“मुख्य प्रशासनिक भवन स्थानांतरित, लेकिन ऑनलाइन सेवा केंद्र अब भी सेक्टर-6 में”
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण का मुख्य प्रशासनिक कार्यालय करीब एक माह पहले सेक्टर-6 से स्थानांतरित होकर अत्याधुनिक मुख्य प्रशासनिक भवन सेक्टर-96 में संचालित हो चुका है। हालांकि, प्राधिकरण से जुड़े आवेदन एवं दस्तावेजों को ऑनलाइन करने वाला विभाग अभी भी सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में ही संचालित हो रहा है। इस व्यवस्था के कारण किसानों, भू-स्वामियों और आम नागरिकों को एक ही कार्य के लिए दो अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर सोमवार को ग्राम विकास संगठन ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए ऑनलाइन विभाग को भी तत्काल सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन में स्थानांतरित करने की मांग उठाई।
ग्राम विकास संगठन के संयोजक डीपी चौहान के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जनसुनवाई केंद्र, मुख्य प्रशासनिक भवन सेक्टर-96 में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा। संगठन का कहना है कि यदि मुख्य कार्यालय सेक्टर-96 में स्थानांतरित हो चुका है तो ऑनलाइन आवेदन एवं दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था भी वहीं होनी चाहिए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
‘दो-दो जगहों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं किसान’
ज्ञापन के दौरान ग्राम विकास संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने बताया कि पहले जब नोएडा प्राधिकरण का मुख्य कार्यालय सेक्टर-6 में था, तब ऑनलाइन केंद्र का वहीं होना सुविधाजनक था। लेकिन अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में यदि किसी किसान या आम नागरिक को प्राधिकरण से संबंधित किसी फाइल पर कार्रवाई करानी हो, तो पहले उसे दस्तावेज ऑनलाइन कराने के लिए सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र जाना पड़ता है। इसके बाद संबंधित विभाग में कार्य कराने के लिए सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन पहुंचना होता है। इससे समय की बर्बादी के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
अशोक चौहान ने कहा कि यह व्यवस्था न केवल असुविधाजनक है बल्कि डिजिटल सुविधा के मूल उद्देश्य के भी विपरीत है। यदि सभी विभाग एक ही परिसर में होंगे तो नागरिकों को अधिक राहत मिलेगी।
संगठन ने बताई आम जनता की व्यावहारिक समस्याएं
ग्राम विकास संगठन ने ज्ञापन में कहा कि वर्तमान व्यवस्था से सबसे अधिक प्रभावित किसान, ग्रामीण क्षेत्र के निवासी, वरिष्ठ नागरिक और दूर-दराज से आने वाले लोग हैं। उन्हें पहले सेक्टर-6 जाकर दस्तावेज ऑनलाइन कराने पड़ते हैं और फिर सेक्टर-96 पहुंचकर संबंधित अधिकारी से मिलना पड़ता है।
संगठन का कहना है कि कई बार दस्तावेजों में त्रुटि होने पर नागरिकों को दोबारा सेक्टर-6 जाना पड़ता है, जिससे पूरे दिन का समय खराब हो जाता है। इसके अलावा ऑटो, टैक्सी और अन्य परिवहन साधनों पर अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ता है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि ऑनलाइन विभाग मुख्य प्रशासनिक भवन में स्थानांतरित हो जाए तो एक ही स्थान पर सभी कार्य पूरे हो सकेंगे और नागरिकों को राहत मिलेगी।
‘डिजिटल सुविधा तभी सार्थक होगी जब सेवाएं एक ही परिसर में मिलें’
अशोक चौहान ने कहा कि सरकार लगातार डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने की बात करती है। ऐसे में नागरिकों को एक ही सेवा के लिए अलग-अलग स्थानों पर भेजना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दस्तावेज, आवेदन, सत्यापन और संबंधित विभागों की कार्यवाही यदि एक ही भवन में होगी तो कार्यों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और समय की बचत भी होगी। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच समन्वय भी बेहतर होगा।
वंदना त्रिपाठी को सौंपा ज्ञापन
ग्राम विकास संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि इंदिरा गांधी कला केंद्र सेक्टर-6 में संचालित ऑनलाइन विभाग को शीघ्रातिशीघ्र सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन में स्थानांतरित किया जाए।
संगठन ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं होगा, बल्कि हजारों किसानों, भू-स्वामियों और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष राहत देने वाला निर्णय साबित होगा।
किसानों का समय और पैसा दोनों बचेंगे
संगठन के अनुसार यदि ऑनलाइन केंद्र सेक्टर-96 में स्थापित हो जाता है तो लोगों को दो स्थानों पर जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। इससे—
- आने-जाने का अतिरिक्त खर्च कम होगा।
- समय की बचत होगी।
- एक ही परिसर में सभी औपचारिकताएं पूरी हो सकेंगी।
- वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को विशेष सुविधा मिलेगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों को राहत मिलेगी।
- प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।
संगठन का मानना है कि यह कदम नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
जनसुविधा के अनुरूप हो प्रशासनिक व्यवस्था
ग्राम विकास संगठन ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक बदलाव का उद्देश्य जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए। यदि मुख्य कार्यालय बदल गया है तो उससे जुड़ी सहायक सेवाओं का भी उसी स्थान पर उपलब्ध होना आवश्यक है।
संगठन ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में लोग भ्रमित हो जाते हैं कि उन्हें किस कार्य के लिए कहां जाना है। कई बार जानकारी के अभाव में लोग पहले सेक्टर-96 पहुंचते हैं, फिर उन्हें ऑनलाइन दस्तावेज कराने के लिए सेक्टर-6 भेजा जाता है। इससे लोगों में असंतोष बढ़ता है।
प्राधिकरण से जल्द निर्णय लेने की मांग
ग्राम विकास संगठन ने उम्मीद जताई कि नोएडा प्राधिकरण जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगा। संगठन का कहना है कि यदि ऑनलाइन विभाग को मुख्य प्रशासनिक भवन में स्थानांतरित कर दिया जाता है तो इससे न केवल नागरिकों की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली भी अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनेगी।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट कहा कि नोएडा जैसे आधुनिक शहर में नागरिकों को एक ही कार्य के लिए दो अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाना पड़ना उचित नहीं है। इसलिए ऑनलाइन विभाग को शीघ्र सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन में स्थानांतरित किया जाना समय की मांग है।
मुख्य बिंदु
- ग्राम विकास संगठन ने नोएडा प्राधिकरण को सौंपा ज्ञापन।
- डीपी चौहान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अपर सीईओ वंदना त्रिपाठी से की मुलाकात।
- राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने रखीं किसानों और आम जनता की समस्याएं।
- ऑनलाइन विभाग अभी भी सेक्टर-6 में संचालित होने से लोगों को हो रही परेशानी।
- ऑनलाइन सेवा केंद्र को सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन में स्थानांतरित करने की उठी मांग।
- संगठन का दावा—एक ही परिसर में सभी सेवाएं मिलने से समय, धन और श्रम की होगी बचत।














