Sunday, July 5, 2026
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अमरनाथ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब: एलजी मनोज सिन्हा की अपील—बिना पंजीकरण और तय तारीख से पहले न पहुंचे श्रद्धालु

श्रीनगर/जम्मू: श्री अमरनाथ यात्रा 2026 में इस बार श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा शुरू होने के महज कुछ दिनों के भीतर ही हजारों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी जम्मू, पहलगाम और बालटाल बेस कैंप पहुंच रहे हैं जिनके पास वैध पंजीकरण नहीं है या जो अपनी निर्धारित यात्रा तिथि से पहले ही पहुंच गए हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने श्रद्धालुओं से भावुक अपील करते हुए कहा है कि वे केवल वैध पंजीकरण के साथ और अपने परमिट पर अंकित तिथि के अनुसार ही यात्रा करें।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यात्रा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुव्यवस्थित प्रबंधन का भी मामला है। इसलिए प्रत्येक श्रद्धालु का सहयोग आवश्यक है।

‘बिना पंजीकरण आने वाले श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करें’

एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उन्होंने यात्रा को बेहद करीब से देखा है और हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस बार भी रिकॉर्ड संख्या में लोग बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि, बिना पंजीकरण के आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी चिंताजनक रूप से बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने इस वर्ष पहले की तुलना में कहीं बेहतर व्यवस्थाएं की हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रतिदिन यात्रा मार्ग पर भेजे जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तय है। इसे किसी भी स्थिति में बढ़ाया नहीं जा सकता। इसलिए जिन श्रद्धालुओं का पंजीकरण नहीं हुआ है या जिनकी यात्रा की तिथि अभी नहीं आई है, वे धैर्य रखें और अपनी निर्धारित बारी का इंतजार करें।

‘सभी अधिकारी श्रद्धालुओं की सेवा में दिन-रात जुटे हैं’

उपराज्यपाल ने कहा कि यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन के सभी विभाग चौबीसों घंटे कार्य कर रहे हैं। पुलिस, सुरक्षा एजेंसियां, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन दल, परिवहन विभाग और श्राइन बोर्ड के कर्मचारी पूरी निष्ठा से श्रद्धालुओं की सेवा में लगे हुए हैं।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि प्रशासन द्वारा बनाए गए सभी नियमों और व्यवस्थाओं का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

उच्च हिमालयी यात्रा के लिए मजबूत स्वास्थ्य सुविधाएं

एलजी ने यात्रा के दौरान उपलब्ध कराई गई चिकित्सा सुविधाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप में पिछले दो वर्षों से 100 बिस्तरों वाला आधुनिक अस्पताल संचालित किया जा रहा है, जहां प्रतिदिन लगभग 2,500 श्रद्धालुओं और मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कठिन पर्वतीय क्षेत्र में होती है। ऐसे में मौसम में अचानक बदलाव, ऑक्सीजन की कमी और कठिन चढ़ाई जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

नुनवान बेस कैंप में तैयारियों की समीक्षा

रविवार को एलजी मनोज सिन्हा ने पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप का दौरा कर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यात्रा प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था, आवास, पंजीकरण प्रक्रिया, परिवहन, भोजन, चिकित्सा सेवाओं तथा अन्य लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

तय तारीख पर ही करें यात्रा, बेस कैंप पर नहीं बढ़ेगा दबाव

बैठक के दौरान एलजी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक श्रद्धालु को यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि वह अपने पंजीकरण पत्र पर अंकित तिथि के अनुसार ही यात्रा करे। यदि श्रद्धालु निर्धारित समय से पहले पहुंचेंगे तो बेस कैंप पर भीड़ बढ़ेगी, प्रतीक्षा अवधि लंबी होगी और उपलब्ध संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि यात्रा का पूरा शेड्यूल वैज्ञानिक योजना और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें बदलाव करने से संपूर्ण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

हर दिन बिना पंजीकरण पहुंच रहे हजारों श्रद्धालु

प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु पहलगाम और बालटाल बेस कैंप पहुंच रहे हैं जिनके पास वैध पंजीकरण नहीं है या जो अपनी निर्धारित तिथि से कई दिन पहले पहुंच रहे हैं। इससे होल्डिंग एरिया, परिवहन व्यवस्था, आवास, भोजन, चिकित्सा सेवाओं और यातायात प्रबंधन पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि सभी श्रद्धालु निर्धारित तिथि का पालन करेंगे तो यात्रा कहीं अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा सकेगी।

57 दिनों तक चलेगी पवित्र यात्रा

3 जुलाई से प्रारंभ हुई इस वर्ष की श्री अमरनाथ यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी। अब तक लगभग 40 हजार श्रद्धालु बाबा बर्फानी के पवित्र हिमलिंग के दर्शन कर चुके हैं।

श्रद्धालु पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग अथवा 14 किलोमीटर लंबे लेकिन अधिक कठिन बालटाल मार्ग से यात्रा कर रहे हैं। दोनों मार्गों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं तथा सेना, अर्धसैनिक बल, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

1996 की त्रासदी से लिया गया सबक

प्रशासन ने बताया कि अमरनाथ यात्रा के लिए प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या सीमित रखने का निर्णय कोई नया नहीं है। वर्ष 1996 में यात्रा के दौरान आई भीषण प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मृत्यु के बाद गठित नीतीश सेनगुप्ता आयोग ने यात्रा प्रबंधन में व्यापक सुधार और प्रतिदिन यात्रियों की संख्या नियंत्रित करने की सिफारिश की थी।

उसी के आधार पर वर्तमान व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें पंजीकरण, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, निर्धारित तिथि तथा प्रतिदिन सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दी जाती है। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना है।

पहले से उपलब्ध है एडवांस पंजीकरण सुविधा

प्रशासन ने बताया कि यात्रा शुरू होने से काफी पहले देशभर की निर्धारित बैंक शाखाओं तथा ऑनलाइन माध्यमों से एडवांस पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध करा दी गई थी। अधिकांश श्रद्धालुओं ने समय रहते अपना पंजीकरण करा लिया है, जिसके कारण मौके पर तत्काल पंजीकरण की संभावना बेहद सीमित है।

श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से पुनः आग्रह किया है कि वे बिना पंजीकरण यात्रा पर न निकलें और अपने परमिट पर अंकित तिथि का कड़ाई से पालन करें।

सुरक्षित यात्रा के लिए सहयोग की अपील

प्रशासन का कहना है कि अमरनाथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि देश की सबसे कठिन और संवेदनशील तीर्थयात्राओं में से एक है। ऊंचाई, प्रतिकूल मौसम, सीमित संसाधन और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए प्रत्येक श्रद्धालु का अनुशासन और सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

एलजी मनोज सिन्हा ने भरोसा दिलाया कि श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सभी संबंधित विभाग श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक यात्रा उपलब्ध कराने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे नियमों का पालन करें, धैर्य बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि बाबा बर्फानी की पावन यात्रा सभी के लिए सुरक्षित और सफल बन सके।

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
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