मांड्या: कर्नाटक के मांड्या जिले के श्रीरंगपट्टनम तालुक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां मंदिर में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) को कथित तौर पर भाजपा विधायक की बेटी ने थप्पड़ मार दिया। घटना 12 अगस्त की बताई जा रही है।
आरोप तुमकुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बी. सुरेश गौड़ा की बेटी ऐश्वर्या पर लगा है। पुलिस ने ऐश्वर्या के खिलाफ सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ कथित मारपीट के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हजारों श्रद्धालुओं की भीड़, मंदिर में VIP एंट्री को लेकर विवाद
बुधवार, 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या के अवसर पर श्रीरंगपट्टनम तालुक के उक्कड़ा स्थित प्रसिद्ध श्री लक्ष्मी नरसिम्हास्वामी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। मंदिर में आरती और दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ जमा थी।
इसी दौरान विधायक बी. सुरेश गौड़ा की बेटी ऐश्वर्या भी दर्शन के लिए मंदिर पहुंचीं। आरोप है कि उन्होंने वीआईपी लाइन के जरिए प्रवेश किया और इसके बाद गर्भगृह में जाने का प्रयास किया।
मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहीं क्याथनहल्ली पुलिस स्टेशन की PSI सविता ने उन्हें गर्भगृह में जाने से रोक दिया। पुलिस अधिकारी ने कथित तौर पर बताया कि उस समय श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक थी और सुरक्षा कारणों से उन्हें गर्भगृह के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
CI को अंदर जाते देख उठाया सवाल
इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात सर्किल इंस्पेक्टर (CI) लक्ष्मी गर्भगृह की ओर चली गईं। उन्हें अंदर जाते देख ऐश्वर्या ने PSI सविता से सवाल किया कि जब उन्हें रोका जा रहा है तो CI को अंदर जाने की अनुमति क्यों दी गई।
PSI सविता ने कथित तौर पर स्पष्ट किया कि CI लक्ष्मी उनकी वरिष्ठ अधिकारी हैं और वह ड्यूटी के सिलसिले में गर्भगृह में गई हैं।
लेकिन मामला यहीं शांत नहीं हुआ।
बहस के बाद थप्पड़ मारने का आरोप
आरोप है कि ऐश्वर्या ने गर्भगृह में जाने की जिद की और PSI सविता से उनकी तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और ऐश्वर्या ने कथित तौर पर ड्यूटी पर तैनात महिला PSI को थप्पड़ मार दिया।
घटना के बाद पुलिस विभाग में भी मामला गंभीरता से लिया गया। क्याथनहल्ली पुलिस स्टेशन में ऐश्वर्या के खिलाफ सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मी पर हमला करने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच में जुटी, उठे VIP संस्कृति पर सवाल
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान लिए जा सकते हैं। मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा बन सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर वीआईपी संस्कृति और सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था संभाल रहे पुलिसकर्मियों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि अगर सुरक्षा कारणों से किसी आम श्रद्धालु को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती, तो क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति के लिए नियम अलग हो सकते हैं?
फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटनाक्रम वास्तव में किस तरह हुआ और महिला PSI के साथ कथित मारपीट के आरोपों में आगे क्या कार्रवाई होती है।














