गाजीपुर। गहमर थाना क्षेत्र के रामपुर घाट से मंगलवार देर रात पशुओं से लदी दो नावों को पीछा कर पकड़ने का मामला सामने आया है। करीब 18 किलोमीटर पीछा करने के बाद मुबारकपुर घाट के पास गंगा के बीच तीनों नावों में टक्कर हो गई। हादसे में पीछा कर रहा नाविक घायल हो गया। टक्कर के बाद दोनों नावों पर सवार लोग अंधेरे का फायदा उठाकर गंगा में कूदकर फरार हो गए। पुलिस ने दोनों नावों को कब्जे में लेकर करीब 60 पशुओं को बरामद किया है। सभी पशुओं को सुरक्षित गौ आश्रय भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, रात करीब 11 बजे रामपुर घाट के पास एक नाविक ने गंगा में दो नावों को जाते देखा। दोनों नावों पर बड़ी संख्या में पशु लदे थे। संदेह होने पर नाविक ने अपनी नाव से उनका पीछा शुरू कर दिया। करीब 18 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद रात लगभग एक बजे मुबारकपुर घाट के पास गंगा के बीच तीनों नावों में टक्कर हो गई। हादसे में नाविक घायल हो गया।
टक्कर के बाद पशुओं से लदी नावें कुछ देर तक अनियंत्रित होकर गंगा में घूमती रहीं। इसी दौरान उन पर सवार लोग अंधेरे का फायदा उठाकर नदी में कूद गए और फरार हो गए। घायल नाविक ने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर प्राथमिक उपचार कराया। इसके बाद उसने साथियों की मदद से दोनों नावों को शेरपुर घाट तक पहुंचाया। रात करीब दो बजे पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
एसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि दोनों नावों से करीब 60 पशु बरामद हुए हैं, जिन्हें गौ आश्रय भेज दिया गया है। अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस दोनों नावों के स्वामियों की पहचान, पशुओं के स्रोत और गंतव्य की जांच कर रही है। नावों पर कितने लोग सवार थे, इसकी भी पुष्टि की जा रही है। नावों के मालिकों से कड़ाई से पूछताछ में पशु तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में पशुओं को नावों के जरिए गंगा पार ले जाने का मामला सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।














