गाजीपुर – जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गोआश्रय स्थलों से संबंधित जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गोआश्रय स्थलों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी गोआश्रय स्थलों की तारबंदी कराने के निर्देश दिए, ताकि संरक्षित गोवंश सुरक्षित रह सकें। इसके साथ ही गोसेवकों और रात्रि चौकीदारों को मनरेगा की दर से मासिक भुगतान किए जाने का निर्णय लिया गया, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति और कार्यकुशलता सुनिश्चित हो सके।
बैठक के दौरान कई गोआश्रय स्थलों पर हरे चारे की कमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे चारा उगाने वाले किसानों से अनुबंध कर दो दिनों के भीतर हरे चारे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
इसके अलावा, जिला पंचायत राज अधिकारी को सभी अवशेष गोआश्रय स्थलों में तत्काल सीसीटीवी कैमरे और वाई-फाई लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि निगरानी व्यवस्था मजबूत हो सके और पारदर्शिता बनी रहे।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद कुमार शाही ने बताया कि 15 अप्रैल 2026 से जिले में भूसा संग्रहण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आगामी छह महीनों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए दान और क्रय के माध्यम से भूसा एकत्र किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सरोज, परियोजना निदेशक दीन दयाल वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे गोआश्रय स्थलों की नियमित निगरानी कर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाएं, जिससे गोवंशों के संरक्षण और देखभाल में किसी प्रकार की कमी न रहे।














