गाजीपुर। प्राकृतिक खेती स्वस्थ जीवन का आधार है और अब यह समय की आवश्यकता बन चुकी है। यह बात राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कॉलेज में आयोजित जनपदीय खरीफ गोष्ठी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला में किसानों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने उपयोग के लिए प्राकृतिक खेती से पैदा होने वाले अनाज, फल और सब्जियों का इस्तेमाल करें तथा व्यावसायिक स्तर पर भी इसे अपनाएं।
उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने कम वर्षा की संभावना को देखते हुए किसानों से धान के अलावा दलहन, तिलहन, मक्का और श्री अन्न की खेती का क्षेत्र बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने धान की नर्सरी के बजाय सीधी बुआई पर जोर देते हुए कहा कि इससे कम पानी में भी सफल खेती की जा सकती है।
कार्यशाला में जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, ब्रह्मास्त्र, नीमास्त्र और अग्निस्त्र जैसे प्राकृतिक खेती के प्रमुख घटकों का लाइव डेमो देकर किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से कृषि योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पांच प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं ई-बुकिंग कराने वाले किसानों को निःशुल्क बीज मिनीकिट का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिकों, कृषि सखियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी किसानों को संबोधित किया।














