“दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस अनीश दयाल, पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी डॉ. प्रदीप कुमार और नोएडा प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारी बच्चों के साथ उतरे मैदान में; सेंट्रल पार्क में चला महा-सफाई और वृक्षारोपण अभियान”
नोएडा : नोएडा के सेक्टर-105 स्थित सेंट्रल पार्क में शनिवार को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने समाज के लिए एक बड़ा संदेश छोड़ दिया। आमतौर पर बड़े अधिकारियों और गणमान्य लोगों को मंच पर भाषण देते हुए देखने की तस्वीर सामने आती है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग थी। यहां बच्चे आगे थे और बड़े उनके साथ कदम से कदम मिलाकर सफाई अभियान में जुटे थे।
‘स्टेप बाय स्टेप स्कूल, नोएडा’ के छात्रों ने न केवल पार्क की सफाई की बल्कि स्वयं आगे बढ़कर करीब 160 किलोग्राम कचरा एकत्र किया। बच्चों के इस अभियान में दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस अनीश दयाल, भारत सरकार के पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी (होम) एवं पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार, नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक ए.के. अरोड़ा, उद्यान विभाग के डायरेक्टर आनंद मोहन और डिप्टी डायरेक्टर प्रशांत सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और सेक्टर निवासी शामिल हुए।
अभियान का उद्देश्य केवल पार्क से कूड़ा हटाना नहीं था, बल्कि बच्चों के माध्यम से समाज को यह संदेश देना था कि स्वच्छ शहर और हरा-भरा पर्यावरण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
बच्चों ने संभाली कमान, 160 किलो कचरा हुआ साफ
अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसकी अगुवाई किसी बड़े अधिकारी या संस्था ने नहीं, बल्कि स्कूल के बच्चों ने की। प्रशस्त कुमार, तिश्या पुरी, शिवनंदिनी धौल, यशवी टंडन और कबीर सिंह दयाल ने स्वच्छता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
बच्चों ने पार्क के अलग-अलग हिस्सों में जाकर कचरा एकत्र किया। इस दौरान प्लास्टिक, पत्तियां, पैकेजिंग सामग्री और अन्य प्रकार का कचरा हटाया गया। देखते ही देखते पार्क के विभिन्न हिस्सों से लगभग 160 किलो कचरा एकत्र हो गया।
बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। उनके हाथों में सफाई का सामान था और चेहरे पर पार्क को साफ देखने की खुशी। उन्होंने यह साबित किया कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन जिम्मेदारी की भावना बड़ी हो तो बदलाव की शुरुआत कहीं से भी की जा सकती है।
जब वीआईपी नहीं, ‘स्वच्छता के साथी’ बनकर उतरे बड़े अधिकारी
अभियान में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए केवल औपचारिक मौजूदगी दर्ज नहीं कराई, बल्कि उनके साथ मैदान में उतरकर श्रमदान किया।
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस अनीश दयाल और पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी डॉ. प्रदीप कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बच्चों के साथ बातचीत की और उनके प्रयासों की सराहना की।
नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक ए.के. अरोड़ा, उद्यान विभाग के डायरेक्टर आनंद मोहन और डिप्टी डायरेक्टर प्रशांत सिंह ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य खास इसलिए रहा क्योंकि प्रशासनिक और न्यायिक क्षेत्र के वरिष्ठ पदों पर रहे लोग बच्चों के साथ जमीन पर काम करते नजर आए। इससे बच्चों को न केवल प्रोत्साहन मिला, बल्कि मौजूद लोगों के बीच भी स्वच्छता को लेकर सकारात्मक संदेश गया।
सिर्फ सफाई नहीं, हरियाली का भी संकल्प
सेंट्रल पार्क को कचरा मुक्त करने के साथ ही अभियान में पौधरोपण भी किया गया। बच्चों ने पार्क में कई पौधे लगाए और उनकी देखभाल का संकल्प लिया।
आयोजकों का कहना है कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है। असली चुनौती उनकी देखभाल और उन्हें बड़ा करना है। इसलिए अभियान में पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय इसे लगातार जारी रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
पौधरोपण के दौरान बच्चों को पर्यावरण, हरियाली और पेड़ों की उपयोगिता के बारे में भी जागरूक किया गया। संदेश साफ था—आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण की नींव बन सकता है।
नोएडा प्राधिकरण की टीम ने संभाली जिम्मेदारी
अभियान को सफल बनाने में नोएडा प्राधिकरण की टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हेल्थ इंस्पेक्टर राकेश भाटी और सतीश मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे।
बच्चों द्वारा एकत्र किए गए कचरे को व्यवस्थित तरीके से हटाने और उसके निस्तारण की जिम्मेदारी टीम ने संभाली। वहीं पौधरोपण के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराने और अभियान को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में भी प्राधिकरण की टीम ने सहयोग दिया।
इससे यह सुनिश्चित हुआ कि अभियान केवल प्रतीकात्मक गतिविधि बनकर न रह जाए, बल्कि वास्तविक रूप से पार्क की सफाई और पर्यावरण संरक्षण का काम जमीन पर दिखाई दे।
RWA ने निभाई अहम भूमिका, आगे भी जारी रहेगा अभियान
पूरे कार्यक्रम का समन्वय सेक्टर-105 की रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने किया। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय, महासचिव राजीव दुबलिश, कोषाध्यक्ष सुरेश बंसल, संयुक्त सचिव अनिल भदौरिया और वरिष्ठ पदाधिकारी महेश चौहान समेत बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज में बदलाव केवल भाषणों से नहीं, बल्कि सामूहिक भागीदारी से आता है। यदि बच्चे स्वयं स्वच्छता और पर्यावरण की जिम्मेदारी समझने लगें तो आने वाले समय में शहरों की तस्वीर बदली जा सकती है।
आरडब्ल्यूए ने यह भी संकल्प लिया कि सेक्टर में स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ऐसे अभियान आगे भी जारी रखे जाएंगे।
बच्चों का संदेश—‘शहर हमारा है, जिम्मेदारी भी हमारी’
अभियान का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि स्वच्छता को केवल सफाई कर्मचारियों या सरकारी विभागों तक सीमित नहीं किया जा सकता। पार्क में कूड़ा फैलाने से लेकर उसे साफ रखने तक की जिम्मेदारी नागरिकों की भी है।
बच्चों ने जिस तरह पार्क की सफाई में हिस्सा लिया, वह समाज के लिए एक आईना भी है। यदि छोटे बच्चे सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने का संकल्प ले सकते हैं तो बड़े नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
160 किलो कचरे का एकत्र होना यह बताने के लिए काफी है कि सार्वजनिक स्थानों पर अभी भी कचरा प्रबंधन और नागरिक अनुशासन को लेकर बहुत काम किए जाने की जरूरत है। लेकिन इसी के साथ यह अभियान उम्मीद भी जगाता है कि यदि प्रशासन, आरडब्ल्यूए, स्कूल और आम नागरिक एक साथ आएं तो बदलाव संभव है।
एक पार्क की सफाई से बड़ा संदेश
सेक्टर-105 का यह अभियान भले ही एक पार्क तक सीमित रहा हो, लेकिन इसका संदेश पूरे नोएडा के लिए महत्वपूर्ण है। शहर में तेजी से बढ़ती आबादी, निर्माण गतिविधियों और बदलती जीवनशैली के बीच सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और हरियाली बनाए रखना लगातार बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
ऐसे में बच्चों को अभियान के केंद्र में रखना एक प्रभावी कदम माना जा सकता है। बच्चे समाज के सबसे प्रभावशाली संदेशवाहक बन सकते हैं। वे अपने घरों से लेकर स्कूल और आसपास के सार्वजनिक स्थानों तक स्वच्छता की आदत को आगे बढ़ा सकते हैं।
अभियान में न्यायपालिका, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, नोएडा प्राधिकरण, आरडब्ल्यूए और स्थानीय निवासियों की संयुक्त भागीदारी ने इसे और खास बना दिया।
सवाल सिर्फ 160 किलो कूड़े का नहीं, सोच बदलने का है
इस अभियान की तस्वीरों में सबसे महत्वपूर्ण चीज शायद 160 किलो कचरा नहीं, बल्कि वह दृश्य है जिसमें बच्चे और बड़े एक साथ सफाई करते दिखाई दिए।
कूड़ा उठाने के बाद पार्क साफ हो गया, पौधे लगाने के बाद हरियाली बढ़ाने की उम्मीद जगी, लेकिन असली सफलता तब मानी जाएगी जब लोग दोबारा उसी स्थान पर कूड़ा न फैलाएं।
यही वजह है कि ऐसे अभियानों को एक दिन की गतिविधि के बजाय नियमित जनभागीदारी से जोड़ना जरूरी है। स्कूलों में बच्चों को पर्यावरण शिक्षा, आरडब्ल्यूए स्तर पर नियमित सफाई अभियान और प्राधिकरण की प्रभावी निगरानी—इन तीनों के समन्वय से शहर में स्थायी बदलाव लाया जा सकता है।
अभियान ने छोड़ी उम्मीद की तस्वीर
सेक्टर-105 का सेंट्रल पार्क शनिवार को केवल साफ नहीं हुआ, बल्कि वहां एक संदेश भी लिखा गया—स्वच्छता की शुरुआत किसी और से नहीं, खुद से होती है।
जब स्कूल के बच्चे अपने हाथों से 160 किलो कचरा उठाकर पार्क को साफ कर सकते हैं, पौधे लगा सकते हैं और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प ले सकते हैं, तो यह जिम्मेदारी हर नागरिक की भी बनती है।
वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधि-सदृश सामाजिक पदाधिकारियों की मौजूदगी ने बच्चों के इस प्रयास को मजबूती दी। वहीं नोएडा प्राधिकरण की टीम और आरडब्ल्यूए के समन्वय ने अभियान को जमीन पर प्रभावी बनाया।
सेक्टर-105 की यह पहल अब इस उम्मीद के साथ आगे बढ़ रही है कि एक पार्क से शुरू हुआ स्वच्छता और हरियाली का यह संदेश पूरे नोएडा की नागरिक संस्कृति का हिस्सा बने।














