनौती रही। हालांकि अधिकारियों की मौजूदगी और प्रदर्शनकारियों से बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया गया।
पानी की टंकी पर चढ़े युवाओं की वजह से भी मौके पर अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत दिखाई दी। इस घटना ने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी ध्यान खींचा।
अब ज्ञापन पर टिकी नजर, आगे की रणनीति पर फैसला संभव
16 सितंबर का प्रदर्शन पिछले कई दिनों से चल रही तैयारियों का परिणाम रहा। आरक्षण और UGC से जुड़े मुद्दों को लेकर दादरी में आयोजित इस पदयात्रा में सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं और युवाओं की भागीदारी ने आंदोलन को स्थानीय स्तर पर व्यापक रूप दिया।
कलेक्ट्रेट तक पहुंचने से पहले ही प्रदर्शनकारियों को रोक दिया गया और दादरी तहसील में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। अब आंदोलन से जुड़े लोगों की नजर प्रशासन और सरकार की ओर से उनकी मांगों पर होने वाली प्रतिक्रिया पर है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ज्ञापन के बाद आंदोलनकारी आगे क्या रणनीति अपनाएंगे। आने वाले दिनों में उनकी ओर से अगला कदम क्या होगा, इस पर क्षेत्र की नजर रहेगी।
दादरी में बुधवार को सामने आए घटनाक्रम ने एक बार फिर आरक्षण व्यवस्था और उससे जुड़े सवालों को स्थानीय स्तर पर बहस के केंद्र में ला दिया है। बड़ी संख्या में युवाओं और अधिवक्ताओं की भागीदारी तथा कलेक्ट्रेट तक प्रस्तावित पदयात्रा को प्रशासन द्वारा रोककर तहसील स्तर पर ज्ञापन लिए जाने से यह प्रदर्शन क्षेत्र में दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।














