“महागुन मायवुड निवासी कृष्णानंद को मिली संगठन मंत्री की जिम्मेदारी, सोसाइटी स्तर तक संगठन मजबूत करने की तैयारी; ट्रैफिक, गिरता भूजल और फ्लैटों की रजिस्ट्री के मुद्दे शासन-प्रशासन के सामने प्रमुखता से उठाने पर सहमति”
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में तेजी से बढ़ती हाईराइज सोसाइटियों और लाखों फ्लैट ओनर्स से जुड़े मुद्दों को सामूहिक आवाज देने की दिशा में नोएडा एस्टेट फ्लैट ओनर्स मेन एसोसिएशन (नेफोमा) ने अपनी गतिविधियों को और धार देने की तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार को गौर सिटी सेंटर की 18वीं मंजिल पर हुई नेफोमा की महत्वपूर्ण बैठक में संगठन के विस्तार से लेकर फ्लैटों की रजिस्ट्री, ट्रैफिक जाम, मेट्रो कनेक्टिविटी, भूजल स्तर में गिरावट और गंगाजल आपूर्ति जैसे क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत मंथन किया गया।
बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा की सोसाइटियों में रहने वाले फ्लैट ओनर्स की समस्याओं को अब अलग-अलग सोसाइटियों तक सीमित रखने के बजाय सामूहिक रूप से संबंधित विभागों, प्राधिकरण और शासन-प्रशासन के सामने उठाया जाएगा। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए महागुन मायवुड निवासी कृष्णानंद को नेफोमा का संगठन मंत्री नियुक्त किया गया।
कृष्णानंद संभालेंगे संगठन विस्तार की कमान
नेफोमा के संगठन विस्तार को लेकर बैठक में अहम निर्णय लिया गया। महागुन मायवुड निवासी कृष्णानंद को संगठन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें संगठन को सोसाइटी स्तर तक विस्तार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई।
नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने कृष्णानंद को संगठन विस्तार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और उसे प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि नई जिम्मेदारी के साथ संगठन अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा की अधिक से अधिक सोसाइटियों के फ्लैट ओनर्स को अपने साथ जोड़ने की दिशा में अभियान को गति देगा।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि क्षेत्र में फ्लैटों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन अनेक सोसाइटियों में फ्लैट ओनर्स अलग-अलग स्तर पर अपनी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में एक मजबूत सामूहिक मंच की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। नेफोमा इसी आवश्यकता को केंद्र में रखते हुए संगठन को व्यापक बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ेगा।
रजिस्ट्री का मुद्दा फिर प्राथमिकता में, फ्लैट खरीदारों की परेशानी उठेगी जोर-शोर से
बैठक में फ्लैटों की रजिस्ट्री का मुद्दा प्रमुखता से उठा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में फ्लैट ओनर्स लंबे समय से रजिस्ट्री से जुड़े मामलों के समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सदस्यों ने कहा कि घर खरीदने के बाद भी यदि खरीदार के नाम संपत्ति का वैधानिक हस्तांतरण पूरा नहीं होता है तो इससे फ्लैट ओनर्स के सामने कई तरह की व्यावहारिक और कानूनी परेशानियां खड़ी होती हैं।
बैठक में तय किया गया कि रजिस्ट्री से जुड़े मामलों को मजबूती के साथ संबंधित प्राधिकरण एवं शासन-प्रशासन के समक्ष उठाया जाएगा। संगठन का प्रयास रहेगा कि अलग-अलग सोसाइटियों की समस्याओं को एकत्र कर व्यापक स्तर पर समाधान की मांग रखी जाए।
बढ़ता ट्रैफिक बना बड़ी चुनौती, कनेक्टिविटी सुधारने पर जोर
ग्रेटर नोएडा वेस्ट समेत पूरे नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव पर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। लगातार विकसित होती हाईराइज सोसाइटियों, बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या में इजाफे के कारण कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक की समस्या लोगों के लिए रोजमर्रा की चुनौती बनती जा रही है।
सदस्यों ने कहा कि केवल सड़क निर्माण से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि क्षेत्र की बढ़ती आबादी के अनुरूप समग्र ट्रांसपोर्ट प्लान और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की आवश्यकता है। इसी कड़ी में मेट्रो कनेक्टिविटी को भी महत्वपूर्ण मुद्दा माना गया।
नेफोमा आने वाले समय में मेट्रो विस्तार और बेहतर सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी की मांग को संबंधित स्तरों पर मजबूती से रखने की तैयारी में है।
मेट्रो कनेक्टिविटी पर बढ़ेगा दबाव, लाखों निवासियों को राहत की उम्मीद
बैठक में सदस्यों ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से बढ़ती आबादी के मुकाबले सार्वजनिक परिवहन के विकल्पों को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। मेट्रो कनेक्टिविटी को क्षेत्र के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इस मुद्दे को लगातार उठाने पर सहमति बनी।
सदस्यों का मानना था कि बेहतर मेट्रो नेटवर्क न केवल ट्रैफिक का दबाव कम करेगा, बल्कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के बीच आवागमन को भी आसान बनाएगा।
गिरता भूजल स्तर और गंगाजल आपूर्ति पर भी चिंता
बैठक में पानी से जुड़े मुद्दों को भी गंभीरता से लिया गया। सदस्यों ने क्षेत्र में गिरते भूजल स्तर को लेकर चिंता व्यक्त की। तेजी से हो रहे शहरीकरण और लगातार बढ़ती आबादी के बीच पानी की उपलब्धता आने वाले वर्षों में बड़ी चुनौती बन सकती है।
इसके साथ ही गंगाजल आपूर्ति का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से रखा गया। सदस्यों ने कहा कि सोसाइटियों में रहने वाले परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति बेहद महत्वपूर्ण विषय है। इस मुद्दे को भी संबंधित विभागों और प्रशासन के सामने मजबूती से उठाने का निर्णय लिया गया।
सोसाइटी की समस्या अब सिर्फ सोसाइटी तक सीमित नहीं रहेगी
बैठक की सबसे महत्वपूर्ण बात संगठन को सोसाइटी स्तर तक मजबूत करने की रणनीति रही। सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों और सोसाइटियों में सामने आ रही समस्याओं को साझा किया और इस बात पर जोर दिया कि समस्याओं को अलग-अलग उठाने के बजाय सामूहिक मंच से आवाज बुलंद की जाए।
नेफोमा की कोशिश होगी कि अधिक से अधिक सोसाइटियों के फ्लैट ओनर्स को संगठन से जोड़ा जाए। इसके लिए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और सोसाइटी स्तर पर सक्रिय भागीदारी बढ़ाने की योजना पर चर्चा हुई।
नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने संगठन की अब तक की गतिविधियों और विभिन्न सोसाइटियों के फ्लैट ओनर्स के हित में उठाए गए कदमों की जानकारी भी बैठक में दी। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल समस्याओं को उठाना नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए संबंधित मंचों पर निरंतर और प्रभावी प्रयास करना है।
उत्कृष्ट सेवा के लिए डेकोरी इंटीरियर्स सम्मानित
बैठक के दौरान सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों के साथ सेवा क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। इसी क्रम में डेकोरी इंटीरियर्स को उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया।
कंपनी को “उत्कृष्ट सेवा अवार्ड” प्रदान कर उसके कार्यों की सराहना की गई। संगठन की ओर से कहा गया कि बेहतर सेवाएं देने वाले संस्थानों और लोगों को प्रोत्साहित करने से क्षेत्र में सकारात्मक कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलता है।
फ्लैट ओनर्स के हित में सामूहिक लड़ाई का संकल्प
बैठक में शामिल सदस्यों ने विश्वास जताया कि संगठन के विस्तार और सक्रियता से नोएडा-ग्रेटर नोएडा के फ्लैट ओनर्स की आवाज पहले से अधिक मजबूती के साथ सामने आएगी। रजिस्ट्री, ट्रैफिक, मेट्रो, पानी और भूजल जैसे मुद्दे सीधे तौर पर लाखों लोगों के दैनिक जीवन से जुड़े हैं। ऐसे में इन विषयों पर सामूहिक प्रयास जरूरी है।
सदस्यों ने कहा कि संगठन की ताकत तभी बढ़ेगी जब प्रत्येक सोसाइटी के निवासी अपनी समस्याओं को साझा मंच तक लेकर आएंगे। इसके लिए आपसी समन्वय बढ़ाने और सोसाइटी स्तर पर संवाद मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
बैठक में शामिल सदस्यों ने संगठन को और अधिक सक्रिय, प्रभावी और व्यापक बनाने के लिए अपने सुझाव दिए। साथ ही यह भरोसा जताया कि नई संगठनात्मक जिम्मेदारियों और विस्तार की रणनीति के बाद नेफोमा की गतिविधियां और तेज होंगी।
बैठक में ये सदस्य रहे मौजूद
बैठक में नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान के साथ अनूप कुमार, अविनाश सिंह, दीपक दुबे, उमेश सिंह, किशोर कुमार, दीपक शर्मा, ओम उज्ज्वल, कृष्णानंद, सुशील सैनी, राजेंद्र मंटू, रामनारायण त्रिपाठी, अनुराग तोमर, अमित झा, अनिल कुमार, अनूप वर्मा, दुष्यन्त, ज्योति, सुनीता सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
अब एजेंडा साफ—संगठन मजबूत, मुद्दे व्यापक और आवाज बुलंद
नेफोमा की इस बैठक से यह संकेत साफ है कि आने वाले दिनों में संगठन का फोकस केवल किसी एक सोसाइटी या एक समस्या तक सीमित नहीं रहने वाला। फ्लैटों की रजिस्ट्री से लेकर ट्रैफिक, मेट्रो, पानी और पर्यावरणीय चुनौतियों तक, संगठन इन मुद्दों को सामूहिक एजेंडे के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
कृष्णानंद को संगठन मंत्री की जिम्मेदारी मिलने के बाद संगठन विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि सोसाइटी स्तर पर संगठन की पहुंच कितनी तेजी से बढ़ती है और नोएडा-ग्रेटर नोएडा के फ्लैट ओनर्स से जुड़े इन बड़े मुद्दों को शासन-प्रशासन के स्तर पर कितना प्रभावी समाधान मिल पाता है।














