“जोजिला-सोनमर्ग मार्ग पर यात्रा प्रतिबंध से घंटों फंसे पर्यटक | मिनिमार्ग चेक पोस्ट के पास पुलिस से बहस का वीडियो वायरल | उमर बोले—‘Gen-Z’ को धमकी की तरह इस्तेमाल करना उसकी साख खत्म करने का तेज तरीका”
श्रीनगर/द्रास: जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में मौसम और सुरक्षा कारणों से लगाए जाने वाले यात्रा प्रतिबंधों के बीच एक पर्यटक लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में लड़की सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों के सामने नाराजगी जताते हुए बार-बार कहती सुनाई दे रही है—“हम Gen-Z हैं और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई।
वायरल वीडियो द्रास के मिनिमार्ग चेक पोस्ट के पास का बताया जा रहा है, जहां जोजिला-सोनमर्ग सड़क पर यात्रा प्रतिबंध के कारण पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग फंस गए थे। खराब मौसम और सुरक्षा व्यवस्था के चलते सड़क को अस्थायी रूप से बंद किया गया था। रास्ता बंद होने के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई और देखते ही देखते इलाके में भारी ट्रैफिक जाम हो गया।
पांच घंटे इंतजार के बाद फूटा गुस्सा
वीडियो में दिखाई दे रही लड़की लंबे समय तक रास्ता खुलने का इंतजार करने के बाद अपना आपा खोती नजर आती है। वह सुरक्षाकर्मियों से सवाल करती है कि आखिर यात्रियों को कब तक रोका जाएगा। इसके बाद वह वहां जमा भीड़ की ओर मुड़ती है और लोगों से सड़क पर बैठकर विरोध करने की बात कहती है।
लड़की भीड़ से पूछती सुनाई देती है कि “क्या आप सब सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करेंगे या नहीं?” इसके बाद वह लोगों से आगे आने की अपील करते हुए कहती है कि आखिर उन्हें इस तरह क्यों रोका जा रहा है।
उसका आरोप था कि यात्रियों को कई घंटों से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। वीडियो में वह यह भी सवाल उठाती है कि पर्यटक कश्मीर घूमने के लिए पैसे खर्च करके आते हैं या फिर घंटों सड़क पर खड़े रहने के लिए।
उसकी नाराजगी उस समय और बढ़ती दिखाई देती है जब वह बंद किए गए गेट की ओर इशारा करते हुए सवाल करती है कि आम यात्रियों के लिए रास्ता बंद क्यों किया गया है।
‘मंत्री जी कैसे निकल गए, हमें क्यों रोका?’
वायरल वीडियो में लड़की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए यह भी पूछती है कि यदि आम यात्रियों को रोका जा रहा था तो मंत्री वहां से कैसे निकल गए। इसी दौरान वह सुरक्षाबलों पर कश्मीरियों को परेशान करने का आरोप लगाती है और कहती है कि अब पर्यटकों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया जा रहा है।
हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोप लड़की के अपने दावे हैं। पूरे घटनाक्रम और मौके पर लागू प्रतिबंधों की परिस्थितियों को समझने के लिए प्रशासनिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उस समय सड़क को सुरक्षा कारणों से अस्थायी तौर पर बंद किया गया था।
वीडियो में लड़की के आसपास खड़े कई पर्यटक भी दिखाई देते हैं। कुछ लोग उसकी बात का समर्थन करते नजर आते हैं, जबकि भीड़ में मौजूद लोगों की ओर से लंबे समय तक रोके जाने को लेकर नाराजगी भी दिखाई देती है।
उमर अब्दुल्ला ने ‘Gen-Z’ पर ली चुटकी
वीडियो वायरल होने के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर वीडियो साझा करते हुए लड़की के ‘Gen-Z’ वाले बयान पर व्यंग्य किया।
उमर अब्दुल्ला ने लिखा कि “हम Gen-Z हैं” अब “जानते नहीं हो मेरा बाप कौन है” की तरह हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि Gen-Z के बीच बनी अच्छी-खासी साख को खत्म करने का सबसे तेज तरीका यह है कि छोटी-सी ठेस लगते ही इसे धमकी के तौर पर इस्तेमाल किया जाए।
मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद वीडियो पर बहस और तेज हो गई। सोशल मीडिया पर एक तरफ लोग लड़की की नाराजगी को यात्रियों की परेशानी और लंबे इंतजार से जोड़कर देख रहे हैं, तो दूसरी तरफ कई लोग उसके भाषा और विरोध के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं।
This “we are Gen Z” has become the new “jaantay nahin ho mera baap kaun hai”. The quickest way to erode any Gen Z goodwill is to start using it as a threat at the slightest perceived affront. https://t.co/ya5OJTgxIn
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) August 19, 2026
कारगिल विजय दिवस के आसपास का बताया गया वीडियो
लद्दाख पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो 26 जुलाई, कारगिल विजय दिवस के आसपास का बताया गया है। उस दौरान सुरक्षा कारणों से सड़क पर अस्थायी यात्रा प्रतिबंध लगाए गए थे। ऐसे प्रतिबंध कारगिल और आसपास के संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में असामान्य नहीं हैं।
यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां मौसम तेजी से बदलता है और भारी बारिश, बर्फबारी, भूस्खलन अथवा सड़क की खराब स्थिति के कारण यातायात को अचानक रोकना पड़ सकता है। इसके अलावा राष्ट्रीय आयोजनों और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों के दौरान भी आवाजाही नियंत्रित की जाती है।
ऐसे में यात्रियों को कई बार घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। हालांकि, इस मामले ने इसलिए ज्यादा ध्यान खींचा क्योंकि सड़क पर फंसे यात्रियों की नाराजगी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और लड़की का “हम Gen-Z हैं” वाला बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो ने खड़ा किया बड़ा सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों की सुविधाओं के बीच संतुलन का सवाल भी खड़ा कर दिया है। सुरक्षा कारणों से किसी संवेदनशील मार्ग को बंद करना प्रशासन की मजबूरी हो सकती है, लेकिन लंबे समय तक फंसे यात्रियों को समय पर जानकारी, वैकल्पिक व्यवस्था और स्पष्ट निर्देश मिलें, यह भी उतना ही जरूरी है।
कश्मीर और लद्दाख में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी यात्रा को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
मिनिमार्ग चेक पोस्ट का यह वीडियो इसी तनाव की एक झलक दिखाता है—एक तरफ सुरक्षा और मौसम की मजबूरी, दूसरी तरफ घंटों इंतजार से परेशान पर्यटक। लड़की का आक्रोश सोशल मीडिया पर भले ही ‘Gen-Z’ बनाम सिस्टम की बहस में बदल गया हो, लेकिन इसके पीछे सड़क पर घंटों खड़े यात्रियों की वास्तविक परेशानी का सवाल भी मौजूद है।
फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी ने इसे और सुर्खियों में ला दिया है। विवाद का केंद्र अब सिर्फ यह नहीं है कि लड़की ने क्या कहा, बल्कि यह भी है कि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा प्रतिबंधों के दौरान आम यात्रियों को कितनी बेहतर जानकारी और सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।














