नई दिल्ली/गुवाहाटी। बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चल रही जुबानी जंग अब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा तक पहुंच गई है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बीच शुरू हुई तीखी बयानबाजी में सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, सरमा ने पूरे विवाद में सीधे तौर पर किसी पक्ष का समर्थन करने के बजाय पवन खेड़ा के साथ जुड़े पुराने कानूनी विवाद का जिक्र करते हुए ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है।
पवन खेड़ा के ट्वीट से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, पूरे विवाद की शुरुआत कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। खेड़ा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तारीफ करते हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों किरेन रिजिजू तथा गिरिराज सिंह पर निशाना साधा।
पवन खेड़ा ने अपने पोस्ट में राहुल गांधी के तैराकी वाले संदर्भ का इस्तेमाल करते हुए बीजेपी नेताओं पर कटाक्ष किया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी की राजनीतिक सक्रियता से बीजेपी के नेताओं पर इतना दबाव है कि उन्हें लगातार प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
खेड़ा ने अपने पोस्ट में गिरिराज सिंह को लेकर भी तंज कसा और कहा कि राहुल गांधी ने बीजेपी नेताओं का ऐसा हाल कर दिया है कि उन्हें खुद को लेकर तरह-तरह की सफाई देनी पड़ रही है। कांग्रेस नेता का यह हमला देखते ही देखते राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया।
Dear Pawan Khera, I’ll report to CM Himanta Biswa Sarma ji about your indiscipline conduct if you talk about half-naked swimming. Do you swim with full suit & coat?
You are a 1st term MP, nominated by your party in Rajya Sabha & I’ve fought 8 elections so far. That doesn’t give… https://t.co/iUARG6V240— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 25, 2026
किरेन रिजिजू ने दिया करारा जवाब
पवन खेड़ा के बयान पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया। रिजिजू ने खेड़ा के तंज का जवाब देते हुए उनके पहनावे और तैराकी से जुड़े बयान पर सवाल खड़ा किया।
रिजिजू ने कहा कि क्या पवन खेड़ा सूट-कोट पहनकर तैरते हैं? उन्होंने खेड़ा के बयान को अनुशासनहीन और अभद्र टिप्पणी बताते हुए उन्हें मर्यादा में रहने की नसीहत दी।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पवन खेड़ा पहली बार के सांसद हैं, जिन्हें उनकी पार्टी ने राज्यसभा के लिए नामित किया है, जबकि वह खुद अब तक आठ चुनाव लड़ चुके हैं। रिजिजू ने साफ शब्दों में कहा कि चुनावी अनुभव या राजनीतिक पद किसी को भी बिना वजह बदतमीजी करने का अधिकार नहीं देता।
रिजिजू के इस जवाब के बाद सोशल मीडिया पर बीजेपी और कांग्रेस समर्थकों के बीच भी बहस तेज हो गई। दोनों पक्षों के समर्थक अपने-अपने नेताओं के बयानों को सही ठहराते नजर आए।
अब विवाद में हिमंता बिस्वा सरमा की एंट्री
इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच जब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से पवन खेड़ा और किरेन रिजिजू के बीच चल रहे विवाद को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिया।
VIDEO | Delhi: Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma on Congress leader Pawan Khera says, “Pawan Khera had a very good conversation with the Guwahati Police. He has said whatever he had to say, both on video and audio. So, I do not want to discuss this matter much. Wherever he… pic.twitter.com/9pbZfqYcHz
— Press Trust of India (@PTI_News) August 25, 2026
सीएम सरमा ने कहा कि पवन खेड़ा की गुवाहाटी पुलिस के साथ पहले ही बहुत अच्छी बातचीत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि खेड़ा को जो कुछ कहना था, वह वीडियो और ऑडियो दोनों में कह चुके हैं।
हिमंता बिस्वा सरमा ने आगे कहा कि वह इस मामले पर ज्यादा बात नहीं करना चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि पवन खेड़ा जहां भी हैं, वह उनके अच्छे की कामना करते हैं, लेकिन उनके सभी बयान असम में रिकॉर्ड किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि वह इस मामले में और आगे नहीं पड़ना चाहते। हालांकि, उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में पवन खेड़ा के साथ चल रहे पुराने विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है।
पवन खेड़ा और हिमंता सरमा का पुराना विवाद फिर चर्चा में
हिमंता बिस्वा सरमा और पवन खेड़ा के बीच यह कोई पहला टकराव नहीं है। दोनों के बीच पहले भी कानूनी विवाद सामने आ चुका है।
पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी से जुड़े विदेशी पासपोर्ट और अन्य आरोपों को लेकर सवाल उठाए थे। बाद में इन आरोपों को लेकर विवाद बढ़ गया और असम पुलिस ने पवन खेड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया।
इस मामले में खेड़ा गुवाहाटी पुलिस के सामने पूछताछ के लिए पेश भी हो चुके हैं। यही वजह है कि अब जब असम के मुख्यमंत्री ने पवन खेड़ा के ताजा विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए गुवाहाटी पुलिस का जिक्र किया, तो उनके बयान को पुराने कानूनी विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
‘सभी बयान असम में रिकॉर्ड हुए हैं’—सरमा के बयान के मायने
हिमंता बिस्वा सरमा का यह कहना कि पवन खेड़ा के सभी बयान असम में रिकॉर्ड किए गए हैं, राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भले ही सीधे तौर पर खेड़ा को कोई नई चेतावनी नहीं दी, लेकिन उनके बयान में पुराने पुलिस मामले का स्पष्ट संकेत नजर आया।
सरमा ने यह भी कहा कि वह इस मामले में आगे नहीं पड़ना चाहते। इसके बावजूद उनके बयान ने बीजेपी-कांग्रेस की सोशल मीडिया लड़ाई को एक नया राजनीतिक आयाम दे दिया है।
सोशल मीडिया पर बढ़ी सियासी गर्मी
पवन खेड़ा और किरेन रिजिजू की एक्स पर शुरू हुई बहस केवल दो नेताओं तक सीमित नहीं रही। दोनों दलों के समर्थकों ने भी इस मुद्दे पर अपने-अपने तर्क सामने रखे। कांग्रेस ने जहां खेड़ा के बयान को बीजेपी पर राजनीतिक कटाक्ष बताया, वहीं बीजेपी नेताओं ने इसे राजनीतिक मर्यादा से जुड़ा मामला बताया।
रिजिजू ने अपने जवाब में अनुभव और राजनीतिक शिष्टाचार का हवाला दिया, जबकि खेड़ा पहले ही राहुल गांधी को लेकर बीजेपी पर हमला बोल चुके थे। अब हिमंता बिस्वा सरमा के बयान के बाद यह विवाद और अधिक चर्चा में आ गया है।
राहुल गांधी के नाम पर शुरू हुई बहस का दायरा बढ़ा
गौर करने वाली बात यह है कि विवाद की शुरुआत राहुल गांधी को लेकर पवन खेड़ा की टिप्पणी से हुई थी। कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी की राजनीतिक शैली और उनके प्रभाव को लेकर बीजेपी नेताओं पर निशाना साधा था। इसके जवाब में किरेन रिजिजू ने व्यक्तिगत टिप्पणी की भाषा पर आपत्ति जताई।
इसके बाद असम के मुख्यमंत्री का नाम सामने आया और पुराना पुलिस-कानूनी विवाद भी फिर चर्चा में आ गया। इस तरह एक सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुई राजनीतिक बहस अब राहुल गांधी, किरेन रिजिजू, पवन खेड़ा और हिमंता बिस्वा सरमा तक पहुंच गई है।
बयानबाजी के बीच सियासी संदेश साफ
पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि बीजेपी और कांग्रेस के बीच सोशल मीडिया पर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तीखी होती जा रही है। एक ओर कांग्रेस नेता बीजेपी पर राहुल गांधी को लेकर निशाना साध रहे हैं, तो दूसरी ओर बीजेपी नेता कांग्रेस नेताओं की भाषा और राजनीतिक मर्यादा पर सवाल उठा रहे हैं।
हिमंता बिस्वा सरमा ने इस विवाद में सीधे तौर पर लंबी राजनीतिक बहस करने से इनकार किया, लेकिन गुवाहाटी पुलिस और पवन खेड़ा के पुराने मामले का उल्लेख कर उन्होंने संकेत जरूर दे दिया कि यह विवाद उनके लिए पूरी तरह नया नहीं है।
फिलहाल, पवन खेड़ा और किरेन रिजिजू के बीच एक्स पर शुरू हुई जुबानी जंग ने बीजेपी-कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस की ओर से हिमंता बिस्वा सरमा के बयान पर कोई नया जवाब आता है या यह विवाद यहीं थम जाता है।














