गाजीपुर – दहेज हत्या के एक मामले में प्रभावी पैरवी के चलते अदालत ने दो दोषियों को कड़ी सजा सुनाई है। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की ओर से की गई मजबूत पैरवी का यह परिणाम माना जा रहा है।मामला थाना नोनहरा में वर्ष 2023 में दर्ज मुकदमा संख्या 129/2023 से संबंधित है। इस प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 304बी तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर प्रभावी ढंग से पक्ष रखा।मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने अभियुक्त मुस्ताक उर्फ मउर खां तथा इस्तियाक उर्फ इस्तेयाक खां, निवासी ग्राम नोनहरा, थाना नोनहरा, जनपद गाजीपुर को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को धारा 304बी/34 आईपीसी के तहत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।इसके अलावा धारा 498ए आईपीसी के तहत प्रत्येक को दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड न देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।पुलिस अधिकारियों ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन की महत्वपूर्ण सफलता बताया है।














