“विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को नई गति, जेवर क्षेत्र बना आधुनिक सार्वजनिक परिवहन का मॉडल”
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क में गुरुवार को एक ऐसा ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जो केवल बसों के संचालन की शुरुआत नहीं बल्कि गौतमबुद्धनगर को भविष्य की हरित परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने लखनऊ से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के लिए लगभग 110 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का शुभारंभ किया। इनमें यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के लिए 11 इलेक्ट्रिक और 3 हाइड्रोजन बसों का संचालन विशेष रूप से शुरू किया गया।
यह पहल ऐसे समय में हुई है जब देश का सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट माने जाने वाला Noida International Airport अपने संचालन की ओर तेजी से बढ़ रहा है। एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करना सरकार की दूरदर्शी योजना का हिस्सा माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने आधारभूत संरचना, निवेश और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि जेवर का नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भविष्य में न केवल यात्रियों के लिए बल्कि देश के सबसे महत्वपूर्ण कार्गो हब के रूप में भी विकसित होगा। ऐसे में इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन आधारित परिवहन व्यवस्था प्रदेश की नई पहचान बनेगी।
सिर्फ बस सेवा नहीं, बल्कि लाखों लोगों की जीवनशैली में बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ उन विद्यार्थियों, किसानों, श्रमिकों, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों को मिलेगा जो प्रतिदिन नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र के बीच आवागमन करते हैं।
अब तक निजी वाहनों या सीमित सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहने वाले लोगों को कम लागत, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का विकल्प मिलेगा। इससे क्षेत्र में रोजगार, शिक्षा और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है।
कार्यक्रम के दौरान हजारों लोगों ने यीडा सेक्टर-28 से नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक इलेक्ट्रिक एवं हाइड्रोजन बसों में यात्रा कर इस आधुनिक सुविधा का अनुभव किया। यात्रियों ने बसों की आधुनिक सुविधाओं, आरामदायक सफर और पर्यावरण अनुकूल तकनीक की सराहना की।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
वायु प्रदूषण और बढ़ते कार्बन उत्सर्जन की चुनौती के बीच इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन बसों का संचालन उत्तर प्रदेश सरकार की हरित विकास नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार एक इलेक्ट्रिक बस प्रतिवर्ष हजारों लीटर डीजल की बचत कर सकती है, जबकि हाइड्रोजन बसें लगभग शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथ भविष्य के परिवहन मॉडल के रूप में देखी जा रही हैं। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा लाभ
जेवर एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया जा रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट तक आसान और किफायती सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होना उसकी सफलता की प्रमुख शर्तों में से एक माना जाता है।
इलेक्ट्रिक एवं हाइड्रोजन बसों का यह नेटवर्क यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचाने के साथ-साथ आसपास विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी, लॉजिस्टिक हब, औद्योगिक सेक्टरों और आवासीय क्षेत्रों को भी जोड़ेगा। इससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक-हाइड्रोजन बसों की सौगात, अब जेवर एयरपोर्ट पहुँचना होगा और भी आसान! pic.twitter.com/zJTJ8b3aMh
— Dhirendra Singh (@DhirendraGBN) June 12, 2026
विधायक धीरेन्द्र सिंह ने बताया विकास का नया अध्याय
इस अवसर पर धीरेन्द्र सिंह, यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी Rakesh Kumar Singh तथा अन्य अधिकारियों ने स्वयं इलेक्ट्रिक बस से नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक यात्रा कर व्यवस्था का निरीक्षण किया।
जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि गौतमबुद्धनगर आज हरित, आधुनिक और भविष्य उन्मुख परिवहन व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक एवं हाइड्रोजन बसों का संचालन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और किफायती परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा क्षेत्र के विकास और नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में जेवर क्षेत्र देश के सबसे आधुनिक और योजनाबद्ध शहरी क्षेत्रों में शामिल होगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
* जेवर एयरपोर्ट तक सार्वजनिक परिवहन की मजबूत शुरुआत।
* नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र की बेहतर कनेक्टिविटी।
* विद्यार्थियों, किसानों, कर्मचारियों और यात्रियों को सीधा लाभ।
* डीजल आधारित परिवहन पर निर्भरता में कमी।
* कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण नियंत्रण में मदद।
* एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों को नई गति।
* “विकसित उत्तर प्रदेश” और “ग्रीन मोबिलिटी” के लक्ष्य को मजबूती।
जेवर क्षेत्र में इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन बसों का संचालन केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के बदलते विकास मॉडल की झलक है। यह पहल दर्शाती है कि सरकार अब केवल सड़क और इमारतें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक और आमजन की सुविधा को केंद्र में रखकर भविष्य के शहरों की नींव तैयार कर रही है। नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के संचालन से पहले शुरू हुई यह हरित परिवहन व्यवस्था आने वाले समय में गौतमबुद्धनगर को देश के सबसे आधुनिक और टिकाऊ शहरी क्षेत्रों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।














