गाज़ीपुर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया है कि 30 जून 2026 को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए प्रस्तावित यात्रा से पहले पूर्वांचल के कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने उनके घरों में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्हें बिना किसी उचित कारण के अयोध्या जाने से रोका गया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
कांग्रेस का आरोप है कि जिस प्रदेश में “राम राज्य” की बात की जाती है, वहीं भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए जाने से लोगों को रोकना सरकार के दावों की वास्तविकता को उजागर करता है। नेताओं ने कहा कि पुलिस बल का इस्तेमाल कर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से जुड़ी कथित चोरी के मामले को जनता के सामने लाने और उसकी निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर यह यात्रा प्रस्तावित थी। पार्टी का कहना है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए वह सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
हालांकि, इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार या पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग की है।














