गाजीपुर। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 को नकलविहीन, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वेद सिंह चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट एवं केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि टीईटी-2026 की लिखित परीक्षा 2 और 3 जुलाई को दो-दो पालियों तथा 4 जुलाई को एक पाली में आयोजित होगी। जनपद के 18 परीक्षा केंद्रों पर प्रत्येक पाली में 7,392 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटे पहले केंद्र पर पहुंचकर रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए छह जोनल मजिस्ट्रेट, 18 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 18 स्टैटिक मजिस्ट्रेट और 18 केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती की गई है। साथ ही पर्याप्त पुलिस बल भी लगाया जाएगा। सभी अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों का पूर्व निरीक्षण कर बिजली, सीसीटीवी कैमरे, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कैलकुलेटर और अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूरी तरह वर्जित रहेगा। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नकल की शिकायत मिलने पर संबंधित केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर राकेश मिश्रा सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।














