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नोएडा पुलिस का बड़ा एक्शन: वाहन चोरी और मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार

नोएडा :नोएडा में लगातार हो रही मोबाइल स्नैचिंग और दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर को बड़ी सफलता मिली है। थाना सेक्टर-20 पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो चोरी की मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल कर नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में मोबाइल फोन लूटने और चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने इस कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो बाल अपचारियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिलें, तीन मोबाइल फोन, एक अवैध .315 बोर तमंचा तथा तीन अवैध चाकू बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और इनके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।


कैलाश कट के पास घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी

पुलिस के अनुसार सोमवार, 7 जुलाई 2026 को थाना सेक्टर-20 पुलिस टीम को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से सूचना मिली कि वाहन चोरी और मोबाइल स्नैचिंग करने वाले कुछ बदमाश सेक्टर-27 स्थित कैलाश कट के पास मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर कार्रवाई की और मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दानिश, अप्पू उर्फ संदीप, विकास, साहिल उर्फ शुभम, शरद सिंह देव तथा सूरज कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। इनके साथ दो नाबालिग भी गिरोह में शामिल पाए गए, जिन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।


पहले बाइक चोरी, फिर उसी से करते थे मोबाइल स्नैचिंग

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पहले विभिन्न इलाकों की रेकी करते थे। जहां भी बिना सुरक्षा के खड़ी मोटरसाइकिल मिलती, उसे चोरी कर लेते थे। बाद में इन्हीं चोरी की मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल कर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल स्नैचिंग और मोबाइल चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।

वारदात के बाद आरोपी चोरी की बाइक को कुछ समय तक इस्तेमाल करते और फिर उसे छोड़ देते या आगे बेचने की कोशिश करते थे, जिससे पुलिस के लिए उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था और वारदात से पहले इलाके की गतिविधियों पर लगातार नजर रखता था।


बरामदगी ने खोले कई मामलों के राज

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बरामद तीन मोटरसाइकिलों में दो वाहन पहले से दर्ज चोरी के मुकदमों से संबंधित पाए गए हैं। इसके अलावा तीन चोरी के मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं, जिनका संबंध थाना सेक्टर-20 में दर्ज मुकदमे से है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक .315 बोर का अवैध तमंचा और तीन अवैध चाकू भी बरामद किए हैं। हथियारों की बरामदगी के बाद आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ा दी गई हैं।


कम पढ़े-लिखे लेकिन अपराध में थे सक्रिय

गिरफ्तार अधिकांश आरोपी बेहद कम शिक्षित हैं। किसी ने दूसरी कक्षा तक, किसी ने पांचवीं तक पढ़ाई की है, जबकि एक आरोपी अनपढ़ है। पुलिस का कहना है कि कम उम्र में अपराध की दुनिया में प्रवेश करने के कारण ये लगातार संगठित अपराध में शामिल होते चले गए।

गिरोह में शामिल अधिकांश आरोपी नोएडा के अट्टा, निठारी और सोरखा क्षेत्रों में रहते थे, जबकि इनके मूल निवास बिहार के विभिन्न जिलों में हैं।


कई आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं गंभीर मुकदमे

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरोह के कई सदस्य पहले भी वाहन चोरी, मोबाइल स्नैचिंग, चोरी का माल रखने तथा आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में जेल जा चुके हैं।

विशेष रूप से अप्पू उर्फ संदीप, विकास और साहिल उर्फ शुभम के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। इन पर वाहन चोरी, मोबाइल स्नैचिंग और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप हैं। सूरज कुमार गुप्ता का नाम भी कई मामलों में सामने आया है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में पिछले कुछ समय से हुई कई वाहन चोरी और मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं का खुलासा होने की संभावना है।

इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस बना सफलता की बड़ी वजह

इस कार्रवाई में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय मुखबिर तंत्र के समन्वय से आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। इसके बाद सटीक सूचना मिलने पर योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर पूरे गिरोह को पकड़ लिया गया।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है, चोरी के मोबाइल और वाहनों को किन लोगों तक पहुंचाया जाता था तथा क्या इस गिरोह के अन्य सदस्य भी सक्रिय हैं।


अन्य वारदातों के खुलासे की उम्मीद

जांच अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में दर्ज कई लंबित वाहन चोरी और मोबाइल स्नैचिंग के मामलों का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क की भी जांच कर रही है।


पुलिस का संदेश—अपराधियों पर लगातार जारी रहेगा अभियान

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने कहा है कि वाहन चोरी, मोबाइल स्नैचिंग और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अपराधियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।

पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वाहन सुरक्षित स्थान पर पार्क करें, बेहतर लॉकिंग सिस्टम का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण बनाया जा सके।

फिलहाल गिरफ्तार सभी आरोपियों के विरुद्ध थाना सेक्टर-20 में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जबकि दो बाल अपचारियों के संबंध में किशोर न्याय अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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VIKAS TRIPATHI
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