“हिंडन क्षेत्र की कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन का मुद्दा फिर गरमाया, मुख्यमंत्री ने दिया सकारात्मक निर्णय का भरोसा”
पर्दाफाश समाचार | नोएडा
नोएडा विधानसभा क्षेत्र में किसानों और हिंडन क्षेत्र की कॉलोनियों से जुड़े बुनियादी सवाल एक बार फिर सत्ता के शीर्ष स्तर तक पहुंच गए हैं। नोएडा विधायक पंकज सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को उनके सामने रखा। इनमें सबसे प्रमुख मुद्दा हिंडन क्षेत्र की कॉलोनियों में लंबे समय से लंबित वैध विद्युत कनेक्शन का रहा।
विधायक की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मुलाकात के दौरान किसानों के हित, हिंडन क्षेत्र की कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन तथा क्षेत्र के विकास कार्यों और जनसमस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
31 अगस्त 2020 का आदेश, फिर भी समस्या जस की तस?
सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जिस समस्या को लेकर वर्ष 2020 में ही मुख्यमंत्री के स्तर पर विद्युत कनेक्शन काटने की कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए गए थे, वह समस्या आज भी पूरी तरह खत्म क्यों नहीं हुई?
पंकज सिंह ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि हिंडन क्षेत्र की कई कॉलोनियों में लंबे समय से नए बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया रुकी हुई है। इसका सीधा असर हजारों परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।
बिजली आज किसी भी परिवार के लिए विलासिता नहीं, बल्कि मूलभूत आवश्यकता है। ऐसे में वर्षों से वैध कनेक्शन के इंतजार में रह रहे परिवारों का सवाल केवल बिजली का नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली का भी है।
अवैध बिजली पर रोक और वैध कनेक्शन—दोनों जरूरी
विधायक ने मुख्यमंत्री के समक्ष यह भी बात रखी कि यदि पात्र परिवारों को वैध अथवा अस्थायी विद्युत कनेक्शन उपलब्ध करा दिए जाएं, तो इससे स्थानीय लोगों की परेशानियां कम होंगी और बिजली चोरी पर भी प्रभावी रोक लग सकती है।
यह तर्क अपने आप में महत्वपूर्ण है। आखिर जब किसी क्षेत्र में हजारों परिवार बिजली की जरूरत में हैं, तो व्यवस्था के सामने दो रास्ते होते हैं—या तो समस्या को लंबा खींचा जाए या फिर नियम-कानून के दायरे में समाधान का रास्ता निकाला जाए।
बिजली चोरी पर कार्रवाई जरूरी है, लेकिन उसके साथ यह भी देखना होगा कि वैध कनेक्शन पाने के इच्छुक परिवारों के लिए रास्ता आखिर बंद क्यों है?
सरकार के राजस्व का भी सवाल
मामले का दूसरा पहलू सरकारी राजस्व से जुड़ा है। यदि परिवारों को वैध बिजली कनेक्शन मिलते हैं तो वे बिजली बिल का भुगतान करेंगे। यानी समस्या का समाधान केवल जनता को राहत देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
यही वजह है कि इस मुद्दे को केवल स्थानीय विद्युत समस्या मानकर छोड़ देना शायद उचित नहीं होगा।
आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री, आदरणीय श्री @myogiadityanath जी से शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान अपने विधानसभा क्षेत्र के अन्नदाताओं (किसानों) के हितों, हिंडन क्षेत्र की कॉलोनियों में विद्युत कनेक्शन देने तथा क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों व जन-समस्याओं… pic.twitter.com/sTICXUylr1
— Pankaj Singh (@PankajSinghBJP) September 9, 2026
मुख्यमंत्री से मिला आश्वासन, अब अमल का इंतजार
बताया गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक पंकज सिंह की ओर से उठाए गए सभी विषयों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया।
अब असली परीक्षा आश्वासन की नहीं, बल्कि उसके जमीन पर उतरने की है।
क्योंकि हिंडन क्षेत्र की कॉलोनियों में रहने वाले परिवारों के लिए यह मामला कागजों और बैठकों से कहीं आगे का है। उन्हें बिजली चाहिए, वह भी कानूनी और स्थायी व्यवस्था के तहत।
पर्दाफाश का सवाल
यहां सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर सरकार और जनप्रतिनिधि समस्या के समाधान के पक्ष में हैं, तो फिर वर्षों से अटकी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में बाधा कहां है?
क्या संबंधित विभागों के बीच तालमेल की कमी है?
क्या नियमों की आड़ में फाइलें अटक रही हैं?
या फिर स्थानीय स्तर पर इच्छाशक्ति की कमी समस्या को जिंदा रखे हुए है?
मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचने के बाद अब निगाहें शासन और संबंधित विभाग पर हैं। विधायक की पहल के बाद यदि हिंडन क्षेत्र के पात्र परिवारों को वास्तव में वैध विद्युत कनेक्शन मिलते हैं, तभी इस मुलाकात को जमीन पर असर डालने वाली पहल माना जाएगा।
फिलहाल मुख्यमंत्री के आश्वासन ने वर्षों से बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे परिवारों में उम्मीद जरूर जगाई है। अब देखना यह है कि यह उम्मीद सरकारी आदेश बनती है या फिर एक और आश्वासन बनकर फाइलों में दब जाती है।














