गाजीपुर – जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने मंगलवार को मनिहारी विकासखंड कार्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) सहित कई कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
विकासखंड कार्यालय में साफ-सफाई, अभिलेखों का रख-रखाव, आईजीआरएस, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना की फीडिंग की जांच की गई। बीडीओ अनुशासनहीनता और फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके चलते उनका वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। साथ ही, उपजिलाधिकारी जखनियां को क्षेत्र पंचायत के पांच कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। परिसर के सौंदर्याकरण को तीन माह में पूरा करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया।
इसके बाद सीएचसी मनिहारी के निरीक्षण में ओपीडी, इमरजेंसी, दवा वितरण, प्रसूति कक्ष और लैब की स्थिति का जायजा लिया गया। यहां स्टाफ नर्सों को छोड़कर अधिकांश डॉक्टर और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने सभी अनुपस्थित कर्मियों का वेतन तत्काल रोकने और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।














