मैसूरु: कर्नाटक की राजनीति में अक्सर आमने-सामने रहने वाले केंद्र और राज्य के बीच शनिवार को विकास और सहयोग का एक अलग ही संदेश देखने को मिला। मैसूरु में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) के उद्घाटन अवसर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में ऐसा संबोधन दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक चर्चा छेड़ दी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “पूरा कर्नाटक आपके साथ खड़ा है। आइए, हम सब मिलकर राज्य और देश के विकास के लिए काम करें।” उन्होंने प्रधानमंत्री से कर्नाटक के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग की अपील करते हुए कहा कि भारत की प्रगति, कर्नाटक की तरक्की से गहराई से जुड़ी हुई है।
‘मेरे पास सिर्फ पांच मिनट हैं, प्रधानमंत्री का संदेश ज्यादा महत्वपूर्ण’
अपने संबोधन की शुरुआत में ही डीके शिवकुमार ने विनम्र अंदाज में कहा कि उनके पास बोलने के लिए केवल पांच मिनट का समय है और वह इस समय का सम्मान करते हुए अपना भाषण छोटा रखेंगे।
उन्होंने कहा,
“मुझे बहुत कुछ कहना है, लेकिन मुझे सिर्फ पांच मिनट दिए गए हैं। मैं आपका समय बर्बाद नहीं करना चाहता क्योंकि प्रधानमंत्री का संदेश पूरे देश के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है।”
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। इसके बाद उन्होंने बिना किसी राजनीतिक टिप्पणी के केवल विकास, सहयोग और राज्य की प्रगति पर अपना पूरा भाषण केंद्रित रखा।
‘पूरा कर्नाटक आपके साथ खड़ा है’
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने प्रधानमंत्री मोदी से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार और प्रदेश की जनता विकास के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करना चाहती है।
उन्होंने कहा,
“पूरा राज्य आपके साथ खड़ा है। हम सब मिलकर काम करना चाहते हैं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आइए, कर्नाटक के विकास के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ें।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन जब बात राज्य और देश के विकास की हो तो सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
‘भारत की तरक्की कर्नाटक की प्रगति से जुड़ी है’
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने कर्नाटक की आर्थिक और तकनीकी भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि देश की विकास यात्रा में इस राज्य की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि—
- भारत की आर्थिक मजबूती में कर्नाटक की बड़ी हिस्सेदारी है।
- सूचना प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में राज्य वैश्विक पहचान बना चुका है।
- यदि कर्नाटक तेजी से आगे बढ़ेगा तो उसका सीधा लाभ पूरे देश को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा,
“भारत को कर्नाटक के साथ आगे बढ़ना है। राज्य देश को गौरवान्वित करने के लिए लगातार काम करता रहेगा।”
‘बेंगलुरु दुनिया के लिए भारत का प्रवेश द्वार’
मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु की वैश्विक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि आज दुनिया भारत को सबसे पहले बेंगलुरु के माध्यम से पहचानती है।
उन्होंने कहा,
“कर्नाटक और विशेष रूप से बेंगलुरु आज भारत के लिए विश्व का द्वार बन चुके हैं। दुनिया भर की बड़ी कंपनियां, निवेशक और तकनीकी संस्थान सबसे पहले बेंगलुरु को देखते हैं और फिर भारत को समझते हैं।”
उन्होंने कहा कि बेंगलुरु केवल आईटी हब नहीं, बल्कि नवाचार, अनुसंधान और वैश्विक निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है।
केंद्र-राज्य सहयोग पर दिया विशेष जोर
डीके शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि केंद्र सरकार राज्य की विकास योजनाओं में पूरा सहयोग दे ताकि आधारभूत ढांचे, उद्योग, शिक्षा, तकनीक और रोजगार के नए अवसरों को और गति मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक की सफलता पूरे भारत की सफलता होगी और इसी सोच के साथ दोनों सरकारों को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।
अटल बिहारी वाजपेयी को किया याद
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी श्रद्धापूर्वक याद किया।
उन्होंने बताया कि जब बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की आधारशिला रखी गई थी, तब अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि दुनिया के कई बड़े नेता पहले बेंगलुरु और कर्नाटक आते हैं और उसके बाद देश की राजधानी दिल्ली जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कर्नाटक की वैश्विक प्रतिष्ठा और यहां के लोगों की मेहनत का परिणाम है।
स्वामी विवेकानंद की स्मृतियों को समर्पित ‘विवेक स्मारक’
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) का उद्घाटन रहा।
यह केंद्र वर्ष 1892 में स्वामी विवेकानंद की मैसूरु यात्रा की स्मृतियों को समर्पित है। इसका उद्देश्य युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों, राष्ट्र निर्माण की भावना और सामाजिक सेवा के आदर्शों से जोड़ना है।
उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मारक का भ्रमण किया, प्रार्थना की और परिसर में पौधारोपण भी किया। इसके बाद उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन और उनके योगदान पर आधारित एक लघु फिल्म भी देखी।
PM मोदी ने युवाओं को दिया प्रेरणा का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि विवेकानंद का जीवन केवल आध्यात्मिक चेतना तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने युवाओं में आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और समाज सेवा की भावना जगाने का काम किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नया भारत तभी मजबूत बनेगा जब देश का युवा विवेकानंद के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएगा।
पहले पन्ने की बात
मैसूरु के इस मंच से राजनीति से ऊपर उठकर विकास का संदेश सामने आया। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कर्नाटक के विकास के लिए सहयोग की खुली अपील की, जबकि प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया। केंद्र और राज्य के बीच सहयोग की यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है जब विकास, निवेश और रोजगार जैसे मुद्दे देश की प्राथमिकता बने हुए हैं। ऐसे में मैसूरु से निकला यह संदेश केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए साझेदारी, विकास और सकारात्मक राजनीति का संकेत माना जा रहा है।














